22 अक्टूबर 2014

आपसी दुश्मनी में चली कई राउंड गोलियाँ: दो घायल

|नि० सं०|22 अक्टूबर 2014|
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थानाक्षेत्र के हथिऔंधा गांव में आज सुबह भूमि विवाद को लेकर दो गुट आपस में उलझ गए. घटना ने कुछ ही देर में उग्र रूप धारण कर लिया और दोनों तरफ से कई राउंड गोलियाँ चलने की सूचना है. गोली से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. घायल युवक नीरज कुमार की हालत चिंताजनक देखकर चिकित्सकों ने उसे बाहर रेफर कर दिया है.
          
      बिहारीगंज थानाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया है जिसमें करीब दर्जन भर लोगों को नामजद किया गया है.

मधेपुरा में ‘हैप्पी बर्थ डे टू यू बजरंगबली’

|मुरारी कुमार सिंह|22 अक्टूबर 2014|
मधेपुरा जिला मुख्यालय के पुरानी कचहरी स्थित हनुमान मंदिर में आज श्रद्धालुओं ने हनुमान जयंती श्रद्धापूर्वक मनाया.
      दोपहर से ही महिला तथा पुरुष श्रद्धालु बड़ी महावीर स्थान में एकत्रित होने लगे और फिर भक्तिपूर्ण माहौल में श्रद्धालुओं ने हनुमान जयंती मनाकर उनसे सुख और समृद्धि देने की प्रार्थना की. इस दौरान भक्तों ने मारूतिनंदन को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का भी जाप किया.
      शाम में कई श्रद्धालुओं ने केक काटकर 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 113वां जन्मदिन मनाया. केक काटने के दौरान बच्चों ने तालियाँ बजाकर गाया, हैप्पी बर्थ डे टू यू बजरंगबली.
      धर्मग्रंथों के अनुसार अप्सरा पुंजिकस्थली (अंजनी नाम से प्रसिद्ध) केसरी नामक वानर की पत्नी थी. वह अत्यंत सुंदरी थी तथा आभूषणों से सुसज्जित होकर एक पर्वत शिखर पर खड़ी थी। उनके सौंदर्य पर मुग्ध होकर वायु देव ने उनका आलिंगन किया. व्रतधारिणी अंजनी बहुत घबरा गयी किंतु वायु देव के वरदान से उसकी कोख से हनुमान ने जन्म लिया. हनुमानदेव को भगवान शंकर का आंशिक अवतार भी माना गया है.

जिले भर में सिर्फ 63 पटाखा विक्रेताओं को पटाखा बेचने का मिला लायसेंस: मधेपुरा में जांच को निकले अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष

|मुरारी कुमार सिंह|22 अक्टूबर 2014|
जिला प्रशासन के द्वारा लायसेंस अनिवार्य कर देने के बाद आवश्यक कागजातों के साथ आवेदन देने वाले अब तक कुल 63 खुदरा पटाखा को पटाखा बेचने की अनुमति दे दी गई.
      जिलाधिकारी गोपाल मीणा के आदेशानुसार जिला मुख्यालय में आज इस बात की जांच करने कि क्या बिना लायसेंस के भी कोई पटाखा बेच रहा है, मधेपुरा के अंचलाधिकारी उदय कृष्ण यादव और सदर थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने घूम-घूम कर दुकानदारों के लायसेंस की जांच की.
      जांच के क्रम में अधिकारियों ने लायसेंस में दिए शर्तों की भी जांच की और पाया कि शहर में लायसेंसधारी दुकानदार ही अस्थायी रूप से पटाखा की बिक्री कर रहे हैं.

