25 अप्रैल 2015

अहम जानकारियां: भूकंप में क्या करें, क्या न करें?

मधेपुरा समेत आधे भारत और नेपाल में आये भूकंप से जहाँ अन्य जगहों से बड़ी क्षति के समाचार आ रहे हैं वहीँ मधेपुरा में बहुत हद तक राहत की बात नजर आ रही है. सीधे मौत की एक भी सूचना अबतक नहीं है. एक-दो वृद्धा की मौत की खबर तो मिल रही है, परन्तु कहा जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति पर किसी घर या वस्तु के गिरने से मौत नहीं हुई है. कुछ लोगों का कहना है कि खुद गिर जाने या भय की वजह से मौत हुई है, पर सत्यता का पता जांच के बाद ही चल सकता है.
      जिला प्रशासन ने जहाँ आज के भूकंप के बाद अगले 24 घंटे सावधान रहने की जरूरत बताई है वहीँ आइये डालते हैं एक नजर कि भूकंप के बाद क्या करें और क्या न करें:

  1. भयभीत न हों, शांति बनाए रखें और अफवाह नहीं सुनें और अफवाह फैलाएं भी नहीं.
  2. घायलों व फंसे हुए लोगों की मदद करें. जिन्हें जरूरत है उन्हें प्राथमिक उपचार दें.
  3. ध्यान रहे कि नवजात बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा अपाहिज लोगों की मदद करें.
  4. क्षतिग्रस्त इमारत से दूर रहें.
  5. आग से बचें, मोमबत्ती व लालटेन का इस्तेमाल न करके टॉर्च लाइट का इस्तेमाल करें.
  6. रेडियो, टीवी, प्रशासनिक या विश्वसनीय न्यूज वेबसाईट या संचार के अन्य साधनों से जुड़े रहें ताकि आपात जानकारियों से अवगत हो सकें.
  7. खुले  मैदान में जाएँ. भवन, खम्भे व बिजली के तारों से दूर रहें.
  8. कच्चे  घरों से बाहर रहें. दरवाजों के पास न खड़े रहें.
  9. टेलीफोन का इस्तेमाल सिर्फ आपात सेवा के लिए ही करें.
  10. बिजली उपकरणों को चेक करें ताकि नुकसान का अंदेशा होने पर में फ्यूज निकाल दें.
  11. नागरिक सुरक्षा सावधानियों का पालन करें.

वैसे आप भूकंप से पहले, भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद किन सावधानियों को बरतना जरूरी है, आपदा विभाग की ओर से जारी साथ वाली तस्वीर पर क्लिक कर जरूर देखें.

मधेपुरा में भूकंप का वीडीओ: देखिये कैसे अचानक हिलने लगा सबकुछ

मधेपुरा में शायद ही किसी ने ऐसा भूकंप देखा हो. दिन के करीब 11:43 बजे आए भूकंप के पहले झटके ने जहाँ जिले में कई जगहों पर तबाही का मंजर भी दिखाया वहीं लोग अभी भी दहशत में जी रहे हैं. कारण साफ़ है, बड़े झटके के बाद भी कुछ छोटे झटकों के आने से अब भी लोग आशंकित हैं कि कहीं और भी झटके न आ जाएँ.
      दहशत का एक ऐसा वीडियो हमारे एक पाठक ने उपलब्ध कराया है जिसे देखने से साफ़ पता चलता है कि किस तरह लोग भूकंप से पहले आराम से थे और अचानक से हिल गए और इधर-उधर भागने लगे. जहाँ घर में पंखे व अन्य सामान हिल रहे थे वहीं सड़क के बगल में खड़े वाहन भी खुद ही हिलने लगे. जाहिर है ऐसे में दहशत का माहौल पैदा होना लाजिमी ही था.
      इस वीडियो में व्यक्ति का मोबाइल प्रेम भी दिखता है, जिसमें भागने से पहले एक व्यक्ति अपना मोबाइल लेना नहीं भूलता है और यही नहीं उधर भूकंप में लोग जान बचाने की जद्दोजहद में थे और वह मोबाइल-प्रेमी उसी दौरान वापस आकर मोबाईल का चार्जर भी लेकर भागता है.
      आप खुद देखें सीसीटीवी कि फुटेज से लिए इस वीडियो में कैसे हिला था मधेपुरा. यहाँ क्लिक करें.(नि० सं०)

