जलस्तर वृद्धि से पलायन

फर्जी पत्रकार पिटाया

युवक की लाश मिली

डूबकर बच्चे की मौत

धारा बदलने से मुश्किल

डेढ़ सौ भेड़ की मौत

डायरिया का कहर

2.65 हजार की लूट

आलमनगर बाढ़ का जायजा

BNMU: नंग-धडंग प्रदर्शन

इंडो-नेपाल बॉर्डर सील

रेलवे ट्रैक में कटाव

अधिकारी निकले सुरक्षित

हॉली क्रॉस में वृक्षारोपण

दो फिल्मों का मुहूर्त संपन्न

NH का लिया जायजा

नाव पर कोसी में फंसे

कुचलकर किशोर की मौत

महापंचायत का फैसला

अनुपम:CA में सफलता

नप में अविश्वास प्रस्ताव

रेल सेवा बंद का असर

बराज उड़ाने की धमकी

पहली सोमवारी को उमड़ी भीड़

नहर टूटा, फसल बर्बाद

खारो बाँध टूटा

मनोकामनापूर्ण पहली सोमवारी

ठगी का उद्भेदन

जिन्दगी और मौत के बीच

बुधवार, 27 जुलाई 2016

कोसी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे लोग

सुपौल  जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कोसी का कहर लगातार जारी है. सावन माह को प्रारंभ हुए अभी दस दिन भी नहीं बीते हैं कि कोसी नदी पूरे उफान पर पहुंच गयी है. नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मंगलवार की रात कोसी का अब तक का सर्वाधिक डिस्चार्ज 02 लाख 85 हजार 350 क्यूसेक दर्ज किया गया. हालांकि बुधवार को कोसी के जलस्राव में थोड़ी कमी आयी है. बावजूद कोसी बराज पर अपराह्न 04 बजे कोसी का डिस्चार्ज 02 लाख 38 हजार 510 क्यूसेक दर्ज किया गया. जबकि नेपाल स्थित बराह क्षेत्र से 01 लाख 74 हजार 550 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
     जलस्राव में जारी वृद्धि की वजह से जिले के कोसी प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ने लगी है. कोसी की तेज धारा की वजह से अब तक सुपौल, सरायगढ़, किसनपुर, निर्मली, मरौना प्रखंड अंतर्गत प्रभावित गांव के सैकड़ों घर कोसी में समा चुके हैं. वहीं हजारों लोगों ने घर-बार छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले लिया है. तटबंध के भीतर बसे दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों के समक्ष भोजन, पशु चारा व अन्य कई प्रकार के समस्या उत्पन्न हो गयी है. हालांकि सरकार व प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों की भरपूर मदद का दावा किया जा रहा है. प्रशासन द्वारा मरौना, निर्मली व सरायगढ़ जैसे स्थानों पर आश्रय स्थल की स्थापना भी की गयी है. लेकिन हकीकत है कि तटबंध के भीतर बसे हजारों लोग आज भी बाढ़ के भीषण कहर से कराह रहे हैं.

सदर प्रखंड का दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में: कोसी की बाढ़ विभिषिका ने सदर प्रखंड के दर्जनों गांव को अपने आगोश में समा लिया है. प्रखंड क्षेत्र के 08 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं. जिसमें घूरण का घीवक, गोपालपुर सिरे का चंदैल व मरीचा, बैरिया का मुंगरार, चकला, डभारी, बसबिट्टी का भुराही, मुशहरनियां, रामदतपट्टी का नेमुआ, बकौर का परसौनी, बलवा का बेला,लालगज, सुकेला, डुमरिया, नरहैया, पिपराहरी आदि गांव शामिल है. जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद इन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वहीं कई गांव चारों ओर से पानी से घिर चुके हैं.

तटबंध व स्परों पर विस्थापितों ने लिया शरण:  बाढ़ के कहर की वजह से प्रभावित क्षेत्र के लोग अब सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. नदी की तेज धारा से किसी प्रकार सुरक्षित बाहर निकले लोगों ने तटबंध व स्परों पर शरण लेना प्रारंभ कर दिया है. जहां उन्हें खुले आकाश के नीचे जीवन बसर करना पड़ रहा है. घूरण पंचायत के सरपंच सुरेंद्र यादव, पंसस मो साहेब जान आदि ने बताया कि कोसी के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिये प्रशासन द्वारा अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. नतीजा है कि लोग जान जोखिम मे डाक कर माल-मवेशी के साथ प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं. बाढ़ प्रभावित गांव सुकैला, बलवा आदि का भी बुरा हाल है. बलवा निवासी संतोष यादव, सुकैला निवासी विंदेश्वरी यादव, घूरण निवासी मो सहादत, खुखनाहा निवासी राम बहादुर यादव आदि ने बताया कि कोसी प्रभावित क्षेत्र में सबसे अधिक समस्या नाव की कमी की वजह से हो रही है. लोगों के घर आंगन व खेत-खलिहान जल मग्न हो चुके हैं. फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. वहीं कई गांव में कोसी का कटाव भी जारी है. जिसके कारण बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें और भी बढ़ गयी है.