मस्जिद चौक पर भीषण मारपीट में आधा दर्जन घायल

|मुरारी कुमार सिंह|22 अक्टूबर 2014|
मधेपुरा जिला मुख्यालय में पुरानी बाजार मस्जिद चौक पर दो पक्षों के बीच कल शाम से शरू हुए विवाद ने आज दोपहर में भीषण रूप ले लिया और मारपीट में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए.
      मिली जानकारी के अनुसार कल शाम में मस्जिद चौक निवासी मो० फिरोज और मो० रूस्तम में एक जमीन विवाद को लेकर कहासुनी हो गई और दोनों पक्ष आपस में उलझ गए. घटना की शुरुआत कल दोपहर ही तब हो गई थी जब स्कूल में मो० फिरोज और मो० रूस्तम के बेटे आपस में लड़ गए. शाम में आपसी मारपीट दोनों घरों की महिलाओं को मामूली चोटें आई. पर मामला आज दिन में तब बढ़ गया जब मो० फिरोज पटना से लौटे.
दोनों पक्षों में आज दोपहर हुई मारपीट में लाठी और फरसे का जमकर प्रयोग हुआ और दोनों पक्ष के आधा दर्जन गंभीर रूप से जख्मी हो गए.दोनों ने एक-दूसरे पर लूट का भी आरोप लगाया. घायलों में मो० रूस्तम, मो० फिरोज, मो० शोहराब, मो० सज्जाद, बीबी अफसाना, बीबी शालू, आशु, टेनी, रब्बो, सोनी आदि शामिल थे.

सुखद राजनीतिक संकेत: अच्छे कामों में सभी दलों के नेता इसी तरह साथ आवें, जैसा मुरलीगंज में हुआ

स्वच्छ भारत मिशन के तहत मुरलीगंज में सभी दलों के नेताओं का एक साथ आना एक सुखद सामाजिक और राजनीतिक संकेत माना जा सकता है. वर्ना अभी तक ऐसी ही परंपरा रही है कि मुद्दे अच्छे हों या नहीं, पर एक दूसरे दलों का विरोध कर अपनी राजनीति तो चमकानी ही है.
मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड नं. 11 एवं 14 में रविवार को 8 बजे सर्वदलीय नेताओं ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान चलाया. मौके पर अभाविप नेताओं ने दोनों वार्डों में फैले गन्दगी एवं कूड़े कचरे को साफ किया. नेताओं ने वार्डवासियों से आग्रह किया कि अपने आस पास को स्वच्छ एवं साफ रखें जिससे आपका परिवार स्वस्थ रहे. भेदभाव भुलाकर सभी दलों के नेताओं के एक साथ आने पर स्वच्छता अभियान में आम लोग भी कूद गए और बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. सबों ने इस काम को सराहनीय बताया. वहीँ सफाई अभियान को सफल बनाने मे नगर पंचायत के कर्मी भी चौकस रहे.
  स्वच्छता अभियान में कांग्रेस नेता व जिला योजना समिति सदस्य सह नगर पार्षद श्वेत कमल उर्फ बौआ, राजद नगर अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद कालेन्द्र यादव, युवा शक्ति प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत यादव, राजद पूर्व प्रखंड अध्यक्ष प्रवेश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत कुमार शस्त्री, शिक्षक संघ राज्य प्रतिनिधी विश्वजीत कुमार, राज नारायण यादव उर्फ राजू, मो. मूशो, रविन्द्र यादव, जय जयराम यादव, रतन यादव, बावू साहब, मुकेश यादव, रंजित कुमार, विकाश कुमार, सुमन कुमर, अंजनी ऋषिदेव, गणेश रजक, सज्जन यादव, कोकाय मंडल, विद्यानंद मंडल, अशोक मंडल, धरमेन्द्र कुमार, विजय मंडल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, राजद नेता सह वार्ड पार्षद बबलू रजक, जदयू नेता सह नपं उपमुख्य पार्षद सुनील मंडल शामिल थें.

