01 अप्रैल 2015

गिरिराज को बर्खास्‍त करें पीएम: रंजीत रंजन

पटना| कांग्रेस की मीडिया पैनेलिस्‍ट्स और सांसद रंजीत रंजन ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी जी की बढ़ती सक्रियता से भाजपा से परेशान हो गयी है. यही कारण है कि नरेंद्र मोदी सरकार के राज्‍य मंत्री गिरिराज सिंह सोनिया जी को लेकर रंगभेदी और अपमानजनक बयानबाजी की है. उन्‍होंने जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को गिरिराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्‍हें बर्खास्‍त कर देना चाहिए.
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि केंद्रीय राज्‍य मंत्री श्री सिंह की ओछी टिप्‍पणी राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है. इससे पूरी दुनिया की महिलाओं का अपमान हुआ है. रंगभेद के विरुद्ध लड़ने वाले राष्‍ट्रपिता बापू आज जिंदा होता, तो वे भी सदमे में चले जाते. उन्‍होंने कहा कि वे लोकसभा के आगामी सत्र में इस मुद्दे को सदन में उठाएंगी. गिरिराज सिंह के नि‍रर्थक बयानबाजी से सांसदों की गरिमा पर भी आंच आ रही है.
श्रीमती रंजन ने कहा कि मंत्री श्री सिंह का राजनीतिक व्‍यवहार व चरित्र ही दूषित एवं दुर्भावनापूर्ण रहा है. भाजपा की नकारात्‍मक राजनीति के सबसे बड़े उदाहरण हैं. उन्‍होंने कहा कि सोनिया जी की देश‍भक्ति और देश के प्रति समर्पण को लेकर सवाल नहीं उठाया जा सकता है. श्रीमती गांधी ने प्रधानमंत्री पद को अस्‍वीकार कर देश और कांग्रेस सेवा का संकल्‍प लिया और आज भी पूरी तन्‍मयता से कर रही हैं
(ए.सं.)

दुष्कर्म पीड़िता ने कोर्ट से कहा: “हाँ, मैंने बलात्कारी तांत्रिक का गुप्तांग काटा था”

मधेपुरा की ये घटना न सिर्फ पूरे देश में सुर्खियाँ बनी थी, बल्कि कई लोगों ने इस बलात्कार की शिकार लड़की के हौसले को सराहा भी था. मधेपुरा जिला के आलमनगर थाना के बगीचा गाँव की बहुचर्चित इस घटना में कोर्ट में गवाही शुरू हो गई है और आज पीड़िता ने फिर से अपने साथ हुई पूरी कहानी दुहराई.
      18 वर्षीय नेहा (काल्पनिक नाम) ने जेल से कोर्ट लाये आरोपी महेंद्र मेहता के सामने कहा कि घटना गत 1 जुलाई 2014 की है जब शाम को उसके सर में दर्द शुरू हुआ था. मम्मी ने बगल के महेंद्र मेहता को बुलाया था जो झाड़-फूंक करने वाला तांत्रिक भी था और रिश्ते में उसका मौसा लगता था. तांत्रिक ने अकेले में झाड़-फूंक करने की बात कही तो मम्मी ने विश्वास कर उसे तांत्रिक के साथ बगल के बगीचे में भेज दिया था जहाँ महेंद्र मेहता ने उसका मुंह गमछे से बाँध कर दुष्कर्म को अंजाम दे दिया था और फिर किसी को यह बात बताने पर जान से मारने की धमकी भी दे डाली थी. नेहा ने घर में इस डर से तब नहीं बताया कि घर के लोग शायद ही उसपर भरोसा करें. पर अगले रोज जब तांत्रिक मौसा खैनी के चूना के बहाने घर पहुंचा और अकेले में नेहा से बात करना चाहा तो नेहा ने मम्मी के मोबाइल फोन में सारी बातें रिकॉर्ड कर ली. तांत्रिक ने नेहा से कहा कि चार धाम होते हैं इसलिए चार बार उसी तरह इलाज करना पड़ेगा. पर उस खौफनाक रात कि कल्पना तांत्रिक ने नहीं की होगी. नेहा ने उस रात तांत्रिक को फिर उसी जगह आने को कहा और फिर छुपा कर रखे चाकू से महेंद्र मेहता का लिंग काट दिया. महेंद्र जमीन पर गिर गया और नेहा भाग कर घर आ गई.
      घर वालों ने मोबाइल रिकॉर्ड और कुछ देर पहले घटी घटना जान नेहा का साथ दिया और मामला महिला थाना कांड संख्यां 24/2014 (सत्रवाद संख्यां 189/2014) के रूप में दर्ज हुआ. मिली जानकारी के अनुसार आज नेहा ने इन कैमरा ट्राइल (बंद न्यायालय कक्ष) में अपने साथ हुई घटना को न्यायाधीश के समक्ष बताया और सामने आरोपी कथित तांत्रिक मौसा महेंद्र मेहता सर झुकाए खड़ा था.
      इस घटना पर कई लोगों की प्रतिक्रिया थी कि बलात्कार के बाद लड़की की जिंदगी खत्म नहीं हो जाती, बल्कि यदि पीड़िता को नेहा की तरह हौसले हो तो न सिर्फ पापी को शारीरिक सजा खुद दे सकती है बल्कि दुष्कर्मी को लंबे समय तक सलाखों के पीछे रखकर उसकी भी जिंदगी नर्क बना सकती है.  
(नि० सं०)

