कार्यपालक अभियंता की बोलेरो हुई चोरी

|नि० प्र०| 25 मई 2013|
मधेपुरा के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता की बोलेरो गाड़ी चोरी हो गई है. कार्यपालक अभियंता शैलेन्द्र कुमार वर्मा की बोलेरो गाड़ी BR 43 B 6165 की चोरी बीती रात तब हो गई जब उनके ड्राइवर ने उक्त बोलेरो को भिरखी स्थित अपने घर पर लगा रखा था और खुद घर में सो रहा था. भिरखी के वार्ड नं 21 निवासी ड्राइवर रंकज कुमार ने कहा कि चोरी के
कार्यपालक अभियंता
वक्त गाड़ी में कोई नहीं था. सुबह जब वह अपने घर से बाहर आया तो बोलेरो को वहाँ से गायब देखा.
      कार्यपालक अभियंता शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि रात में अक्सर ड्राइवर उनकी गाड़ी अपने घर पर ही लगाया करता था. मधेपुरा थाना को इसकी सूचना सुबह में ही कार्यपालक अभियंता ने थाना जाकर दी थी पर घंटों बाद भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किया गया था.
      बता दें कि सदर थाना के अंतर्गत मोटरसाइकिल की चोरी आम बात है. चोरी की घटनाओं के बाद अपराधियों के पुलिस की पकड़ से बाहर रहने की वजह से उनका मनोबल इन दिनों काफी बढ़ा है. अभी तक तो थानाक्षेत्र के दोपहिया वाहन ही असुरक्षित माने जा रहे थे पर इस अधिकारी की बोलेरो के चोरी होने से ऐसा प्रतीत होता है कि शहर की कोई बड़ी गाड़ी भी अब सुरक्षित नहीं रही.

दुर्घटना: पति-पत्नी-बच्चे सभी गंभीर रूप से जख्मी

|राजीव रंजन|25 मई 2013|
मधेपुरा से बच्चे का इलाज करा वापस लौटी रहे सुपौल जिले के इस परिवार को ये पता नहीं था कि एक टेम्पो चालक की लापरवाही उसके पूरे परिवार को बड़ी मुसीबत में डाल देगा. सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना के लतौना गाँव के देवनारायण यादव की मोटरसायकिल को एक टेम्पो से लगे धक्के में जहाँ देव नारायण यादव का पूरा शरीर जख्मी हो गया वहीँ पत्नी पिंकी देवी का दाहिना हाथ टूट गया और तीन साल के बेटे सत्यम का भी दाहिना हाथ ही टूट गया है.
      घटना आज दिन में उस समय घटी जब देव नारायण यादव अपने दो साल के छोटे बेटे को मधेपुरा के शिशु रोग विशेषज्ञ डा० अरूण कुमार मंडल से दिखाकर वापस सुपौल जिला स्थित अपने घर लौट रहे थे. सिंहेश्वर थाना के डंडारी बेरबन्ना चौक के पास लापरवाही से चलाते हुए एक टेम्पो चालक ने उनकी मोटरसायकिल को धक्का मार दिया जिससे मोटरसाइकिल पर सवार एक ही परिवार के सभी घायल हो गए.

चोरी के मोटरसाइकिल के साथ अपराधी गिरफ्तार

|राजीव रंजन|25 मई 2013|
जिले में अपराध नियंत्रण में सबसे बड़ी बाधा चोरी जैसे अपराधों का नही रूकना है. मोटरसायकिल चोरी की घटनाएँ जिले में आम बात है. 
     मधेपुरा थाना क्षेत्र के भर्राही ओपी में चोरी के मोटरसायकिल के साथ सनोज शर्मा नामक एक कुख्यात अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ओपी प्रभारी राम इकबाल यादव ने बताया कि गिरफ्तार महेशुआ निवासी सनोज शर्मा के पास से बीते महीने गेहमनी गाँव से चोरी गई पल्सर मोटरसाइकिल बरामद किया गया है. 
      उन्होंने जानकारी दी कि सनोज शर्मा अरविन्द यादव, नारद यादव तथा संजय यादव गिरोह का सदस्य है जो जिले में मोटरसाइकिल चोरी तथा लूट के वारदात को अंजाम देता है.