अजूबा: बगैर हाथ-पैर के बच्चे का जन्म, बच्चा है स्वस्थ एवं हृष्टपुष्ट

उपरवाले की लीला भी अजीब है. किसी को कभी तो कुछ नहीं देता है और कभी देता है तो कुछ ऐसा जो जिंदगीभर के लिए बोझ बन जाए.
मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड के रजनी पंचायत वार्ड संख्या 15 में मंगलवार को ममता देवी नामक महिला ने अपने घर पर ही एक अद्भूत बच्चे को जन्म दिया. नवजात बच्चा लड़का है और उसे हाथ और पैर नही हैं. हैरत की बात तो ये है कि बच्चा बिलकुल ही स्वस्थ बताया गया है. जबकि ऐसे बच्चे का अक्सर देहांत हो जाता है.
इस अद्भूत बच्चे के जन्म कि खबर सुनते ही बच्चे को देखने गाँव के लोग उमड़ पड़े. देखने से लगता है कि बच्चा करीब एक दो माह का है. बच्चे को किसी प्रकार का कष्ट नहीं बताया गया है. 
बच्चे को जन्म देने वाली मुकेश दास कि पत्नी ममता देवी ने बताया कि मेरे पेट में दर्द मंगलवार की सुबह 5 बजे शुरू हुआ था. घरवाले स्वास्थ्य केन्द्र ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तबतक मैंने बच्चे को जन्म दे दिया. लोगो ने बताया कि ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि बगैर हाथ-पैर का बच्चा स्वस्थ और हृष्टपुष्ट है बच्चे की मां ने जानकारी दी कि उसे पहले से ढा़ई वर्ष की एक बच्ची है और यह दूसरा बच्चा लड़का है.

बिहार बचाओ, बिहार बनाओ कार्यक्रम का समापन धूमधाम से

|मुरारी कुमार सिंह|22 अक्टूबर 2014|
बिहार बचाओ, बिहार बनाओ कार्यक्रम का समापन मधेपुरा जिले के मुरहो गाँव में बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ. कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक पूरे बिहार में चलता रहा.
      सामाजिक न्याय के पुरोधा बी० पी० मंडल की धरती मुरहो में कल समापन कार्यक्रम के शुरू होने से पहले उपस्थित नेताओं ने स्व० बी० पी० मंडल के समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरहो के पंचायत अध्यक्ष नन्द किशोर मुखिया ने किया. मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा० राम नरेश सिंह ने कहा कि मधेपुरा की धरती पर सामाजिक न्याय की पहली शुरुआत स्व० बी० पी० मंडल जी की अगुआई में हुई जिसका लाभ आज पूरा देश उठा रहा है. दलितों में किराय मुसहर जैसे हलवाहे को सांसद बनाकर महादलितों को सामाजिक न्याय की शुरुआत इसी मुरहो ई धरती से हुई थी.
      विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डा० रविन्द्र चरण यादव ने कहा कि जिस तरह से हरियाणा विधान सभा चुनाव में वहाँ के गैर जाटों, यादवों, अहिरों ने भाजपा ओ दिल खोलकर वोट दिया है उससे स्पष्ट है कि आज तमाम अति पिछड़ा समाज नरेंद्र मोदी में अपना पूरा विश्वास जताने लगा है. जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने पंडित दीनदयाल के एकात्म मानववाद के दर्शन को अपनाकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक अलख जलाने की बात कही.
      भाजपा के जिला महामंत्री सह प्रवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में जबसे भाजपा जदयू से अलग हुई है तब से लूट, हत्या, बलात्कार जैसी घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. भाजपा के जिला प्रभारी पूर्व विधायक संजीव झा ने मैथिली में अपने उद्बोधन में कृषि एवं उद्योग की बदहाली के लिए मांझी सरकार को जिम्मेवार ठहराया.
      मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द अकेला, शौकत अली, दिल्मोहन सिंह, मनिन्द्र दास, गणेश गुंजन, स्वदेश कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे.