भूकंप से जेल की दीवार गिरी, सभी कैदी सुरक्षित

सुपौल-सुपौल जिले के विभिन्न इलाके में मंगलवार को आये आंधी तूफान से लोग उबरे भी नहीं थे कि शनिवार को 11.45 पूर्वांहन में आये भूकंप ने लोगों के कलेजे को हिला दिया. भूकंप की तीव्रता इतनी तेज थी कि अंग्रेज के जमाने का बना सुपौल मंडल कारा की पूर्वी दीवार गिर गई. गनीमत रही कि कारा के बंदी बाल-बाल बचे. सूचना पर जिलाधिकारी सहित कई आलाधिकारी मंडल कारा पहुंचे. मंडल कारा की सुरक्षा तत्काल बढा दी गई है. पुलिस के दर्जनों जवानों को कारागाह की सुरक्षा में लगा दिया गया है. 
      भूकंप के खौफ से लोग अभी भी सार्वजनिक मैदान व घर के बाहर डेरा डाले हुए हैं. वहीं नगर परिषद क्षेत्र के ब्रहम स्थान निवासी बुलो मंडल की मौत ह्दय गति रूक जाने से हो गई. जिले के गणपगंज में दो मकान व सुपौल के एल बी सी ईट उद्योग का फिक्स पाईप गिरने से कार्य कर रहे मजदूर बाल बाले बचे. समाचार प्रेषण तक क्षति का आकलन नहीं किया गया है. लेकिन सूचना है कि जिले में काफी क्षति हुई है. वहीं लोगों में आक्रोश है कि राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने आपदा की पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई?

अलर्ट! बाद के झटके की आशंका अगले 24 घंटे तक, लें संयम से काम: डीएम

मधेपुरा जिले में भूकंप के बाद दहशत का माहौल है. कुछ और जगहों से मामूली क्षति की ख़बरें आ रही है. कहीं-कहीं पुराने मकानों की दीवारों में दरार आने की सूचना है तो कुछ जर्जर दीवारों के गिर जाने के भी समाचार हैं.
      जिला मुख्यालय में स्टेशन के पास मे० विश्वनाथ एंड कंपनी के सीमेंट दुकान की दीवार ढह गई है. जिले से अबतक किसी बड़ी क्षति की सूचना नहीं प्राप्त हुई है. तीव्र झटके पूरे जिले में महसूस किये गए. पहली बार भूकंप के उपरान्त आज दिन में बाद के झटके (aftershocks) भी महसूस किये गए हैं. लोग झटकों के बाद खुले और सुरक्षित स्थानों के लिए जाने लगते हैं.
      मधेपुरा के जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि ऐसे समय में डरें नहीं, बल्कि सतर्क रहें. बाद के झटके की अगले 24 घंटे तक आशंका रह सकती है. जिलाधिकारी ने लोगों से यह भी अपील की है कि ऊँचे, पुराने और क्षतिग्रस्त होने वाले मकानों में रहने वाले लोग सतर्क रहें. (नि० सं०)

मधेपुरा समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके: कई घरों में दरार, दहशत में लोग

