शादी से पहले सेक्स किया, तो बन जाएंगे पति-पत्नी: हाई कोर्ट

चेन्नै।। मद्रास हाई कोर्ट ने शादी से पहले सेक्स की नई व्याख्या की है। इससे लिव-इन रिश्‍तों में नया मोड़ आ सकता है। अदालत ने कहा है कि यदि शादी के पहले 2 वयस्क सेक्स करते हैं तो इसे वैध शादी करार दिया जाएगा और दोनों को पति-पत्‍नी घोषित किया जा सकता है।

जस्टिस सी.एस. करनान ने अपने आदेश में कहा कि अगर 21 साल की उम्र पार कर चुके कुंवारे पुरुष और 18 साल पार कर चुकी युवती के बीच आपसी सहमति से सेक्‍स होता है तो इन दोनों को पति-पत्‍नी कहा जा सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में अपवाद जरूर हो सकता है।

करनान ने कहा कि मंगलसूत्र, वरमाला, अंगूठी आदि पहनने जैसी वैवाहिक औपचारिकताएं सिर्फ समाज की संतुष्टि के लिए होती हैं। कोई भी पक्ष यौन संबंध के बारे में दस्तावेजी सबूत पेश करके वैवाहिक संबंधों का दर्जा हासिल करने के लिए परिवार अदालत से सम्पर्क कर सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार ऐसी घोषणा हो जाने के बाद कपल किसी भी सरकारी रेकॉर्ड में पति-पत्नी के रूप में स्थापित हो सकते हैं।
(साभार: नवभारत टाइम्स)

अंचलाधिकारी पर एफआईआर के आदेश

|वि० सं०|18 जून 2013|
मधेपुरा के तत्कालीन और गम्हरिया के वर्तमान अंचलाधिकारी ह्रदय नारायण दास पर मधेपुरा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने एफआईआर के आदेश दे दिए हैं. अंचलाधिकारी के विरूद्ध न्यायालय ने प्राथमिकी के आदेश मई 2013 की एक घटना को लेकर किया है जिसमें मधेपुरा के वार्ड नं. 22, भिरखी के चंद्रहास भारती ने अंचलाधिकारी और मधेपुरा के वर्तमान निलंबित अंचल निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार सिंह, राजस्व कर्मचारी अभिमन्यू कुमार सहित सात लोगों पर गलत ढंग से जमाबंदी रसीद निर्गत कर उनकी जमीन को दूसरे के कब्जे में देने का आरोप लगाया है.
न्यायालय में दाखिल परिवाद पत्र 658/2013 में परिवादी ने यह भी आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी और अन्य अभियुक्तों ने उनके साथ मारपीट भी की है. न्यायालय में दाखिल परिवाद पत्र के आधार पर मधेपुरा के सीजेएम कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत मधेपुरा थाना को अभियुक्तों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है.