21 अक्टूबर 2014

डीएम ने मृतका के पति को दिया 1.5 लाख का चेक: वज्रपात से हुई थी महिला की मौत

|मुरारी कुमार सिंह|21 अक्टूबर 2014|
करीब तीन माह पहले मधेपुरा प्रखंड के मलिया गाँव में वज्रपात से एक महिला की मौत हुई थी तो पूरे परिवार के सामने एक अत्यंत ही दुखद स्थिति पैदा हो गई थी. पति के सामने खुद मजदूरी करते बच्चों की परवरिश की समस्या आई और आर्थिक रूप से भी परिवार डगमगाने लगा.
      पर जब घटना का तत्काल संज्ञान जिला प्रशासन ने लिया और आज उस प्राकृतिक आपदा की शिकार महिला के पति विनोद मंडल को जिला प्रशासन ने एक लाख पचास हजार रूपये का चेक दिया तो परिवार को एक बड़ी राहत मिली.
      आज मधेपुरा के जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने विनोद मंडल को बुलाकर अंचलाधिकारी उदय कृष्ण यादव की उपस्थिति में चेक प्रदान किया. चेक मिलने के बाद विनोद ने मधेपुरा टाइम्स से कहा कि अब उनकी पत्नी तो वापस नहीं आ सकती है पर जिला प्रशासन ने उन्हें डेढ़ लाख रूपये देकर बड़ी राहत पहुंचाई है.

मुरलीगंज में राजद कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधियों ने की घाटों की सफाई

|अमित कुमार|21 अक्टूबर 2014|
सफाई अभियान के प्रति जागरूकता दिखाते हुए मुरलीगंज नगर पंचायत अन्तर्गत बेंगा पुल के बगल में बने छठ घाटों की सफाई राजद कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया. सफाई अभियान के तहत कार्यकर्ताओं ने बेंगा पुल के किनारे बने छठ घाट, शहर के फुलवारी के समीप बने छठ धाट, एवं विभन्न जगहो पर बने छठ घाट की सफाई की. जनप्रतिनिधियों ने छठ घाट एवं किनारे में जगह-जगह फैले कूड़े-कचरों की सफाई कर छठ घाट को स्वच्छ बनाया. सफाई अभियान के दौरान नगर पार्षद सह जिला योजना समिति के सदस्य श्वेत कमल बौआ जी ने नगर पंचायत सिटी मैनेजर कुन्दन किशोर को छठ घाट पर किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए बेंगा नदी में ज्यादा गहरे जगहों को चिन्हित करके झंडे लगा देने की बात कही. इसके साथ ही छठ घाटो पर छठ-व्रतियों को आने-जाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसे लेकर छठ घाट पर जाने वाली रास्तों की भी सफाई कराई गई. सफाई अभियान में राजद कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि सहित आम आदमी ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया.
सफाई अभियान में युवा शक्ति प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत यादव, राजद पूर्व प्रखंड अध्यक्ष प्रवेश यादव, वार्ड पार्षद सह राजद नगर अध्यक्ष शलेन्द्र कुमार कालेन्द्र, शिक्षक संघ राज्य प्रतिनिधी विश्वजीत कुमार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, जद यू नेता सह नपं उपमुख्य पार्षद सुनिल मंडल, नगर पंचायत के सीटी मैंनेजर कुन्दन किशोर, लाल बहादुर यादव, डिमपल पासवान, बबलु यादव, रूपेश कुमार, बावू साहब, मुकेश यादव, गणेश कुमार, राहुल कुमार, सुमन कुमार आदि मौजूद थे.