मधेपुरा: अवैध वसूली करते फर्जी पत्रकार पकड़ाया, पिटाई

एक तो मधेपुरा के कई पत्रकार वैसे ही पत्रकारिता कम और दलाली और उगाही के लिए अधिक जाने जाते हैं, पर क्या हो जब कैमरे और चैनल के लोगो के साथ वसूली के आरोप में किसी पत्रकारनुमा व्यक्ति की पिटाई हो जाय ?
       जी हाँ, मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड में आज ऐसा ही कुछ हुआ. बताया जाता है कि ये ‘फर्जी’ पत्रकार विगत दो-तीन दिनों से पत्रकारों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ स्कूलों में घूमकर जांच पड़ताल में कमी निकालकर राशि वसूल कर रहे थे. पर दाव तब उल्टा पड़ गया जब ‘पत्रकार’ महोदय प्रखंड के मध्य विद्यालय भरतपुर बासा अवैध वसूली करने पहुँच गए. हेडमास्टर रंजीत राम ने इसकी सूचना प्रखंड प्राथमिक नियोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू को दी. बताते हैं कि ये लोग पहुंचकर जब मधेपुरा के अन्य कुछ पत्रकारों की मदद से जांच करने लगे तो कथित पत्रकार की पोल खुल गई.
    फर्जी पत्रकार अररिया जिले से जुड़े थे. बीच वहां महोदय के साथ मारपीट भी हो गई और इन्हें थाना को सौंप दिया गया. हालांकि बाद में इनके खिलाफ लिखित आवेदन नहीं दिए जाने के कारण इन्हें छोड़े जाने की सूचना है.   (नि.सं.)

मधेपुरा: रेलवे ट्रैक के पास मिले युवक की हथकटी लाश पर सस्पेंस

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थानाक्षेत्र में मीरगंज रेलवे गेट के पास एक गड्ढे में मिली युवक की लाश के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई. बाद में युवक की पहचान कर ली गई.
       मिली जानकारी के अनुसार कल मंगलवार को मीरगंज रेलवे गेट नंबर 71/बी से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर एक   कंधे  के  पास से कटे हुए  हाथ को देखकर लोगों या चर्चा थी कि इसे कही से कुत्तों आदि ने  लाया होगा, क्योंकि आस-पास कहीं कोई मानव शरीर नहीं  पाया गया.  पर आज जब अहले सुबह लोग शौच और खलिहान जाने के  लिए  घरों से निकले तो बगलमें रेलवे के पीलर संख्या 59/8 के  पास पानी से  लबालब भरे गढ्ढे में एक युवक की लाश तैरती हुई मिली. 
        सूचना पर जब तक बनमनखी जी आर पी  थाना के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच पाते,  इसी बीच मृतक के  पिता मो सफरूद्दीन ने वहाँ पहुँच  कर मृतक  की शिनाख्त अपने  दूसरे  पुत्र  के रूप मे की  और बताया कि  मृतक का नाम मो. नोलेज (उम्र  अठारह वर्ष) है.  मृतक के पिता का कहना था कि उनका बेटा पंजाब  से  घर लौट  रहा  था. सफरूद्दीन ने अपना घर पूर्णियां जिले के वीर नगर  बिषहरिया के  पास तकिया टोला, बैजू पट्टी वार्ड  नंबर  चार बताया और कहा कि उसका  पुत्र अपने दो साथी  के साथ  लौट  रहा  था . हालाँकि मृतक के  पिता  ने बताया कि  उसके  साथी  का नाम  याद  नहीं  आ रहा  है.
     मामला सन्देहास्पद तब प्रतीत होने लगा जब वहाँ  के  चौकीदार परमानंद ने मृतक  के  पिता को लाश के  जेब  से  मोबाइल निकल कर वहाँ  से  जाने की कोशिश करते देखा.  समाचार प्रेषण तक चौकीदार ने मृतक के पिता को वहाँ  जी आर पी  के आने तक रोक कर रखा था.

खेलने के दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चे की मौत

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड अंतर्गत फुलौत में खेलने के दौरान एक बच्चे की मौत डूबने से हो गई.
    मिली जानकारी के अनुसार फुलौत पश्चिमी पंचायत के वार्ड नं. 02 निवासी  विभीषण यादव का पुत्र मंगलवार को खेलने के दौरान ही घर के पास से गायब हो गया था. परिजन कल से ही बच्चे को ढूंढ रहे थे. पर आज सुबह घर से करीब ही  हाहा धार के पास बाढ़ के पानी में बच्चे की लाश मिली.
    आशंका है कि बच्चे की मौत खेलने के दौरान डूबने से हुई है.