सुखद अहसास है गजेन्द्र ना० यादव के सफल दाम्पत्य के पूरे पचास साल

भारत में जहाँ आम आदमी की औसत आयु सिर्फ 65 साल मानी जाती हो वहां यदि कोई दम्पति अपने विवाह के सफल 50 वर्ष पूरे करता हो और भरे-पूरे परिवार के सदस्य उनका मैरेज गोल्डन जुबिली मना रहे हों, तो उसे देखना सचमुच आखों को ठंढक पहुंचाता है. और यदि मैरेज गोल्डन जुबिली मनाने वाला शख्स व्यक्तिगत जीवन में भी उच्च आदर्शों को अपनाता हो और कार्यक्षेत्र में भी सफलता और सम्मान पा रहा हो तो ऐसी शख्सियत के सफल दाम्पत्य जीवन के पचास साल इस बात को दर्शाता है कि जीवन के हर क्षेत्र में एक साथ सफलता पाई जा सकती है.
      मधेपुरा सिविल कोर्ट के अधिवक्ता और जिला अधिवक्ता संघ के वर्तमान अध्यक्ष श्री गजेन्द्र नारायण यादव और श्रीमती गंगा देवी ने जब मंगलवार 17 जून को गोल्डन जुबिली मनाया तो इस सुखद घड़ी में उनके साथ उनका भरा-पूरा परिवार साथ था. बेटे और बहुओं ने जहाँ इस अवसर को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी वहीं नातियों ने गाने गाकर और पोते-पोतियों ने दादा-दादी की नोक-झोंक की नक़ल उतार कर माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया.
      श्री यादव का वैवाहिक सफर 17 जून 1963 से शुरू हुआ और बढ़ते परिवार के कुशल संचालन से अभी दोनों बेटों सुशील और सोना का परिवार भी सुखमय और साथ है. चार बेटियों की जिम्मेवारी भी उन्होंने आसानी से उठा ली और सभी बेटियों को बेटों के समान मानते हुए उनकी शादी विभिन्न पदों पर आसीन व्यक्तियों के साथ कराई और सभी पूरी तरह संपन्न हैं.
      अधिवक्ता के पेशे में आज जहाँ ऊँची सफलता के लिए नैतिकता को अक्सर दांव पर रखना होता है, वहीं श्री गजेन्द्र नारायण यादव इस पेशे में भी उच्च आदर्शों के सहारे मधेपुरा के गिने-चुने सफल अधिवक्ताओं में से हैं. यह एक संयोग ही है कि वर्ष 1944 में 14 जून को इनका जन्म हुआ था और भागलपुर से बी.एल. (बैचेलर ऑफ लॉ) करने के बाद वर्ष 1966 में 14 जून को ही श्री यादव ने वकालत शुरू की थी. मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ के सेक्रेटरी, कॉन्वेनर, ऑडिटर जैसे विभिन्न पदों पर कई बार रहने के बाद गत चुनाव में भी वे अध्यक्ष पद के लिए भारी मतों से चुने गए.
मूल रूप से मधेपुरा के गोढैला निवासी श्री यादव फूलों के भी शौकीन के रूप में जाने जाते हैं क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व तक स्टेट बैंक रोड के विद्यापुरी में उनके कैम्पस में दर्जनों किस्म के गुलाब तथा अन्य फूल लगे रहते थे जिसकी देखभाल वे खुद किया करते थे और अब उनकी उपलब्धि और उनका खिलता परिवार ही उनकी बागवानी है.
मधेपुरा टाइम्स परिवार की ओर से इस अद्भुत मैरेज गोल्डन जुबिली की हार्दिक शुभकामनाएं.
(ब्यूरो रिपोर्ट)

‘विश्वासघात’ के विरूद्ध भाजपा का बंद पूरी तरह सफल

|संवाददाता|18 जून 2013|
जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किये गए कथित विश्वासघात के विरूद्ध भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रायोजित बिहार बंद आज मधेपुरा में पूरी तरह सफल दिखा. भाजपा  कार्यकर्ता आज सुबह से ही सड़कों पर दिखाई देने लगे. उन्होंने जिला मुख्यालय के बी.पी. मंडल चौक, कर्पूरी चौक, कॉलेज चौक आदि जगहों को जाम कर दिया जिससे शहर में सवारियों का आवागमन कई घंटे तक पूरी तरह अवरूद्ध सा हो गया.
      भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे. भाजपा के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने कहा कि नीतीश कुमार सता के मद में चूर हो गई है और इसी मद में उन्होंने 17 साल पुराना गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ विश्वासघात किया है. नीतीश कुमार के घमंड का अंत जल्द होने वाला है.

      भाजपा महामंत्री अरविन्द यादव अकेला ने कहा कि बिहार की जनता के सामने नीतीश कुमार का असली चेहरा सामने आ गया है. उनके विश्वासघात का मुंहतोड़ जवाब बिहार की जनता अगले चुनाव में देगी.
      वहीं भाजपा प्रवक्ता दिलीप सिंह ने दावा किया कि बीजेपी का विश्वासघात दिवस पर आज का बंद अभूतपूर्व है और बिहार बंद इससे ज्यादा असरदार कभी नहीं दिखा था.
      उधर, मधेपुरा जिले के अधिकांश दुकानें आज दोपहर बाद तक पूरी तरह बंद थी. हालांकि सुबह की बारिश ने भी बंद को असरदार बनाने में थोड़ा सहयोग किया. मधेपुरा में भी बीजेपी कार्यकर्ता पटना में बंद के दौरान हुई हिंसा को लेकर आक्रोशित थे.