पंचायत करने गए पूर्व प्रमुख के साथ मारपीट: विवाद में आधा दर्जन घायल

मधेपुरा में एक जमीन विवाद की पंचायत करना एक पूर्व प्रमुख को उस समय महंगा पड़ गया जब उनपर एकपक्षीय फैसला सुनाने का आरोप लगाकर दूसरे पक्ष ने उनके साथ मारपीट कर दी.
      घटना मधेपुरा जिले के चौसा थानाक्षेत्र के चिरौरी पंचायत के भवनपुरा बासा की है. मिली जानकारी के अनुसार गाँव के गीरो मिस्त्री और राज कुमार मिस्त्री के बीच बिहार सरकार की जमीन पर घर बनाने को लेकर विवाद था और आज गाँव में ही पंचायत रखी गई थी. चौसा के पूर्व प्रमुख शम्भू प्रसाद यादव भी पंचायत करने गाँव गए थे. एक पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रमुख ने खा-पीकर एकपक्षीय फैसला सुना दिया था. दोनों पक्षों में मारपीट हो गई और महिला और बच्चे समेत आधा दर्जन घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है. बाद में एक पक्ष ने चौसा प्रखंड परिसर आकर पूर्व प्रमुख के साथ मारपीट कर दी.
      जबकि पूर्व प्रमुख का कहना था कि पंचायत से समय दोनों पक्ष आपस में बुरी तरह उलझ गए जिसके कारण वे वहां से वापस आया गए

‘टूटी काठ की कुर्सी’ से हुए हेडमास्टर रिटायर, पर प्रभार लेने वाले को दिया ‘मूविंग चेयर’

मधेपुरा के इस शिक्षक के बीते कल 31 मार्च को अवकाशप्राप्त करने पर सैंकड़ों लोगों की ऑंखें नम हो गई. माहौल गमगीन होना लाजिमी था क्योंकि मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के पारसमणि उच्च विद्यालय, बभनी के हेडमास्टर सत्य नारायण झा न सिर्फ एक उम्दा शिक्षक थे, बल्कि एक ऐसे समाजसेवी भी हैं, जिनके जीवन से इलाके के लोग प्रेरित होते हैं.
      पारसमणि उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में सत्य नारायण झा ने वर्ष 2009 में प्रभार ग्रहण किया था. तब से अब तक श्री झा को कई बार सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2011 में इन्हें स्कूल की बेहतर व्यवस्था आदि के लिए मधेपुरा के तत्कालीन जिला पदाधिकारी ने सम्मानित किया था और वर्ष 2012 में हिन्दुस्तान समाचारपत्र द्वारा इन्हें पूरे बिहार के लिए अव्वल शिक्षक के रूप में चुना गया. वर्ष 2013 में शिक्षक दिवस पर पुन: जिला प्रशासन द्वारा इन्हें सम्मानित किया गया तो उसी वर्ष गन्हारिया एवं सिंहेश्वर प्रखंड के दलित एवं महादलित प्रकोष्ठ के द्वारा भी इन्हें सम्मानित किया गया. वर्ष 2014 में श्री झा को बिहार सरकार से राजकीय सम्मान मिला तो इस वर्ष इनका नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया गया.
       शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले शिक्षक सत्य नारायण झा का नाम एक समाजसेवी के रूप में गम्हरिया प्रखंड में लोकप्रिय है. बताते हैं कि पत्नी के स्वर्गवास हो जाने के बाद श्री झा ने उनके नाम से बभनी गाँव में ही रेणु बाल सुधार केन्द्र की स्थापना की और इसने गरीब और दलित बच्चों को मुफ्त सेवा देनी शुरू की. यही नहीं इलाके के लोगों के लिए इन्होने अपनी ओर से चार पहिया वाहन को एम्बुलेंस के रूप में दे दिया है.
      और कल सेवानिवृत्ति के बाद विदाई के समय लोगों की आंखे तब और नम हो गई जब एक टूटी काठ की कुर्सी से रिटायर होने वाले श्री झा ने प्रभार लेने वाले सहायक शिक्षक फुरकान अली को एक मूविंग चेयर प्रदान करते हुए कहा कि फुरकान साहब, अब आप इस नए कुर्सी पर बैठेंगे, और मैं जब कभी किसी काम से विद्यालय आऊं तो प्लीज मुझे यही टूटी कुर्सी दीजियेगा, ताकि इस स्कूल से अपने जुड़ाव को पहले की तरह महसूस कर सकूं.