मधेपुरा: बलुआहा नदी ने बदली धारा, कई घर चपेट में

मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल मंगलवार की शाम को मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र के रामपुर पंचायत के वार्ड नं. 6 आदिवासी टोले में बलुवाहा नदी की धारा में परिवर्तन के कारण बाढ़ की चपेट में आये कई घरों को देखने गए.
    पीड़ित परिवार से  मिलने के बाद उनके साथ मौजूद अंचलाधिकारी मुरलीगंज तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी और कनीय अभियंता को  उन्होंने कटाव को रोकने के लिए बाँस की पाईलिंग के  साथ बोरी मे बालू  भर कर रक्षात्मक कदम उठाने को कहा.  
        डीएम ने अंचलाधिकारी को प्रत्येक पीड़ितों को आपदा विभाग की ओर से चार हजार  रूपये आवास और तीन हजार एक सौ रूपये खाद्यान्न के लिए फ़ौरन वितरण करने के आदेश  दिए.
      पीड़ित अशोक हांसदा, गंगा टुडू, श्यामलाल किसकु, चंदर किसकु, चंदन टुडू आदि ने बताया कि नदी में बढ़ते जल स्तर के कारण मेरा घर बह गया है. उनलोगों ने बताया कि अगर  इस नदी के कहर से बचने का जल्द कोई उपाय नही किया गया तो लगभग 200 लोगों की आबादी वाले इस गाँव गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा.
    मौके पर लीला देवी, सुनिता देवी, वेरी देवी, नैन बेसरा, मुन्नी देवी, सरिता देवी, चंपा देवी, मीना देवी, शांति देवी, सिंपी सोरैन समेत कई प्रभावित लोग मौजूद थे.

दर्दनाक हादसा: मधेपुरा में ट्रेन से कट कर डेढ़ सौ से अधिक भेड़ की मौत

मधेपुरा में हुए एक दर्दनाक हादसे में ट्रेन से कट कर करीब डेढ़ सौ भेड़ की मौत हो गई है. छोटे-बड़े भेड़ों की लाश पटरी के पास बिखरे पड़े रहने से घटनास्थल का दृश्य अत्यंत ही भयावह दिख रहा था.
    बताया गया कि मधेपुरा जिला मुख्यालय के भिरखी पुल के पास मंगलवार की रात पूर्णिया से जयनगर जाने वाली जानकी एक्सप्रेस की चपेट में आने के बाद करीब डेढ़ सौ भेंड़ की मौत हो गई. टुकड़ों में बंटे होने के कारण सही आंकड़े दो सौ के भी पार हो सकती है. बताया जाता है कि दुर्घटना के समय भेंड़ चराने वाले दो व्यक्ति बांस की झाड़ी में शौच करने गए थे. उसी समय सभी भेंड़ रेल के पटरी पर चले गए और तेज गति से आती ट्रेन की चपेट में आ गए.
   इनमें एक दर्जन भेंड़ घायल भी हुए है, आस पास के लोग उठाकर ले जा रहे हैं. साथ ही दर्जनों भेंड़ गर्भवती थी, कटे भेंड़ के पेट से निकले छोटे-छोटे मरे बच्चे ने घटनास्थल को और भी मार्मिक बना दिया है.

मंगलवार, 26 जुलाई 2016

मधेपुरा: डायरिया के प्रकोप ने सवा सौ लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया

मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड के ईसरायन कला पंचायत के जोरावरगंज वार्ड नंबर 10 में डायरिया के कहर ने सैंकड़ों लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया. बताया गया कि आज अचानक ही उलटी और दस्त के मरीजों की संख्या मे काफी बढोतरी होने से गाँव में हंगामा मच गया. देर शाम तक मरीजों की संख्यां सवा सौ के करीब पहुँच गई थी.
      सूचना पाकर मुखिया पति घनश्याम यादव ने कुमारखंड पीएचसी प्रभारी को इसकी सूचना दी. मुखिया पति की सूचना पर पीएचसी प्रभारी वेद प्रकाश गुप्ता ने आनन फानन में डा. इम्तियाज, बी फार्मा सुब्रत दास, एएनएम रीना देवी के साथ एक मेडिकल टीम भेजा. स्थिति कि गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम ने उ. उर्दू म. विधालय जोरावरगंज में ही कैम्प कर ईलाज शुरू कर दिया है.
      अफसाना खातुन 28,  जुबेदा खातुन 30,  यास्मीन प्रवीण 10, मो. मसहीद 70,  नुसरत प्रवीण 10 वर्ष की स्थिति नाजुक बनी हुई है. हालांकि डाक्टरों ने सभी को खतरे से बाहर बताया. वही डा. इम्तियाज ने बताया जल जमाव और घर के आसपास फैले गंदगी के कारण डायरिया का फैलाव हुआ है.