अभी दिन के करीब 11:43 बजे नेपाल समेत पूरे उतर भारत में आई भूकंप ने जहाँ कई जगह बड़ी क्षति पहुंचाई है वहीँ मधेपुरा में भी भूकंप के जोरदार झटके से लोग दहशत में आ गए.
      मधेपुरा में करीब आधे घंटे के अंतराल पर भूकंप के झटके दो बार महसूस किये गए. पहली बार का भूकंप काफी तेज था और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.5 से ज्यादा (7.9 तक) थी और ये करीब एक मिनट तक रहने की सूचना है. भूकंप के तीव्र झटके से जिले के लोग घरों से बाहर सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए. लोग जब तक में सामान्य होते तब तक में दूसरा कम तीव्रता का झटका आने पर लोग अब तक दहशत में हैं. वहीँ तीसरे मामूली झटके भी महसूस होने की बात कई लोगों के द्वारा कही जा रही है.
      बताया जाता है कि भूकंप का एपिसेंटर नेपाल में काठ्मांडू से कुछ किलोमीटर की दूरी पर था.
      मधेपुरा में अभी नुकसान की पूरी सूचना मिल ही रही है, पर अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र में जेनरल हाई स्कूल के पास का बजरंगबली का मंदिर पीछे की तरफ झुक गया है. दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन के पास एक चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत भी पीछे की तरफ झुक गई है. जिला मुख्यालय में बाय पास स्थित हीरो दुपहिया वाहन के शोरूम के सामने का शीशा चकनाचूर हो गया, जबकि कई पुरानी इमारतों के दरारें आई हैं.
      मधेपुरा के गणेश स्थान के पास एक गोदाम में भूकंप के कारण ईंट गिरने से एक मजदूर जख्मी हो गया है. दरार आए कई भवनों की तस्वीरें हमारे पास लगातार आ रही हैं. भूकंप से पूरे जिले में हुए क्षति का पूरा ब्यौरा हम शाम तक आपके पास पहुंचा सकेंगे.

24 अप्रैल 2015

बेटे को ननिहाल से घुमाकर सायकिल से ला रहे थे, ट्रक ने मासूम को रौंदा, बवाल

सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के महावीर चौक पर आज सुबह एक लोडेड ट्रक ने चार वर्षीय बालक को रौंद दिया. जिससे बालक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई. घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सुपौल सहरसा मुख्य पथ को महावीर चौक के समीप जाम कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे मुख्य पथ को जाम कर ट्रक को तोडफोड करते अस्पताल में भी जमकर बवाल काटा.
मिली जानकारी अनुसार सदर थाना क्षेत्र के चैनसिंह पट्टी निवासी मो० कैश अपने मासूम को सदर थाना से सटे हुसैन चौक स्थित उसके ननिहाल से साइकिल के पीछे बैठाकर कर गांव जा रहे थे. महावीर चौक पर एक अनियंत्रित ट्रक ने साईकिल सवार को ठोकर मार दिया जिससे चार बर्षीय मो० आमिर गिर पड़ा और ट्रक ने उसे रौंद दिया. सुपौल से सहरसा जा रही ट्रक के डाईवर व खलासी मौके से फरार हो गये. मौके पर परिजनों के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी और भी उग्र हो गये, जिससे पुलिस को लाठी चार्ज करना पडा. जबाव में प्रदर्शनकारियों ने रोडेबाजी भी किया रोडेबाजी में कुछ लोगों को चोट आयी जिसमें पुलिस के जवान भी थे.
यहां बता दे कि अधिकारियों के मिलीभगत से नो-इंट्री के पालन का खुले आम उल्लंघन होता आ रहा हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आखिर सुबह के लगभग नौ बजे लोडेड ट्रक भीड़भाड़ वाले इलाके में कैसे पहुंची? उनकी मांग थी कि दोषी कर्मियों को बरखास्त किया जाय. वही लोगों ने मुआवजे की भी मांग की. काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने जाम समाप्त कराया.