मधेपुरा पुलिस एशोसिएशन ने भी मुक्ति पा ली इन्स्पेक्टर के नेतृत्व से

|वि० सं०| 17 जून 2013|
मधेपुरा के पूर्व सदर इन्स्पेक्टर और मधेपुरा पुलिस मेंस एशोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयशंकर सिंह की कार्यशैली से क्षुब्ध जिले के पुलिस अधिकारियों को अब लगने लगा है कि ईमानदार पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में ही पुलिस हितों की रक्षा की जा सकती है.
      बिहार पुलिस मेंस एशोसिएशन के चुनाव के दौरान मधेपुरा पुलिस की कई आंतरिक समस्या भी उभरकर सामने आ गई. मसलन एशोसिएशन के चुनाव की सूचना मधेपुरा में मार्च में ही आ गई थी, पर इसे संभवत: किसी राजनीति के तहत दबा कर रखा गया. मधेपुरा थानाध्यक्ष के.बी.सिंह सहित जिले के दर्जनों पुलिस अधिकारियों ने यह बात मानी कि रविवार को होने वाले चुनाव की जानकारी उन्हें दो दिन पहले शुक्रवार को दी गई. सूत्रों का मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ अधिकारी गोलबंद न हो सके और वे फिर से अपनी शक्ति का एहसास करा जिले की पुलिस राजनीति अपने हिसाब से चला सकें. पर फिर भी इसबार अधिकाँश पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान उदाकिशुनगंज अनुमंडल के इन्स्पेक्टर पूर्व अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व को खारिज करने का मन बना ही लिया.
      ऑब्जर्वर की उपस्थिति में इस बार जैसे ही विरोधी खेमे ने पुरैनी थाना के थानाध्यक्ष ललित मोहन सिंह को पूर्व अध्यक्ष जयशंकर सिंह के खिलाफ खड़ा किया तो ललित मोहन सिंह को समर्थन देने वालों की संख्यां काफी हो गई. खैर बाजी पलटते देख आखिर इन्स्पेक्टर साहब ने अपना नाम वापस लिया और ललित मोहन सिंह निर्विरोध चुन लिए गए. एस.आई. ललित मोहन सिंह जैसे ईमानदार पदाधिकारी को इन्स्पेक्टर जयशंकर सिंह की तुलना में अधिक तवज्जो देना यह तो दर्शाता ही है कि मधेपुरा जिले के पुलिस पदाधिकारियों ने भी अब ढील-पेंच और उठापटक की राजनीति के बदले साफ़-सुथरे और ईमानदार नेतृत्व के साथ काम करना ही चुना है.
      पुरैनी के थानाध्यक्ष ललित मोहन सिंह का मधेपुरा जिला पुलिस एशोसिएशन का अध्यक्ष चुना जाना मधेपुरा पुलिस के लिए स्वर्णयुग जैसा है और अप्रत्यक्ष रूप से ही सही यदि इसका फायदा कहीं न कहीं जिले की निरीह जनता को भी मिल जाय तो ये और भी सुखद होगा.