अभी-अभी: सिंहेश्वर में पेट्रोल पम्प कर्मचारी से 2.65 लाख की लूट

मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर में एक पेट्रोल पम्प के कर्मचारी से दो लाख पैंसठ हजार रूपये अपराधियों ने लूट लिए.
         मिली जानकारी के अनुसार अभी रात के करीब 09:20 बजे बाबा फ्यूल सेंटर का कर्मचारी पेट्रोल पम्प से 2.65 लाख रूपये लेकर मालिक को देने उनके घर जा रहा था कि पेट्रोल पम्प से कुछ दूर आगे दो मोटरसायकिल पर सवार चार अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने कर्मचारी उपेन्द्र पोद्दार को हथियार का भय दिखाकर मारपीट करते हुए उससे रूपये का बैग छीन लिया. कर्मचारी ने बताया कि अपराधी एक ग्लैमर तथा दूसरी अपाचे मोटरसायकिल पर सवार थे.
       घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

मधेपुरा: जिलाधिकारी ने मोटरबोट से आलमनगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा

मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखण्ड क्षेत्र के दक्षिणी भाग में आये भयंकर बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण जिला पदाधिकारी मधेपुरा मो० सोहैल सहित जिले के अन्य वरीय पदाधिकारी ने मोटरबोट से किया.
       बाढ़ क्षेत्र के भ्रमण के दौरान डी एम ने बाढ़ पीड़ितों की परेशानियों से रूबरू होते हुए साथ में चल रहे पदाधिकारीयों को अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया. उन्होने बाढ़ पीड़ितों को सांत्वना देते हुए कहा कि इस आपदा की घड़ी में जिला प्रशासन आप लोगों के लिए हर वक्त मुश्तैद है. डीएम ने मोटरबोट से सर्वप्रथम छतौना बासा में बाढ़ से प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना बाढ़ पिड़ीतों ने बताया कि छतौना बासा टापु में तब्दील हो गई है. जरूरतों की समान खरीदने के लिए भी उन्हें एक मात्र नाव ही सहारा है.
     डीएम के निर्देश पर अविलम्ब सीओ आलमनगर विकास कुमार सिंह ने एक नाव का परमाना दिया. बाढ़ पीड़ितों ने जनवितरणप्रणाली की दुकान दूर रहने एवं पूरे गाँव में अंधेरा रहने के कारण सांप-बिच्छू का डर बना रहने की बात कही. इसपर डी एम ने आलमनगर एम ओ को मोबाईल से निर्देश देते हुए कहा कि अबिलंब नाव से बाढ़ पीड़ित परिवार के घरों पर पीडीएस का राशन के साथ-साथ तीन लीटर किरोसीन तेल मुहैया करवाने का निर्देश दिया. साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों को कल से हर हाल में विद्युत् आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं छतौनाबासा के कटाव पीड़ितों के पुर्नवास के मांग पर सीओ को उॅंची जगहों की तलाश कर जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. भ्रमण के दौरान रतवारा में पुर्व मुखिया विपिन शर्मा एवं मुखिया बीणा देवी सहित बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि अभी घान की फसल की रोपाई की ही थी कि बाढ़ ने धान की फसल को लील लिया. इस पर डीएम ने साथ में चल रहे जिला कृषि पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए फसल क्षति का आकलन कर रिर्पोट देने का निर्देश दिया. साथ ही डीएम ने स्थानीय मुखिया को कहा कि जिन  किसानों के फसल की क्षति हुई है उनकी सूची बनाकर दें, सभी को फसल क्षति अनुदान दिया जायेगा.
     वहीं सीओ को शौचालय में हो रहे परेशानी पर अबिलंब बांस का शौचालय निर्माण करने के साथ-साथ सभी नाविकों को प्रत्येक शनिवार राशि देने का निर्देश दिया. वहीं डीएम ने सुखार घाट में कोसी के कटाव का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होने कटाव पीड़ित कन्हैया सहनी एवं प्रमोद सहनी को तत्काल राहत राशि 9800 रूपया दिया. साथ ही अविलंब जमीन उपलब्ध कराने का अश्वासन दिया. डीएम ने सुखार घाट स्थित विद्यालय में तत्काल कटाव प्रभावित परिवारों को रहने एवं राहत शिविर चलाने का निर्देश भी दिया.
     भ्रमण के दौरान एडीएम मुकेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला आपदा प्रभारी पवन कुमार, पीएचडी के मुख्य अभियंता,पीडब्लुडी के मुख्य अभियंता, सीएस मधेपुरा, सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.
(रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