अभी-अभी: मिठाई में दूकान में लगी आग, लाखों की संपत्ति स्वाहा

|मुरारी कुमार सिंह|21 अक्टूबर 2014|
मधेपुरा प्रखंड के मिठाई बाजार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में एक दूकान की लाखों की संपत्ति जलकर बर्बाद हो गई है. समाचार लिखने तक आग पर दमकल की गाड़ी काबू पाने के प्रयास में लगी थी.
      मिली जानकारी के अनुसार मिठाई बाजार के प्रभाष भगत के हार्डवेयर की दूकान लक्ष्मी ट्रेडर्स में शाम के करीब सवा सात बजे अचानक आग लग गई. दुकानदार तथा आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया पर आग की लपटें इतनी तेज थी कि लाख प्रयास करने के बावजूद दूकान के सामानों को नहीं बचाया जा सका. सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुँच गई और आग बुझाने में लग गई.
      समाचार लिखने तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था और फायरब्रिगेड तथा अन्य लोग आग बुझाने में लगे हुए थे.

धनतेरस की बाजार में रौनक: जेवर, बर्तन और वाहन खरीद पर ग्राहकों का विशेष जोर

|मुरारी कुमार सिंह|21 अक्टूबर 2014|
धनतेरस के अवसर पर आज मधेपुरा में बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ गई है. वैसे तो करीब हर दूकान में ग्राहकों की भीड़ आज नजर आ रही है, पर सबसे ज्यादा भीड़ वाहन, जेवर और बर्तन खरीद के लिए है.

      वैसे तो अधिकाँश दुकानदारों ने कई दिन पहले से ही धनतेरस की तैयारी करनी शुरू कर दी थी, पर आज शहर और जिले के सारे दुकान सुबह से ही सजधज कर सामानों की बिक्री के लिए तैयार हो गए थे.

      आज सुबह से ही दुकानों में ग्राहक आने शुरू हो गए थे और देर शाम तक कई दुकानों में पैर रखने की भी जगह नहीं थी.

      जिला मुख्यालय के न्यू सोनी ज्वेलर्स में ग्राहकों की भीड़ सोने और चांदी के जेवर खरीदने उमड़ी थी वहीँ बहुत से लोग सोने और चांदी के सिक्के भी खरीद रहे थे. इसके अलावे ग्राहकों की भीड़ दो पहिया वाहन खरीदने हीरो शोरूम और टीवीएस के रिषभ ऑटोमोबाइल में अत्यधिक नजर अ रही थी तो तीन पहिया वाहनों की खरीद करने सबसे अधिक भीड़ पियाजिओ कंपनी के शो रूम ऑटो जोन में दिख रही थी. ऑटो जोन ने जहाँ इस अवसर पर ग्राहकों को विशेष पुरस्कार देने की व्यवस्था की थी वहीँ रिषभ टीवीएस हर वाहन के साथ ग्राहकों को एक ट्रॉली बैग और चांदी के सिक्के दे रही थी.

      धनतेरस के दिन नए सामन खरीदने की परम्परा रही है और माना जाता है कि इस दिन नए सामान की खरीद से घर धन-धान्य से पूर्ण होता है.

15 कारण: जिसे पढकर इस दीपावली में आप पटाखों को कह देंगे न...