यक्ष्मा (टीबी) से बचाव पर कार्यशाला आयोजित

मधेपुरा जिला मुख्यालय के दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में यक्ष्मा से बचाव पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला की शुरुआत स्कूल के प्रबंध निदेशक किशोर कुमार, स्वास्थ्य विभाग से आए राम नरेश कामत एवं राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया.
      आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए स्कूल के प्रबंध निदेशक श्री कुमार ने कहा कि आज यक्ष्मा जैसी बीमारियों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. यदि समय रहते इसका पता चल जाए तो सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों की मदद से इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है.
      रामनरेश कामत ने बच्चों एवं शिक्षकों को यक्ष्मा (टीबी) रोग के लक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को एक-दो सप्ताह से खांसी हो और वह दवाइयों से ठीक नहीं हो रहा हो तो उसे बिना विलम्ब किये अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए. शाम के बाद हल्का बुखार आना, वजन कम होना, खांसी के साथ बलगम आना आदि इसके मुख्य लक्षण हैं. उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक सरकारी अस्पताल में इर रोग के लिए अलग से सेंटर बनाये गए हैं जहाँ गरीब व्यक्तियों का इलाज बिना खर्च के होता है.
      इस अवसर पर शिक्षक पी. सी. घोष, वंदना कुमारी, सुचित्रा घोष, विजय कुमार, चंद्रमणि गुप्ता, सीमा गुप्ता, ऋचा कुमारी, रीता गुप्ता, सोमेश झा, ब्रजेश कुमार के अलावे करीब 150 छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे. (नि० सं०)

युद्धस्तर पर जिला प्रशासन पहुंचा रहा है पीडितों को राहत: सात मृतकों के परिजनों को दिए 4-4 लाख, किया क्षति का प्रारंभिक आकलन

21 अप्रैल 2015, मंगलवार की रात यानी क़यामत की रात. मधेपुरा जिले के दस प्रखंडों के 69 पंचायतों को दर्द देने वाली चक्रवातीय तूफ़ान और ओलावृष्टि ने जहाँ जिले भर में कम से कम सात घरों में मौत दी है वहीँ कई गंभीर रूप से घायल अब भी जिंदगी और मौत के बीच अटके हुए हैं.
      तूफ़ान ने न सिर्फ कई घरों में मौतें दीं बल्कि जिले के करीब 35 हजार हेक्टेयर में लगी मक्के की फसल को भी बर्बाद कर दिया. मधेपुरा के डीएम गोपाल मीणा के दिशा निर्देश में जिला प्रशासन तूफ़ान की रात से ही क्षति आकलन में जुटा हुआ है और पीड़ितों को फौरी आर्थिक सहायता भी तेजी से दी जा रही है. जिला प्रशासन के आकलन के मुताबिक जिले भर में 1118 झोंपड़ी क्षतिग्रस्त होकर बर्बाद हो गई है. आंशिक रूप से 367 कच्चे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और दो कच्चे घर पूर्णतया क्षतिग्रस्त हैं.
      मक्का के अलावे आम, लीची, पपीता, केला, प्याज, भिन्डी, खीरा तथा अन्य शब्जियों की बर्बादी का आकलन भी जिला प्रशासन के द्वारा किया गया है.
      जिले भर में इस तबाही से मरे सात लोगों के परिजनों को जिला प्रशासन ने 4,00,000 (चार लाख रूपये) प्रत्येक की दर से अनुग्रह अनुदान दिए हैं. इनके नाम हैं, डबलू कुमार (19 वर्ष, डुमरिया कोल्हायपट्टी, मुरलीगंज), बिंदा देवी, 55 वर्ष, मोरकाही, पोखराम, मुरलीगंज), युगेश्वर यादव (50 वर्ष, कोल्हायपट्टी, मुरलीगंज), बिंदा देवी (55 वर्ष, रमणी, गंगापुर, मुरलीगंज), रानी कुमारी (10 वर्ष, डुमरिया कोल्हायपट्टी, मुरलीगंज), पार्वती देवी (63 वर्ष, बैजनाथपुर, राजगंज, बिहारीगंज), देवाशीष कुमार (10 वर्ष, मदनपुर पंचायत, गांधी टोला, मधेपुरा). इसके अलावे भी दो अन्य मृत व्यक्ति जिनमे से एक पुरैनी के महंती यादव और जोरगामा, मुरलीगंज के एक व्यक्ति जिनकी मौत पूर्णियां में हो गई है, के पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने और पुष्टि होने पर उनके परिजनों को अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जायेगी.
      तूफ़ान में विद्युत विभाग को भी करीब 23 लाख 10 हजार रूपये की क्षति पोल, ट्रांसफार्मर, कंडक्टर, डीपी सेट, फीडर आदि के नुकसान से हुआ है. जिले में अधिकाँश जगहों पर विद्युत आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है.
      जिला आपदा विभाग प्रभावित परिवारों को तेजी से राहत देने के कार्य में लगा है. क्षति का और आकलन भी भी जारी है. (नि० सं०)

पसरा अथाह दर्द: कहीं बहन ने किया भाई का पिंडदान, कहीं दादा ने पोती का, कहीं पति ने पत्नी का तो कहीं बेटी ने रो-रोकर किया माँ का पिंडदान

मधेपुरा जिले में तूफ़ान पीड़ितों का दर्द असीमित है. तबाही और मौत के बाद रीति-रिवाज भी बिखर गए. सदमे में मृतकों की चिता को आग देने आगे आये संबंधों ने इलाके को फिर से रूला दिया.
 मौत के बाद मुरलीगंज प्रखंड के डुमरिया निवसी मृतक डबलू कुमार के चिता की आग बुझा कर उसके कर्म के लिए बहन दुलारी कुमारी ने अपने कलेजे को मजबूत कर कर अपने भाई का प्रथम पिण्ड दान किया. वहीं डुमरिया निवासी मृतका रानी कुमारी के दादा ने उनके आत्मा की शान्ति के लिए रो रो कर अपने पौत्री का पिण्ड दान किया. रमणी निवासी मृतका बिन्दा देवी पति फेकू यादव को पुत्र नहीं रहने से बेटे का फर्ज भी पति ने ही निभाया. मृतिका की पुत्री सुलेखा देवी ने अपनी माँ की चिता की आग बुझा कर उसके आत्मा की शान्ति के लिए प्रथम पिण्ड दान रो-रोकर किया. उधर जिले के अन्य प्रखंडों में भी मृतकों के घर के दृश्य ह्रदय विदारक हैं.
 उधर जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर जिले भर की तबाही का तात्कालिक आकलन कर लिया है और राहत कार्य में भी तेजी ला दी गई है. पर सरकारी राहत सिर्फ नियमों के तहत तत्कालिक रूप से परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगा. जिन घरों में मौतें हुई हैं उनकी क्षतिपूर्ति कर पाना शायद अब ऊपर वाले के हाथ में भी नहीं है.

देश की आजादी में था अविस्मरणीय योगदान: धूमधाम से मनी वीर कुंवर सिंह जयंती

मधेपुरा जिला मुख्यालय के वेद व्यास महाविद्यालय में 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह जयंती सह विजयोत्सव समारोह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया.
      वीर कुंवर सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन मधेपुरा के विधायक प्रो० चंद्रशेखर ने किया जबकि मौके पर प्रो० रामचंद्र मंडल, नेता प्रदेश कॉंग्रेस, भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य का० प्रमोद प्रभाकर, वेद व्यास कॉलेज के प्राचार्य प्रो० आलोक कुमार, भाजपा के जिला प्रवक्ता दिलीप सिंह, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, भाकपा नेता रमण कुमार आदि भी उपस्थित थे.
      कार्यक्रम में वक्ताओं ने बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में जन्म लिए बाबू कुंवर सिंह का भारत की आजादी में अभूतपूर्व योगदान बताया. वक्ताओं ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने जगदीशपुर के पास अंग्रेजों के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ी और ईस्ट इंडिया कंपनी के भाड़े के सैनिकों को खदेड़ कर उन्होंने जगदीशपुर के किले से योनियाँ जैक का झंडा उतार दिया था. भारत की आजादी में उनके योगदान को कभी नहीं भूल जा सकता है.

23 अप्रैल 2015

किरण पब्लिक स्कूल का 9वां स्थापना दिवस: कई शिक्षाविदों की उपस्थिति

मधेपुरा जिले के एक बेहतरीन निजी स्कूल किरण पब्लिक स्कूल का स्थापना दिवस आज स्कूल परिसर में एक भव्य समारोह आयोजित कर मनाया गया.
      मौके पर आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन बी० एन० मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति एवं पूर्व सांसद डा० रामेन्द्र कुमार यादव रवि के हाथों संपन्न हुआ. मुख्य अतिथि डा० भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथि डा० आर० के० पी० रमण, पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो० अभिनन्दन प्रसाद यादव ने भी कार्यक्रम में उदघाटन में दीप प्रज्ज्वलित किया. उदघाटन के पश्चात केपीएस के संस्थापक स्व० जय प्रकाश यादव के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम के शुरुआत में छात्राओं ने स्वागत गान तथा सरस्वती वंदना से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया.
      उदघाटन के अवसर पर डा० रवि ने कहा कि मैंने यहाँ आकर जाना कि सचमुच किरण पब्लिक स्कूल एक बेहत्रें स्कूल है. यहाँ का अनुशासन मुझे काफी प्रभावित कर गया. डा० भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि यह विद्यालय अपनी सम्पूर्णता प्राप्त करे यही मेरी मंगल कामना है. अतिथियों ने भी विद्यालय के प्रगति की कामना की.
      स्थापना दिवस के मौके पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश ने विद्यालय की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि जिस पवित्र उद्येश्य के साथ संस्थापक महोदय ने इसकी स्थापना की थी, हम उसी पवित्र उद्येश्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और इसमें जिस तरह हमें छात्रों और अभिभावकों का सहयोग मिल रहा है उसके लिए हम उनके प्रति कृतज्ञ हैं.
      अतिथियों ने स्कूल के छात्र-छात्राओं के द्वारा निर्मित वैज्ञानिक उपकरणों का अवलोकन किया और काफी सराहना की. मौके पर टॉपर्स छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की निदेशिका किरण प्रकाश तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के उप-प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर ने किया. (नि० सं०)

'परिसर में करेंगे हड़ताल तो हो सकती है मारपीट': हड़ताली शिक्षकों के खिलाफ ग्रामीण

मधेपुरा जिला के चौसा प्रखण्ड के मुख्यालय में आज छात्र तथा अभिभावक हड़ताली शिक्षकों के विरूद्ध आक्रोशित हो गए.
      मिली जानकारी के अनुसार हड़ताली शिक्षको के द्वारा एक आम सभा बुलाई गई थी जिस में क्षेत्र से आये हड़ताली शिक्षकों के साथ शिक्षक संध के प्रदेश अध्यक्ष पूरण कुमार भी मध्य विद्यालय चौसा परिसर में बने बीआरसी भवन के सामने अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. उधर नियमित तथा अन्य शिक्षकों के द्वारा मध्य विद्यालय में बच्चों के बीच मध्यान्ह भोजन व पठन पाठन का कार्य चलाया जा रहा था.
इसी दौरान हड़ताली शिक्षको में कुछ शिक्षकों ने एचएम पुरुषोत्तम कुमार से मध्यान्ह भोजन तथा पठन पठन बंद रखने के मुद्दे पर उलझ गए और भोजन वितरण कर रहे सहायक शिक्षक बिनोद कुमार के साथ धक्का-मुक्की कर दिया. शिकायत प्रखण्ड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा के पास की गई जिसपर श्री वर्मा ने फौरन पीड़ित शिक्षक को बुलवाया तथा जांच कर कार्यवाही का आश्वासन भी दिया. पर पीड़ित शिक्षक विनोद कुमार असंतुष्ट होकर आमरण अनशन पर जा बैठे.
आज उसी घटना आक्रोशित होकर ग्रामीण, अभिभावक तथा छात्रों ने हड़ताली शिक्षको के खिलाफ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया. जिसमें हड़ताली शिक्षकों द्वारा उनके बच्चों कीई जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की बात कही गई.
ग्रामीणों का कहना था कि विद्यालय प्रांगण में जो शिक्षक शिक्षण कार्य में बाधा डालेंगे उसे यदि प्रशासन नहीं रोक पाई तो वे सोचेंगे कि उन्हें कैसे ठीक करना है. छात्रों ने बाहर स्कूल गेट पर बैनर लिख कर लटका दिया है कृपया हड़ताल करने वाले शिक्षक अन्दर प्रवेश न करे आप के साथ मार पीट भी हो सकती है.
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