BNMU: छात्र संगठनों ने किया वीसी के खिलाफ नंग-धड़ंग प्रदर्शन

मधेपुरा में संयुक्त छात्र संगठन द्वारा विश्वासघात दिवस मनाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आन्दोलन तेज कर दिया गया. दर्जनो की संख्या मे छात्रो ने आज अर्द्धनग्न जुलूस निकाला.                      
       विश्वविद्यालय मुख्यद्वार से शुरू हुआ जुलूस विभिन्न कार्यालय व विभागों के सामने से गुजरा. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जम कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. छात्र नेताओं का आरोप था कि कुलपति ने बीएड प्रवेश परीक्षा की रिजल्ट प्रकाशित कर दोहरे चरित्र का परिचय दिया है, जिसे हम संयुक्त छात्र संगठन कतई बर्दाश्त नही करेंगे. छात्र नेताओ का कहना था कि विभिन्न संगठनो की एकता विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के खिलाफ शंखनाद है.
      उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय संयुक्त छात्र संगठन से समझौता के बाद बीएड का रिजल्ट जारी कर दिया था जिसके खिलाफ संयुक्त छात्र संगठन ने फिर से आंदोलन जारी कर दिया. संयुक्त छात्र नेताओ का कहना था कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आरपार की लड़ाई होगी जिसे अंजाम तक ले जाना सबका उदेश्य है. ऐकेडमिक कैलेंडर लागू करने, डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह को वापस बुलाने, पीजी तक कि पढ़ाई  गर्ल्स को फ्री करने, 75% छात्रो की उपस्थित अनिवार्य करने सहित अन्य मांगो के समर्थन मे संयुक्त छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रही है. छात्र नेताओ का यह भी कहना था कि विश्वविद्यालय लूट खसोट का अड्डा बन गया है. छात्र नेताओ का कहना था कि ये क्रमबद्ध आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के सुधार के लिए मिल का पत्थर साबितहोगा.
     अर्द्धनग्न प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार,  पूर्व राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर, एआइएसएफ विश्वविद्यालय  प्रभारी हर्षवर्धन सिंह राठौर, मो0 वसीमुद्धीन, नीरज कुमार, आरके रंजन, फिरोज, छात्र जाप के आकाश सिंह यादव, सोनू यादव, एनएसयूआई के निशांत यादव,  गौरव कुमार, मौसम झा समेत विभिन्न संगठनो के दर्जनो कार्यकर्ता मौजूद थे.
(रिपोर्ट: कुमारी मंजू)

ब्रेकिंग: इंडो-नेपाल बार्डर की मुख्य सड़क सील

सुपौल | इंडो नेपाल बार्डर पर बने कोसी बराज जाने के मुख्य सड़क को नेपाल पुलिस ने सील कर दिया है.
   भारतीय प्रभाग से कुछ ही दूरी पर नेपाल सीमा के पास सड़क पर कांटेदार घेराबंदी कर लोगो की आवाजाही बंद कर दी गई है.
    अब अधिकारी और आम जनता को दूसरे रास्ते नेपाल जाना होगा. ऐसा क्यों किया गया है इसकी अब तक अधिकारिक जानकारी नही मिली है.
    हालांकि सूत्र बताते हैं कि हाल के दिनो मे कोसी बराज पर आतंकी हमले की सूचना को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा किया गया है.
    आज एपीएफ नेपाल और एसएसबी की भीमनगर में एक बैठक भी आयोजित की जा रही है. बीते कुछ दिनो से सीमा पर और कोसी बराज की सुरक्षा नेपाल पुलिस के द्वारा बढा दी गई है. सीमा पर आने-जाने वाली सभी गाडी की सघन तलाशी ली जा रही है.
     एसएसबी 45 वीं बटालियन के सेना नायक राम अवतार भलोटिया ने बताया कि सीमा पर सर्तकता बढा दी गयी है. आने जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारे जवान सजग हैं. सभी चेक पोस्ट व बीओपी पर तैनात जवानों को सर्तकता बरतने का निर्देश दिया गया है.

मधेपुरा: दीनापट्टी हॉल्ट के पास रेलवे ट्रैक में कटाव

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज के दीनापट्टी रेलवे हाल्ट के निकट बलुवाहा नदी में बढ़ रहे जलस्तर के कारण रेलवे ट्रैक में कटाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

    जानकारी हो कि पहले मुरलीगंज की तरफ से रेलवे  को बलुवाहा नदी अपने में  विलीन करने को तैयार खड़ा है. पिछले दिनों की लगातार बारिश कारण  नदी के जल स्तर मे भारी बढ़ोतरी हुई  हैं. इस खंड पर भी रेल परिचालन  किसी  भी वक्त बन्द होने की घोषणा हो  जाय तो आश्चर्य की बात नहीं होगी. 

     मौके पर कटाव स्थल कर स्थिति का जायजा लेने पहुँचे सुनील कुमार  एस एस सी मधेपुरा ने बताया कि हम बोरी  मे स्टोन और बालू डाल कर कटाव को रोकने का प्रयास कर रहे हैं,  पर पानी मे  तेज बहाव उस तरह का नहीं  है  जैसा  कि फन्गो हाल्ट मे  है. अभी  हम प्रयास कर रहे  हैं और कुछ  कह भी नहीं  सकते  है  कि कब क्या हो  सकता है.  ऐसा  लगता है  कि ट्रैक से मात्र चंद मीटर पर ही कटाव  अभी  भी हो रहा  है.  ट्रेन को काफी  धीमे धीमे  यहाँ  से  अभी  गुजारने की इजाजत है. ऊपर के अधिकारी को खबर भेजी जा रही है.