मधेपुरा में एक शिक्षक पर दो छात्राओं के साथ छेड़खानी का आरोप: हंगामा

राष्ट्रनिर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों के हाथ जहाँ अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य सौंप देते हैं वहीँ कभी-कभी शिक्षकों की करतूत से पूरे समाज को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है.
      मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना के मौरा गाँव में आज ग्रामीणों का गुस्सा एक शिक्षक पर तब फूट गया जब छात्राओं ने उसपर छेड़खानी का आरोप लगाया. बताते हैं कि आरोपी शिक्षक की मामूली पिटाई भी हुई, पर वह मौके पर से नौ दो ग्यारह होने में सफल रहा.
      मिली जानकारी के अनुसार घटना उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नया गाँव मौरा प्रखंड  की है. आरोप के मुताबिक गाँव की ही तीन लड़कियां (सबों की उम्र करीब 12 वर्ष) आज सुबह पढ़ने के लिए स्कूल गई थी तो आरोपी शिक्षक ने तीनों को दूसरे कमरे में भेज दिया. कमरा गन्दा होने की वजह से एक छात्रा झाडू लाने बाहर गई और इसी बीच आरोपी शिक्षक ने एक छात्रा के साथ छेड़खानी करनी शुरू कर दी. छात्रा जैसे ही कमरे से बाहर दूसरे शिक्षकों को शिकायत करने के लिए निकली, शिक्षक ने कमरे में अकेली बची छात्रा के साथ छेड़खानी शुरु कर दिया. चिल्लाने पर बाहर बैठे शिक्षकों और छात्राओं ने कमरे में घुसकर आरोपी शिक्षक को दो-चार थप्पड़ लगाया तो शिक्षक वहां से भाग गया.
      घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने स्कूल पर जमकर हंगामा किया. बाद में सूचना मिलने मधेपुरा से एसडीपीओ तथा महिला थानाध्यक्षा ने घटनास्थल पर पहुँच कर पीड़िता से बयान लिया और पीड़िता के पिता के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज कर दोषी शिक्षक पर कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण शांत हुए.
    मामले की पूरी सच्चाई अब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा, पर यदि आरोप सच हैं, तो ये बेहद घिनौनी हरकत कही जायेगी और दोषी शिक्षक को कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
(नि० सं०)  

विलय के बाद बिहार की अगुआई राजद का नेतृत्व करे: पप्पू यादव

मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का मानना है कि महागठबंधन बनने की स्थिति में यदि पार्टियों का आपस में विलय होता है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को होना चाहिए. शरद यादव और नीतिश कुमार केन्द्र की राजनीति करें और राजद का कोई नेतृत्व ही बिहार की अगुआई करे.
      मधेपुरा के जिला अतिथिगृह में पत्रकारों से बात करते राजद सांसद ने ये भी कहा कि लालू यादव यदि राजनीतिक रूप से चुनाव लड़ने लायक होते तो शरद यादव या जदयू विलय के लिए नहीं सोचते. उन्होंने कहा कि विगत सात-आठ वर्षों में सूबे की हालत बहुत बिगड़ी है. जिस तरह का जुल्म और अत्याचार पदाधिकारियों ने आम लोगों पर किया है वह चिंताजनक है. आम लोगों से लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं. धरना पर बैठने का अधिकार छीन लिया गया, सड़कों पर पिटाई की जा रही है. अधिकारियों ने जालियाँवाला बाग जैसी स्थिति बना दी है.
      श्री यादव ने कहा कि पदाधिकारियों का राज खत्म कर आम लोगों का राज स्थापित करने की जरूरत है. वार्ता में उन्होंने आगे राज्य भर में होने वाली विभिन्न रैलियों के बारे में भी जानकारी दी.

31 मार्च 2015

जिले को शर्मशार कर देने वाले बलिया बासा गैंगरेप केस में दो दुष्कर्मी हुए दोषी करार

वर्ष 2012 में जिले को शर्मशार कर देने वाली एक गैंगरेप की घटना में आज मधेपुरा के एक न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है. कुल चार में से मुख्य अभियुक्त लालो शर्मा समेत दो को बलात्कार का दोषी ठहरा देने से उस पीड़िता को क़ानून के हिसाब से राहत मिलती दिखाई दे रही है जिसे चार दरिंदों ने महज 14 साल की उम्र में अपने हवस का शिकार बना कर गर्भवती कर डाला था.
      यही नहीं जिले के उदाकिशुनगंज थानाक्षेत्र के बलिया बासा की इस घटना में तत्कालीन मधेपुरा पुलिस की भूमिका बदतर दिखी थी जिसने बलात्कारियों की मदद करते हुए पीड़िता के मुक़दमे दर्ज करने में नौ महीने लगा दिए थे और तब चंद्रकला (बदला नाम) ने बलात्कार से पले गर्भ से एक ऐसे बच्चे को भी जन्म दे दिया था, जिसका बाप चार दुष्कर्मियों में से कौन सा था, यह पीडिता को भी नहीं पता था. देश भर में मधेपुरा को कुख्यात करने वाली उस घटना में तत्कालीन एक दारोगा ने पीड़िता द्वारा न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल करने के बाद न्यायालय के उस आदेश को भी रद्दी की टोकरी में फेंक दिया था जिसमें मधेपुरा कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
      मामले के तूल पकड़ने पर बाद के दूसरे दारोगा ने फिर से न्यायालय से आदेश की प्रति मंगाकर एफआईआर दर्ज किया था. मधेपुरा टाइम्स पर इस मामले पर लगातार कई ख़बरें प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए तत्कालीन पुलिस कप्तान ने दोषी दारोगा को निलंबित भी कर दिया था.
      मामले में तीन साल बाद मुख्य आरोपी लालो शर्मा और विजय शर्मा को आज मधेपुरा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री पी० डी० गुप्ता ने दोषी करार दिया, जबकि अन्य दो अभियुक्त जवाहर शर्मा और राजेश शर्मा के विरूद्ध भी विचारण जारी है. बलात्कारी लालो शर्मा और विजय शर्मा को कितने साल और जेल में रहना पड़ेगा इसका फैसला अगले 4 अप्रैल को न्यायालय करेगी. (नि० सं०)

मधेपुरा में दो सांड़ों की खूंखार लड़ाई: पुलिस की लाठी भी बेअसर (देखें वीडियो)

मधेपुरा में आज कोर्ट परिसर में दो सांड जब आपस में भिड़े तो फिर मैदान में काफी देर तक भगदड़ की स्थिति बनी रही. जिद पर अड़े दोनों साड़ों की लड़ाई में जहाँ कई वाहनों को नुकसान पहुंचा वहीँ कई लोगों को भी मामूली चोटें पहुंची हैं.
      करीब बीस मिनट चली इस लड़ाई को खत्म कराने के लिए कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी समेत स्थानीय लोगों ने भी अथक प्रयास किया, पर पुलिस कि लाठी और पानी की बौछार भी इन्हें लड़ने से रोक नहीं पाई. बाद में लड़ते-लड़ते जब सांड एक दूकान के पीछे पहुँच गए तो कमजोर पड़ा सांड डगमगाकर गिर कर सायकिल में उलझ गया और फिर दूसरा सांड वहां से चलते बना.
      एक-दूसरे के खून के प्यासे बने सांडों की लड़ाई में कई दो-पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई लोगों को मामूली चोटें भी आई.
(इस वीडियो में आप खुद देखें सांडों की लड़ाई, यहाँ क्लिक करें.)

मधेपुरा में खुला ‘होंडा’ का भव्य शोरूम: उदघाटन के साथ ही ग्राहकों की भारी भीड़

विकास की दौर में आगे बढ़ते मधेपुरा में आज उस समय एक और नया और सुखद अध्याय जुड़ गया जब नगर परिषद् क्षेत्र में होंडा दो-पहिया वाहन के भव्य शोरूम का उदघाटन हुआ.
      जिला मुख्यालय के बाय पास रोड में टेलीफोन एक्सचेंज के पास होंडा कंपनी के दो-पहिया वाहनों के विशालकाय शोरूम श्री शिव होंडा का उदघाटन आज होंडा कंपनी के डिप्टी डायरेक्टर योशिताका नाकामुरा के द्वारा फीता काट कर किया गया.
      उदघाटन के अवसर पर कंपनी के डिप्टी डायरेक्टर योशिताका नाकामुरा के द्वारा जानकारी दी गई कि मधेपुरा में ये बिहार का 33वां और पूर्वोत्तर क्षेत्र का 134वां डीलरशिप है. पिछले चौदह साल के कम समय में ही होंडा भारत की दूसरी बड़ी दो पहिया वाहन कंपनी हो गई है जबकि स्कूटर के क्षेत्र में यह भारत की नं. 1 कंपनी है. हमारा पहला लक्ष्य गाड़ी बेचना नहीं बल्कि ग्राहकों की संतुष्टि है. उन्होंने बताया कि यह शोरूम न सिर्फ इलाके के ग्राहकों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगा बल्कि मधेपुरा जिले में रोजगार के भी नए अवसर पैदा करेगा.
      उदघाटन के मौके पर कंपनी के स्थानीय प्रोप्राइटर राजेश सर्राफ, नितेश कुमार तथा राजेश कुमार सिंह के अलावे सोनबरसा के पूर्व विधायक तथा भाजपा नेता किशोर कुमार मुन्ना, साहित्यकार डा० भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी, नगर परिषद् के पूर्व चेयरमैन रविन्द्र यादव, बसपा नेता गुलजार कुमार उर्फ बंटी यादव समेत जिले के कई व्यवसायी और शिक्षाविद उपस्थित थे. अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी बाद में शोरूम पहुंचे और कंपनी से जुडी जानकारियों को साझा किया.
      उधर उदघाटन के रोज ही पहले से ही बुकिंग कराए सैंकड़ों ग्राहक समेत अन्य ग्राहकों की बड़ी भीड़ होंडा शोरूम पर उमड़ी हुई थी. 
(नि० सं०)

भ्रष्टाचार का विरोध करना सीखें इन पक्षियों से...

धरती पर सबसे विकसित जीव भले ही हम अपने को कह लें, पर विकास के साथ हम उस दौर में आ चुके हैं जहाँ से सभ्यता का विनाश शुरू होता है.
      सुबह जब अचानक पक्षियों का शोरगुल सुना तो देखा एक बाज नजदीक आसमान में मंडरा रहा है, जिसे देख सारे पक्षी चिल्ला रहे हैं. बाज एक शिकारी पक्षी है और दूसरे पक्षियों का शिकार करने में सक्षम माना जाता है. जाहिर सी बात थी, ऐसे में बाकी सारे पक्षियों ने एक-दूसरे को आगाह करना शुरू किया और मनुष्यों के बीच रहने वाले सबसे चालाक पक्षी कौवों ने शिकार की नीयत से आए बाज को खदेड़ दिया. सारे पक्षियों के शोर और कौवों की हिम्मत की वजह से बाज को मैदान छोड़ भागना पड़ा.
      पर मनुष्यों में अब इस तरह की भावना नहीं रही. भ्रष्टाचारी बाज की तरह सामने से शिकार कर चले जाते हैं और हम चुपचाप सहते हैं. कोई कौवे की तरह यदि विरोध भी करता है तो बाकी लोग इन पक्षियों की तरह उनका समर्थन न कर चुप्पी साधे रहते हैं और फिर कब हम भी शिकार हो जाते हैं, पता भी नहीं चलता.
      आइए मिल-जुल कर भ्रष्टाचार का विरोध करें.