मधेपुरा में भाजपा ने किया आत्मशुद्धि के लिए हवन

|आर.एन.यादव|17 जून 2013|
जदयू से अलग होने पर मधेपुरा में भाजपा राहत की साँसें ले रही हैं. अब उन्हें लगने लगा है कि विगत 17 सालों से वे जदयू के साथ रहकर अशुद्ध हो गए हैं. उनकी हड्डियां जदयू से छू जाने के कारण भी अशुद्ध हो गई हैं और अब भाजपा को शुद्धिकरण की आवश्यकता है.
      इसी शुद्धिकरण के वास्ते मधेपुरा के सुखासन गाँव में भाजपा ने एक हवन का आयोजन किया. जिला भाजपा प्रवक्ता दिलीप सिंह की अगुआई में ये हवन सुखासन के नमक सत्याग्रह स्थल पर किया गया. इस हवन से स्वतंत्रता सेनानी उपेन्द्र झा समेत  दर्जनों भाजपाईयों ने हिस्सा लिया.
      इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता दिलीप सिंह ने कहा कि जदयू से अलग होने के बाद उन्हें एक बड़े बोझ से मुक्ति मिलने जैसा लग रहा है और इतने सालों तक ऐसी अशुद्ध और विश्वासघाती पार्टी के साथ रहने के बाद उन्हें शुद्धि के लिए हवन की आवश्यकता पड़ी है जिसे करके नई उर्जा के साथ वे नीतीश सरकार का विरोध करेंगे.

विकास अधिकारी के घर 22 लाख की चोरी

 |ए.सं.|16 जून 2013|
मधेपुरा शहर में चोरों ने पुलिस को चैलेन्ज ठोकते हुए एलआईसी के एक विकास अधिकारी के घर से बीती रात 20 लाख रूपये मूल्य के जेवर तथा 2 लाख रूपये नकद की चोरी कर ली. हाल में मधेपुरा शहर में हुई चोरियों में किसी घर में ये सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है.
टूटी खिड़की

     प्राप्त जानकारी के अनुसार मधेपुरा के वार्ड नं. 20 में भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी नीरज कुमार विगत 10 जून को अपने घर झाझा, जमुई चले गए थे तथा उनकी पत्नी औए दो बच्चे आसनसोल गए हुए थे. 
     रविवार की सुबह जब पूरा परिवार लौट कर वापस आया तो शयनकक्ष के पीछे की खिडकी का ग्रिल उखड़ा पाया और आलमीरा का लॉक टूटा पड़ा था. अंदर देखने पर पता चला कि घर के आलमीरा में रखे सारे जेवरात जिसकी कीमत बीस लाख रूपये आंकी जा रही है तथा दो लाख रूपये चोरों ने चुरा लिया है. घर के सारे कपड़े बिखरे हुए थे. मधेपुरा थाना में दिए आवेदन के अनुसार चोरी बीती रात हुई है.
      विकास अधिकारी ने चोरों के पैर के निशान चहारदीवारी पर मौजूद रहने के कारण पुलिस से श्वान दस्ता मंगाने की मांग की है.
      मधेपुरा थानाध्यक्ष के.बी. सिंह ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है और पुलिस जल्द ही सुराग ढूँढने का प्रयास करेगी. बता दें कि शहर में चोरी की घटना इन दिनों आम हो चली है और मधेपुरा पुलिस अब तक इसे चुनौती के रूप में लेकर काम करती नहीं दीख रही है.

पुलिस मेंस एशोसिएशन का चुनाव:ललित मोहन सिंह बने अध्यक्ष

|राजीव रंजन| 16 जून 2013|
मधेपुरा जिला पुलिस मेंस एशोसिएशन का चुनाव आज जिला मुख्यालय के सरकारी अतिथिगृह में संपन्न हो गया.
      जिले भर के पुलिस पदाधिकारियों जिसमें इन्स्पेक्टर, सब-इन्स्पेक्टर और अधीनस्थ पुलिसकर्मी शामिल थे, आज दोपहर में जिला अतिथिगृह में जमा हुआ और दो साल के कार्यकाल के लिए अपने पदाधिकारियों का चुनाव कर डाला.
      एशोसिएशन के लिए अध्यक्ष पुरैनी थाना के एस.आई. ललित मोहन सिंह को चुना गया जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए चौसा थाना के एस.आई. तरुण कुमार तरूणेश मनोनीत हुए. सचिव पद के लिए मधेपुरा के तेज तर्रार एस.आई. मंगलेश कुमार मधुकर चुने गए जबकि कोषाध्यक्ष मधेपुरा थाना के त्रिभुवन शुक्ल और संयुक्त सचिव मधेपुरा थाना के रंजय कुमार को चुना गया.
      इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत ये रही कि इसमें सारे पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए हैं.
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...