कोसी में रात भर फंसे रहे आलाधिकारी सहित, निकले सुरक्षित

सुपौल- रात भर कोसी नदी के बीचो-बीच फंसे रहने के बाद सदर एसडीओ समेत 35 लोग सुरक्षित निकल चुके हैं. किसी तरह की जान माल की क्षति की सूचना नहीं है. इस दौरान रात भर जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक आला अधिकारी की नींद गायब रही.
  जानकारी के अनुसार सोमवार की दोपहर सदर एसडीओ, भपटियाही प्रखंड प्रमुख, सीओ, सीआई समेत भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन पंचायत के मुखिया व पंचायत समिति सदस्य नाव पर सवार होकर बाढ प्रभावित इलाके का जायजा लेने पहुंचे थे.
   संध्या को लौटने के क्रम में कोसी नदी के बीचो बीच तेज धारा में नाव की दिशा बदल गयी और नाव को कोसी की उच्छृंखल धारा काफी दूर तक बहा के ले गयी. इस दौरान नाव पर सवार कुल 35 लोग जिंदगी और मौत से जझूते रहे.
    रात को कोसी बराज के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद नदी से बाहर आना उनलोगों के मुश्किल हो रहा था. वहीं नाव पर सवार लोगों से संपर्क भी स्थापित नहीं हो रहा था.
    आज मंगलवार की सुबह सभी लोग सुरक्षित बाहर आ गये हैं. संकट सामना कर लौटे लोगों ने बताया कि कोसी मैइया ने उनलोगों को नई जिंदगी दी है. बताया कि कोसी की बाढ में तटबंध के भीतर फंसे हजारों लोगों की जिंदगी नारकीय है. वे लोग जीवन के हर जरूरी चीजों के लिए मोहताज है. प्रशासनिक सुविधा नदारद है. लोगों ने सरकार से इस विकट स्थिति में भरपूर सहयोग की मांग की है.

पर्यावरण संरक्षण हर मानव का कर्त्तव्य: वंदना

मधेपुरा जिला मुख्यालय के सीबीएसई बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय हॉली क्रॉस स्कूल में महिंद्रा फायनेंस के सौजन्य से CSR (Corporate Social Activities) के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
    जानकारी के अनुसार वृक्षारोपण अभियान के तहत महिंद्रा फायनेंस लम्बे समय से काम कर रही है और इसके अंतर्गत मधेपुरा क्षेत्र के 21 कर्मचारी द्वारा मधेपुरा के हॉली क्रॉस स्कूल तथा ग्वालपाड़ा क्षेत्र में 200 पौधरोपण किया गया है. कार्यक्रम की अगुआई कर रहे राजेश कुमार तथा केशव कुमार आदि ने विद्यालय में महोगनी, अशोका, आम्रपाली, सागवान आदि के अलावे कई शो प्लांट आदि भी लगाया.
    मौके पर हॉली क्रॉस विद्यालय की प्राचार्या वंदना कुमारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हर मानव का दायित्व बनता है और इसके प्रति लोगों को जागरूक होना चाहिए. वृक्षारोपण के अवसर पर विद्यालय के छात्र रोशन कुमार, उज्ज्वल राज, अमृत राज, गौरव कुमार, आशीष आनन्द, गौरव राज, साहिल सौरभ समेत कई अन्य मौजूद थे.
(नि.सं.)

'दंश' व 'अजीब प्रेम परीक्षा': मधेपुरा में हुआ दो फिल्मों का मुहूर्त संपन्न

माँ अम्बे आँचल फिल्म्स के बैनर तले बन्ने वाली फिल्म ‘अजीब प्रेम परीक्षा’ (भोजपुरी) और ‘दंश A HATE STORY’ (हिन्दी) का मुहूर्त सोमवार को मधेपुरा में संपन्न हुआ.
    मुहूर्त वरिष्ठ रंगकर्मी सह निर्देशक अनिल पतंग के हाथों संपन्न हुआ और मौके पर इन दोनों फिल्मों के निर्देशक शंभू साधारण भी मौजूद थे. उपस्थित लोगों का स्वागत करते सबों ने माँ अम्बे आँचल फिल्म्स के निर्देशक कृष्णा मेहता को शुभकामनाएं दी. मौके पर माँ अम्बे आँचल फिल्म्स की हाल में बनी फिल्म ‘लव के सौदा’ (भोजपुरी) के अभिनेता श्वेत कमल, अभिनेत्री संगीता, निर्माता पप्पू जी, अनुपम खेर इंस्टीच्यूट, मुंबई से प्रशिक्षण प्राप्त अजय राजू, कराटे ट्रेनर अरूण कुमार, संजय मेहता, कृष्णा म्यूजिक एन्ड मूवीज के सुनील कपूर आदि ने फिल्म के मुहूर्त पर बधाई दी.
        मौके पर सहरसा के मनोज राजा, पूर्णियां के राहुल कछवाहा, पश्चिम चंपारण के धीरज सिंह, गया से जूनियर शाहरूख उर्फ़ वसेम, बेगुसराय के अम्या कश्यप, गोविन्द भारद्वाज समेत कई अन्य कलाकारों की उपस्थिति से दो फिल्मों के मुहूर्त का अवसर एक समागम जैसा प्रतीत हो रहा था. 