दबंगई: बेवजह टेम्पो चालक की जमकर पिटाई

|राजीव रंजन|25 मई 2013|
पीड़ित
जिला मुख्यालय के कॉलेज चौक बैरियर के पास आज सुबह करीब साढ़े आठ बजे जबरन दुबारा रसीद काटने को लेकर बैरियर पर नियुक्त एक दबंग ने एक ऑटो चालक की जमकर पिटाई कर दी.
बैरियर पर तैनात प्रशांत कुमार उर्फ मिट्ठू कुमार नामक दबंग ने लालपुर सिंघेश्वर के BR43 P 1098 के टेम्पू चालक गौरी शंकर पोद्दार को सिर्फ इसलिए धुन दिया कि गौरीशंकर ने दुबारा रसीद कटाने से इनकार कर दिया. टेम्पो चालक का कहना था कि उसने आज की रसीद सिंहेश्वर में कटा लिया है. रसीद दिखाते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन में एक ही रसीद कटाई जाती है. उसके रसीद दिखाने के बावजूद मिट्ठू ने उसकी जमकर पिटाई कर दी जिससे उसके नाक पर गहरा जख्म है.
बता दें कि जिले के विभिन्न वाहन स्टैंड पर जिसकी लाठी उसकी भैंस का फॉर्मूला चलता है और स्टैंड किरानी मनमानी राशि वसूल करते हैं. वाहन चालकों के इनकार करने पर ये अक्सर शराब के नशे में मार-पीट पर उतारू हो जाते हैं. जिले में परिवहन का कोई नियम-क़ानून लागू नहीं है और प्रशासन का इसपर कोई नियंत्रण नजर नहीं आता.

मेगा लोक अदालत: 848 वादों का निष्पादन, 67 लाख रूपये का सेटलमेंट

|संवाददाता|25 मई 2013|
व्यवहार न्यायालय मधेपुरा में लगाये गए मेगा लोक अदालत में आज शनिवार को विभिन्न वादों से सम्बंधित पक्षकारों की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से शाम तक चले इस लोक अदालत में जहाँ कुल मिलाकर 848 वादों का निष्पादन किया गया वहीं बैंक तथा इंश्योरेंस से जुड़े मामलों में कुल 67 लाख रूपये का सेटलमेंट भी किया गया जो अपने आप में मेगा लोक अदालत की बड़ी सफलता मानी जा रही है.

तीन बेंच ने किया 848 मामलों का निष्पादन: न्यायालय कक्ष में विभिन्न वादों के निष्पादन के लिए कुल तीन बेन्च बनाये गए थे. प्रथम बेंच आपराधिक मामले तथा मधेपुरा अनुमंडल से जुड़े दाखिल-खारिज मामलों से सम्बंधित था जिसमें न्यायिक पदाधिकारी अपर जिला न्यायाधीश अनिल कुमार झा तथा सबजज वेद प्रकाश सिंह मामले को देख रहे थे. इस बेंच के द्वारा कुल 634 मामलों को निष्पादित किया गया. दूसरे बेंच में मधेपुरा जिला के सिविल वाद तथा उदाकिशुनगंज अनुमंडल के दाखिल-खारिज मामलों की सुनवाई की गई जिसमें न्यायिक पदाधिकारी अपर जिला न्यायाधीश अशोक कुमार श्रीवास्तव तथा न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार सुनवाई हेतु उपस्थित थे. इस बेंच में कुल 125 मामले का निष्पादन किया गया. तीसरा बेंच इंश्योरेंस, बैंक लोन से सम्बंधित वादों तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107, 144 तथा 145 से जुड़े वादों से सम्बंधित था जिसमें सुनवाई हेतु न्यायिक पदाधिकारी अपर जिला न्यायाधीश मनोज शंकर, न्यायाधीश प्रभारी दीपक कुमार तथा जिले के विभिन्न बैंकों तथा इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी थे. इस बेंच में कुल 89 मामलों का निष्पादन किया गया.
            तीनों बेंच में अधिवक्ता के रूप में कौशल किशोर सिन्हा, पंकज कुमार दीपक तथा सुचिन्द्र कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति की गई थी.

जिला न्यायाधीश करते रहे मॉनिटरिंग: आज के मेगा लोक अदालत में मधेपुरा व्यवहार न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार घूम-घूम कर सभी बेंचों की मॉनिटरिंग करते रहे. कई जगह वे काफी देर तक बैठ कर मामलों में दिशानिर्देश भी देते दिखे. उनके साथ न्यायालय के न्यायाधीश प्रभारी दीपक कुमार भी लोक अदालत के समापन तक व्यस्त थे.
            इस अवसर पर कई अंचलाधिकारी तथा जिले के अन्य कई सम्बंधित पदाधिकारी भी मौजूद थे.

अस्पताल में दलालों के कारण चली गई मासूम की जान ?