माना कि दीपावली में पटाखे फोड़ने का प्रचलन है, पर जिन कारणों से दीपावली मनाया जाता है उसमें पटाखों की कोई भूमिका नहीं है. दीपावली यानि दीपों की आवली (श्रृंखला). पौराणिक कथा के अनुसार चौदह वर्षों के बनवास के बाद जब भगवान श्री राम अयोध्या लौटे थे तो लोगों ने खुशी में दीप जलाये थे. बताया जाता है कि उस युग में बारूद और पटाखे नहीं हुआ करते थे और अयोध्या समेत पूरे रामराज्य की जनता ने सिर्फ दीप जलाए थे और मिठाइयां बांटी थी. दीपावली दीपों का त्यौहार होना चाहिए न कि पटाखों का.
      वैसे भी मधेपुरा टाइम्स आपको 15 कारण बता रहा है जिसपर यदि आप निष्पक्ष होकर सोचेंगे तो हमसे सहमत होने की कोशिश करेंगे.
  1. वायु प्रदूषण: पटाखों के प्रयोग से वायु में अनावश्यक तत्व मिल जाते हैं और इससे वायु प्रदूषण का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है.
  2. हानिकारक गैसों का जमाव: यदि पटाखों के प्रयोग के बाद बारिश या तेज हवा का बहाव जल्द न हो तो पटाखों से उत्सर्जित गैसों का जमाव लंबे समय तक वातावरण में रहता है जो मानव समेत जीवित प्राणियों के स्वास्थ्य के लिए अहितकर होता है.
  3. बीमारी को बढ़ावा: पटाखों से उत्सर्जित सल्फर डायऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड समेत कई गैस साँसों की तकलीफ, जैसे दमा आदि के साथ कैंसर तक को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं.
  4. ध्वनि प्रदूषण: पटाखों के आवाज से ध्वनि प्रदूषण होते हैं जो कानों और दिल को गहरे ढंग से प्रभावित करते हैं.
  5. कचरा का जमाव: यदि आप स्वच्छता अभियान में शामिल होकर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं तब तो आपको पटाखों को ना कहना ही चाहिए, क्योंकि पटाखों को जलाने के बाद कचरे की मात्रा में वृद्धि होती है.
  6. बच्चे, गभवती महिलाओं और बूढों के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव: पटाखों की आवाज और इससे निकले गैस से शिशु, गर्भवती महिला और बूढों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता है. बहुत ज्यादा आवाज से बच्चे बहरे, गर्भवती महिलाओं के गर्भ के बच्चे विकृत और और बूढों के दिल कमजोर हो सकते हैं.
  7. पालतू जानवरों में भय: पटाखों के शोर से पालतू जानवर डरे-सहमे रहते हैं.
  8. बाल मजदूरी को बढ़ावा: पटाखों की अधिकाँश फैक्ट्रियों में बाल मजदूरों से मजदूरी कराई जाती है. यदि आप कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलने पर खुशी मना रहे हैं तो बाल श्रम को बढ़ावा देने वाले इन पटाखा फैक्ट्री को हतोत्साहित करें और पटाखों को न कहें.
  9. दीपावली की रात में में घायल होना: पटाखों से अक्सर बच्चों के जल जाने या गंभीर रूप में जख्मी होना आम बात है. कभी-कभी इसमें जान भी चली जाती है. यदि आपको अपने बच्चों से सचमुच प्यार है तो उन्हें समझाकर पटाखों से दूर करें.
  10. ग्लोबल वार्मिंग: ग्लोबल वार्मिंग आज दुनियां के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरा है. पटाखों से निकली गैसें इसे बढाती है और ग्लोबल वार्मिंग प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने का खतरा हमेशा बढ़ाती है.
  11. आग लग जाना; पटाखों की दूकान या खासकर रॉकेट आदि जैसे पटाखों से आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है और इससे जानमाल का नुकसान होता है.
  12. परंपरा के खिलाफ है पटाखे फोडना: दीपावली में दीप जलाने की परंपरा रही है न कि पटाखे फोड़ने की.
  13. अपने या अभिभावक की गाढ़ी कमाई को फूंक देना: पटाखे फोडना उस रूपये में सीधे आग लगाने जैसा है जिससे आप अपने तथा परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा कर खुशियाँ प्राप्त कर सकते हैं.
  14. फैंसी पटाखे आपके अहम की तुष्टि और गरीबों का मजाक: डिजायन-डिजायन के पटाखे फोडने को आप कहीं न कहीं अपना स्टेटस सिम्बल मान रहे हैं. आप ऐसा कर न सिर्फ उन गरीबों का मजाक उड़ा रहे हैं जिनकी औकात पटाखे फोड़ने की नहीं है या जिन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं है.
  15. जाने-अनजाने में देवी-देवताओं का अपमान: बहुत से पटाखों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें बनी रहती हैं. ऐसे में धार्मिक लोग एक तरफ मूर्ति पूजा और फोटो पूजा करते हैं और दूसरी तरफ पटाखा फोड़ते समय अनजाने में देवी-देवताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उसे कचरा का ढेर बना कर सुबह में झाडू की भेंट चढ़ने छोड़ देते हैं.
इन 15 स्पष्ट कारणों के बाद सोचने और कुछ करने की बारी आपकी है.
      (मधेपुरा टाइम्स द्वारा जनहित में जारी)