डीएम ने लिया एनएच का जायजा, कई सख्त निर्देश

मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल ने सोमवार को एनएच के सहायक अभियंता राष्ट्रीय उच्चपथ अवर प्रमंडल बनमनखी बीके सिंह के साथ सड़क की स्थिति का जायजा लिया.
     डीएम ने एनएच के सहायक अभियंता एवं अंचलाधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार को निर्देश दिया कि जहाँ शहर में सड़क पर जलजमाव की समस्या हैं, या अपने घरों का पानी सड़क पर बहाते हैं उनके सामने जेसीबी से नाला खोद कर जलजमाव की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए. कड़े शब्दों में कहा कि जल्द से जल्द स्थिति में सुधार लाया जाए.  अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया गया है.
    वहीं सहायक अभियंता बीके सिंह ने बताया कि जहां सड़क पर अतिक्रमण नही हैं वहां जलजमाव होता ही नही है और सड़के स्वस्थ अवस्था में रहती हैं. पर जब सड़क के किनारे घर और दुकान उंची अवस्था में होंगे और जब लोग घर और दुकान का पानी सड़क पर गिरायेंगे, तो ऐसी स्थिति में सड़क का टूटना लाजमी है.

कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि कोसी नदी में नाव पर फंसे, प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें

सुपौल: नाव से बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लेने गए कई अधिकारी और जन प्रतिनिधि के खुद प्रभावित क्षेत्र में फंस जाने से प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
        मिली जानकारी के अनुसार सुपौल के सदर एसडीओ नदिमूल गफार सिद्दीकी, सीओ शरत कुमार मंडल, प्रमुख विजय कुमार यादव, लौकहा मुखिया राजकुमार यादव, बनैनिया मुखिया शेख करीम, पंसस कमलेश सिंह, रामचन्द्र पासवान सहित कुछ अन्य लोग नाव पर सवार होकर कोसी नदी में बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लेने गए थे. कोसी नदी में गौरीपट्टी पलार से पश्चिम नाव पर फंसे है. नाव रात्रि में कहीं ले जाने की पर खतरे की आशंका बनी है. दूर-दूर तक कहीं घर नहीं है. दूसरी तरफ कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. रात के 12 बजे डिस्चार्ज 2,56,605 दर्ज किया गया है.

सोमवार, 25 जुलाई 2016

सवारी गाड़ी से कुचलकर 14 वर्षीय किशोर की मौत, माता-पिता का था एकलौता

मधेपुरा जिले के पुरैनी थानाक्षेत्र के भटौनी गांव में सोमवार की शाम योगीराज से अकबरपुर जानेवाली मुख्य सड़क पर तेज गति से अकबरपुर की ओर से आ रही अनियंत्रित सवारी गाड़ी से कुचलकर एक 14 वर्षीय किशोर की मृत्यु हो गयी. मृतक बिहारीगंज थानाक्षेत्र के जोतैली गांव का रहने वाला है.
   मिली जानकारी के अनुसार बिहारीगंज थानाक्षेत्र के मजौरा ओपी अन्तर्गत जोतैली गांव के कमलेश्वरी यादव का एकलौता 14 वर्षीय पुत्र राजकुमार अपने घर से पुरैनी थानाक्षेत्र के सपरदह गांव में रह रही अपनी बहन के घर संदेश लेकर साईकिल से निकला था. इसी बीच पुरैनी थानाक्षेत्र के भटौनी गांव के समीप अकबरपुर की ओर से आ रही चार पहिया सवारी गाड़ी बीआर 43 ए 1830 काफी अनियंत्रित गति से आकर सामने से जा रहे साईकिल पर सवार किशोर को कुचलते हुए उमेश मंडल के दरवाजा के टाट को तोड़कर उसके दरवाजे पर किशोर को घसीटते चली गयी. जिससे किशोर की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी.
     मृतक राजकुमार 8 वीं कक्षा का छात्र था. मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था. कमलेश्वरी यादव की दो पत्नी में राजकुमार इकलौता पुत्र था. वहीं घटना को अंजाम देने वाली सवारी गाड़ी पुरैनी थानाक्षेत्र का ही है.
      घटना की सूचना पाकर पुरैनी पुलिस भी आनन फानन में घटना स्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेना चाहा लेकिन देर शाम तक ग्रामीण शव को उठने नहीं दे रहे थे.