30 मार्च 2015

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष के लापता भांजे का अबतक सुराग नहीं

मधेपुरा जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष के दरभंगा से करीब दो सप्ताह पूर्व से लापता हुए भांजे का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस बीच दरभंगा पुलिस जहाँ सिर्फ आश्वासनों से ही काम चला रही है, वहीँ समय बीतने के साथ लापता छात्र के परिजनों में माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही है.
      ग्यारहवीं कक्षा का 17 वर्षीय छात्र आशुतोष आनंद गत 17 मार्च को दरभंगा के कबड़ाघाट स्थित अपने आवास से प्रैक्टिकल की कॉपी लाने निकला था और फिर वह लौट कर नहीं आया और अबतक उसका कोई सुराग भी नहीं मिल सका है.
      पुलिस की सुस्ती इसी बात से नजर आती है कि दरभंगा के एल.एन.एम.यू. थाना ने मामला दर्ज करने के बाद रत्ती भर भी सफलता हासिल नहीं कर पाई है. सहरसा जिले के बिहरा थानाक्षेत्र के मकुना के मूल निवासी और वर्तमान में मिथिला संस्कृत शोध संस्थान, कबड़ाघाट, दरभंगा में लेखक सह टंकक के पद पर कार्यरत लापता छात्र के पिता राम विलास यादव बेटे को खोजने में भले ही एड़ी-चोटी एक कर रखें हों, पर उनके सारे प्रयास निरर्थक साबित हो रहे हैं. आशुतोष के मामा और मधेपुरा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार मामले को लेकर दरभंगा के सभी बड़े पुलिस पदाधिकारी के पास भांजे की खोज के लिए गुहार लगा चुके हैं.
      जबकि गायब आशुतोष के पास एक मोबाइल भी था जिसमें 8434568582 तथा 8507216599 नंबर के दो सिम लगे हुए थे, जो घटना के बाद से स्विच ऑफ है. दरभंगा क्षेत्र में लगातार इस तरह की घटना होने से आशुतोष को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ना लाजिमी है.
      मधेपुरा टाइम्स अपने पूरे देश में फैले पाठकों से अनुरोध करती है कि यदि इस रिपोर्ट के साथ दिए गए तस्वीर वाले छात्र आशुतोष का कहीं से कोई सुराग मिले तो पीड़ित परिवार की मदद करें. 17 वर्षीय और 5.6 फीट लंबे आशुतोष ने गायब होने के समय हलके मेहंदी रंग का फूलशर्ट एवं फूलपैंट तथा पैर में लाल रंग का हवाई चप्पल पहन रखा था.
      आशुतोष के बारे में आप इन मोबाइल नंबरों पर सूचना दे सकते हैं. 9472533451, 9939665322, 9199363454.
        आपकी मदद किसी परिवार की खोई खुशियाँ वापस ला सकती है. (नि.सं.)

‘वेतन चोर, गद्दी छोड़’: शिक्षकों के साथ बड़ी संख्यां में शिक्षिकाओं ने भी किया प्रदर्शन

 बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ चौसा इकाई के बैनर तले आज राज्य सरकार के खिलाफ बीआरसी में ताला बंदी कर दिया. अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने टायर जलाकर विरोध प्रर्दशन किया.
चौसा में प्रदर्शन कुछ अलग तरह से तब दिखा जब शिक्षाओं के साथ बड़ी संख्यां में शिक्षिका भी सड़कों पर अपनी मांगों के समर्थन में उतर गईं. चौसा प्रखंड मुख्यालय में भ्रमण कर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बस स्टैंड में टायर जला कर विरोध प्रर्दशन किया.    
 शिक्षक-शिक्षिका प्रदर्शन के दौरान अपने-अपने हाथों में तख्ती लेकर समान काम समान वेतन, वेतन चोर गद्दी छोड़, शिक्षको पर लाठी चार्ज बंद करो आदि नारे लगा रहे थे. उन्होंने चौसा-मधेपुरा तथा चौसा-भागलपुर एवं पूर्णियां जाने वाले सड़कों में   वाहनों को बाधित कर दिया.
बीआरसी में धरना को मो० मंसूर नदाफ, सुभाष पासवान, अभिमन्यू सिंह, प्रतिभा गुप्ता, कविता भारती, बिन्दुला कुमारी, शवाना नाजमी,पंकज भगत, पवन कुमार सिंह, बीरबल पासवान, सुषमा कुमारी, ताज उद्दीन, राजेश पासवान आदि ने संबोधित किया तथा कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो अगले विधान सभा चुनाव में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...