|वि० सं०|24 मई 2013|
गुरूवार को जीतपुर-भतखोडा में हुई बस दुर्घटना में एक लड़के की मौत हो गई. घायलावस्था में जब दस वर्षीय गुड्डू को सदर अस्पताल मधेपुरा लाया गया था तब उसकी हालत नाजुक तो थी पर चिकित्सकों ने उसे बचाने की भरपूर तैयारी कर ली थी. यहाँ पाठकों को बता दें कि सदर अस्पताल मधेपुरा का ब्लड बैंक भी इन दिनों समृद्ध सा दिखता है. मो० गुड्डू को तत्काल खून चढाने की आवश्यकता थी और सदर अस्पताल के चिकित्सक इसकी तैयारी में लग गए थे.
      पर...शायद गुड्डू को जिन्दा नहीं बचना था. सूत्र बताते हैं कि वहां मौजूद कुछ दलालों ने गुड्डू के परिजनों को यह कहकर डरा दिया कि यहाँ की व्यवस्था उतनी अच्छी नहीं है यदि इसकी जान बचानी है तो बाहर के चिकित्सक के पास ले जाइए. गुड्डू को तड़पता देख परिजन उलझन में पड़ गए और मो० गुड्डू को वहाँ के लेकर किसी निजी क्लिनिक की ओर चले गए. सदर अस्पताल में की गई गुड्डू को बचाने की तैयारी धरी की धरी रह गई और उधर गुड्डू ने निजी क्लिनिक में दम तोड़ दिया.
      यह कहने में हमें जरा भी संकोच नहीं है सदर अस्पताल में इन दिनों कुछ निजी क्लिनिकों और बाजार के लैब के दलालों का जमावरा रहता है जो खासकर लाचार और गरीब रोगियों को दिग्भ्रमित कर बाहर की व्यवस्था में ले जाते हैं और वहाँ से इस कुकर्म का कमीशन पाते हैं.

मधेपुरा में कई दिनों से भटक रहा ये लड़का: कौन है ये ?

|वि० सं०|24 मई 2013|
पिछले करीब 15 दिनों से मधेपुरा शहर के विभिन्न भागों में भटक रहे इस करीब 15 वर्षीय लड़के की हालत जब काफी बिगड़ गई तो से इसे सदर अस्पताल मधेपुरा में भर्ती तो करा दिया गया पर इसके कुछ स्पष्ट नहीं बोल पाने की वजह से अभी भी इसका भविष्य अनिश्चित है.
      सदर अस्पताल की चौखटों पर बैठे इस लड़के की जिंदगी लोगों के द्वारा दिए जा रहे बिस्कुट आदि पर ही चल रही है. काफी देर मशक्कत के बाद हमने इससे इसके बारे में पूछा और अस्पष्ट आवाज में जो कुछ इसने बताया उसके मुताबिक़ इसका नाम बबलू है और इसका घर सोनपुर है. चिकित्सक कहते हैं कि इसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और संभव है किसी गहरे चोट के कारण इसकी ये हालत हुई है.
      मधेपुरा टाइम्स अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि यदि इसके बारे में कोई जानकारी मिले तो इसे इसके घर तक पहुंचाने में हमारी मदद करें.

महर्षि मेही दास की 129वीं जयन्ती मनाई गई

 |राजीव रंजन|24 मई 2013|
महर्षि मेही दास जी की 129वीं जयन्ती आज जिले भर में धूमधाम से मनाई गई. इस अवसर पर आज जिला मुख्यालय व सिंहेश्वर सहित जिले के अन्य भागों में महर्षि मेही दास जी के भक्तों ने प्रभात फेरियां निकालीं. जुलुस में महिला भक्तों की भी भारी तायदाद थी और महर्षि मेही की जयजयकार से इलाका गूँज रहा था. महर्षि मेही की जयंती के अवसर पर आज जिले भर में भजन-कीर्तन तथा सत्संग का आयोजन किया गया है.
      भक्तों ने महर्षि मेही दास जी के जीवनी की व्याख्या करते हुए कहा कि महर्षि जी का अवतरण विक्रम संवत 1942 के वैशाख शुक्ल चतुदर्शी तदनुसार 28 अप्रैल सन 1885 ई० को बिहार प्रान्त के मधेपुरा जिला के महुआ खोकसी श्याम ग्राम में अपनी नानी के घर हुआ था. बचपन से ही आपके सिर पर सात जटाए थी जो प्रतिदिन कंघी से सुलझाने पर भी पूर्वरत रूपांतरित हो जाती थी. ये आश्चर्यमयी घटना मानो आपके नर-रूप में नारायण होने की पूर्व सूचना दे रही थी. बचपन में इनका नाम नाम श्री रामानुग्रह लाल दास जी रखा गया था.
      चार वर्ष की अति अल्प आयु में ही महर्षि जी की माता जी का देहावसान हो गया. पूज्य पिता श्री बबुजन लाल दास जी और बड़ी बहन झूलन देवी जी ने अपने स्नेह और सुविधापूर्ण वातावरण में इनका पालन-पोषण किया. गाँव के ही पाठशाला में कैथी लिपि के साथ-साथ अपनी दिव्य प्रतिभा के कारण अल्पकाल में ही नागरी लिपि भी सीख ली और ग्यारह वर्ष की अवस्था में पूर्णिया जिला स्कूल में विद्याध्यन के लिए भर्ती कराये गए. महर्षि शुरू से ही उर्दू, फ़ारसी और अंग्रेजी भाषा की पड़ाई के साथ-साथ अध्यात्मिक ग्रंथो का अध्धयन किया करते थे और भगवन शिव को इष्ट मानकर उनकी आराधना करते थे.
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