महा पंचायतः अगर अब टूटा घर तो काट देंगे कोसी तटबंध

सुपौल। कोसी से विस्थापित सैकड़ो लोगों ने प्रशासन पर गैर कानूनी तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर एक स्थित पुनर्वास मुहल्ले में महा पंचायत बुला कर प्रशासनिक कार्रवाई के विरुद्ध कई कड़े निर्णय लिये हैं.
     महा पंचायत में उपस्थित सैकड़ों विस्थापित परिवार के सदस्यों ने प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए एक स्वर में कहा कि वर्षों से बसे बाढ़ विस्थापितों के घर को यदि प्रशासन द्वारा बल पूर्वक तोड़ा गया तो सभी विस्थापित परिवार एकजुट हो कर कोसी तटबंध को काट देंगे.
       गत दिनों पुनर्वास मुहल्ला में लोकायुक्त के आदेश पर स्थानीय प्रशासन द्वारा दो घरों को तोड़ दिया गया था. इस घटना के बाद स्थानीय पुनर्वासित प्रशासन के इस कार्रवाई से नाराज चल रहे थे. महापंचायत के दौरान गठित की गयी कमेटी पुनर्वास मुहल्ले के सभी समस्याओं के साथ-साथ मुहल्ला के विकास के लिए कार्य करेगी.
वर्षों से ठगे जा रहे हैं कोसी पीड़ित: महा पंचायत में उपस्थित सैकड़ों लोगों की जुबान से बार-बार यही बातें सुनने को मिल रही थी कि कोसी तटबंध के निर्माण के समय से ही उन लोगों के साथ सरकार व प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.
         इसके अलावे विस्थापित परिवारों ने बताया कि कोसी तटबंध के निर्माण काल में जब उन लोगों ने विरोध दर्ज किया तो स्थानीय बैरिया मंच पर पहुंचे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने लोगों को समझाते हुए कहा था कि उनकी एक आंख कोसी तटबंध के भीतर रहेगी.
          वहीं पूर्वी व पश्चिमी कोसी तटबंध के बीच बसे लोगों को तटबंध के बाहर पुनर्वासित करने, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को जीविकोपार्जन के लिए सरकारी नौकरी देने,  सरकारी नौकरियों में तटबंध के भीतर बसे लोगों को आरक्षण आदि दिये जाने की घोषणा की गयी थी.
        लेकिन कुछ लोगों को पुनर्वासित कर शेष बचे लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया. विस्थापित परिवारों की मानें तो पुनर्वासित किये जाने के बाद उनके जीविकोपार्जन के लिए किसी प्रकार का प्रबंध नहीं किये जाने का नतीजा है कि आज भी हजारों परिवार कोसी तटबंध के भीतर बाढ़ व कटाव का दंश झेलने को विवश हैं.
घर तोड़ने से पूर्व बसाने का हो प्रबंध: महा पंचायत में उपस्थित विस्थापित परिवारों ने कहा कि वे लोग कोसी नदी के कटाव से विस्थापित होने के बाद पुनर्वास के लिए चिन्हित स्थल पर आ कर बसे हैं।बताया कि प्रशासन द्वारा यह कहा जा रहा है कि उक्त जमीन दूसरे के नाम पर आवंटित है. जबकि उन लोगों को जहां पुनर्वास मिला था उस पर किसी तीसरे ने कब्जा जमा रखा है.
     अब सवाल उठता है कि प्रशासन विस्थापित लोगों की समस्या को देखते हुए उजाड़ने से पूर्व बसाने का प्रबंध क्यों नहीं कर रही है?

‘अनुपम सफलता’: 5 बार की असफलता ने भी हिम्मत नहीं तोड़ी, 6ठी बार में CA की परीक्षा में मारी बाजी

कहते हैं “संघर्ष जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी”. और ये उक्ति मधेपुरा जिले के चौसा के रहने वाले अनुपम कुमार मुनक उर्फ़ सिंटू पर हूबहू चरितार्थ होती है जिसने पांच बार CA (Charterd Accountant) की परीक्षा में असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और कठोर मेहनत करते रहे और आज उनकी जीत ऐसी कि परिवार और समाज का हर व्यक्ति उन पर नाज करे.
      चौसा बाजार के अनिल मुनक के भाई अनुपम कुमार मुनक उर्फ़ सिंटू लगातार 5 बार CA की परीक्षा में असफल होने के बाद 6 ठी बार CA की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का का नाम रौशन किया है.
    अनुपम ने 2001 में चौसा जनता हाई स्कूल, चौसा से 10वीं की परीक्षा पास कर पटना कॉमर्स कॉलज से 2003 में 12 वीं पास की. फिर वाणिज्य कॉलेज पटना से 2006 में B. Com  पास कर कोलकाता से अपनी तैयारी जारी रखी अंत में दिखा दिया कि लगातार संघर्ष से असंभव को संभव बनाया जा सकता है.
       अनुपम की इस बड़ी सफलता के लिए चौसा थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह समेत कई बुद्धिजीवी लोगों ने उन्हें बधाई दी है.
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