20 अक्टूबर 2014

दीपावली में कम आवाज के पटाखे और फुलझड़ी बेचने की डीएम से अनुमति लेने पहुंचे दर्जनों दुकानदार

|मुरारी कुमार सिंह|20 अक्टूबर 2014|
दीपावली के अवसर पर पटाखे बेचने के लिए लायसेंस प्राप्त करने के जिला प्रशासन के आदेश से खुदरा पटाखा दुकानदारों के सामने जहाँ नियम का पालन करने ई समस्या आ गई थी, वहीं आज दर्जनों पटाखा दुकानदारों ने जिलाधिकारी के पास जाकर गुहार लगाया.
      दुकानदारों का कहना था कि कम आवाज के पटाखे और फुलझड़ी की अस्थाई दूकान खोलने और बेचने की अनुमति अबतक नहीं मिल पाने के कारण उनके सामने समस्या आ गई है, पटाखा दूकान लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया इस बार काफी जटिल है. दुकानदारों की मांगें थी कि इस बार भी सरल प्रक्रिया के तहत पटाखा बेचने दिया जाय.

बाल श्रमिक विशेष विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का धरना

|मुरारी कुमार सिंह|20 अक्टूबर 2014|
बाल श्रमिक विशेष विद्यालय, मधेपुरा के शिक्षकों एवं कर्मचारी संघ के द्वारा आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया. जिला समाहरणालय के सामने दिए गए धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष ललन कुमार नीलम ने किया.
      शिक्षकों एवं कर्मचारी संघ कि मुख्य मांगें थी, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत के द्वारा निर्गत किये गए पत्र के आलोक में बिहार सरकार बाल श्रमिक विशेष विद्यालय के सभी शिक्षक तथा कर्मचारियों का अविलम्ब समायोजन किया जाय, बाल श्रमिक विशेष विद्यालय, मधेपुरा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का 34 महीने का बकाया मानदेय का भुगतान शीघ्र किया जाय.
      आज के धरना में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष ललन कुमार नीलम, जिला सचिव जवाहर प्रसाद यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुभाष कुमार, शम्भू मंडल, भारत कुमार झा, रोशन कुमार झा, नूतन कुमारी, रिंकी कुमारी, अनीता देवी, रूपम कुमारी, विभा देवी, बिंदु कुमारी, अजीत कुमार मिस्त्री आदि मौजूद थे.

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने समेत कई मांगों को लेकर जदयू का धरना

|मुरारी कुमार सिंह|20 अक्टूबर 2014|
केन्द्र सरकार द्वारा बिहार की घोर उपेक्षा एवं हकमारी का आरोप लगाकर आज मधेपुरा में जनता दल यूनाइटेड के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया.
      धरना दे रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगे थी, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अविलम्ब दी जाय, कमरतोड़ महंगाई को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाये जाएँ, बंद पड़ी रेल परियोजना एवं मधेपुरा-बनमनखी-पूर्णियां बड़ी रेल लाइन का कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाय तथा राष्ट्रीय उच्च पथ 106 बिहपुर से बीरपुर को अविलम्ब बनाया जाय.
      जिला जनता दल अध्यक्ष सियाराम यादव की अध्यक्षता में हुए आज के धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यानंद महतो, डा० बी० बी० प्रभाकर, गरीब दास तांती, राजीव कुमार, अशोक चौधरी, डा० बिजेन्द्र कुमार, रामचंद्र मेहता समेत दर्जनों नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे.