19 अप्रैल 2014

हत्यारे को पुलिस ने निर्दोष कहा, पर कोर्ट ने कहा चलेगा मुकदमा: मधेपुरा पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में

|वि० सं०|19 अप्रैल 2014|
मधेपुरा का एक मामला पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है. कई लोगों की मानें तो मधेपुरा जिले में कई जगह पुलिस विभाग में घूस का नंगा खेल चलता रहा है और हत्या जैसे मामले में भी पुलिस को खरीदा जाता रहा है. वैसे भी बिहार में पुलिस के पैसे वालों और दबंगों के हाथों में कठपुतली बने रहने की कहानी नई नहीं है. 
      ताजा मामले में पुलिस ने मुख्य हत्यारे में से एक सोनू सिंह को आरोपमुक्त कर दिया पर कोर्ट की नजर पुलिस डायरी में मौजूद उन तथ्यों की तरफ पड़ गई जिसमें पुलिस द्वारा आरोपमुक्त अभियुक्त पर भी मुकदमा चलाने के प्रयाप्त साक्ष्य उपलब्ध थे. लिहाजा कोर्ट ने पुलिस अनुसंधान के परिणाम को नहीं माना और फिर से हत्या के आरोपी उस अभियुक्त पर मुकदमा चलने की अनुमति दे दी है.

क्या है घटना?: घटना 26 अक्टूबर 2013 की है जब मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल के ग्वालपाड़ा (अरार) ओपी के डेफरा छपरिया बासा में जलावन दीवार से सटा कर रखने जैसी मामूली बात पर संजीत सिंह की हत्या कर दी गई. मामले में संजीत के परिवारवालों ने पड़ोस के ही सुनील सिंह, धीरेन्द्र सिंह, अनिल सिंह, देवा सिंह, सर्वेश सिंह, सोनू सिंह समेत कुछ महिलाओं को भी हत्या में शामिल बताया. यही नहीं तत्कालीन अनुसंधानकर्ता बिमल मंडल और बाद के अनुसंधानकर्ता मुकेश कुमार को छ: प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि मारपीट इन्हीं लोगों ने की जिसके बाद इलाज के दौरान घायल संजीत सिंह की मौत हो गई.
      इस मामले में अनुसंधानकर्ताओं ने सोनू सिंह सहित अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट, इश्तेहार और कुर्की की भी मांग की, पर मामले में तत्कालीन उदाकिशुनगंज एसडीपीओमनोज कुमार सुधांशु ने अपने पर्यवेक्षण में सोनू सिंह पर गहराई से जांच करने का संकेत दिया और फिर दूसरे जगह के दो गवाहों की गवाही पुलिस ने ली और सोनू सिंह को आरोप मुक्त कर दिया. पर आरोपपत्र कोर्ट में समर्पित करने के बाद मधेपुरा के विद्वान न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार ने पाया कि केश डायरी के पारा 6, 8, 9, 10, 26 और 27 में पाया कि पुलिस द्वारा बरी किये गए सोनू सिंह की भी हत्या में संलिप्तता प्रथम द्रष्टया नजर आती है. बस क्या था, कोर्ट ने अपनी शक्ति का उपयोग करते हुए पुलिस द्वारा आरोपित अन्य अभियुक्तों के साथ सोनू सिंह पर मुकदमा चला दिया है.
      जानकारों की मानें तो केश डायरी में जितने साक्ष्य सोनू सिंह के खिलाफ उपलब्ध थे, उस आधार पर पुलिस ने ऑवरएक्ट कर सोनू सिंह को मुक़दमे से बाहर करने का प्रयास किया था. जबकि जब छ: प्रत्यक्षदर्शियों ने सोनू सिंह की संलिप्तता कांड में बता दी थी तो ऐसे में बाहर के दो गवाहों की गवाही अंत समय में दिखाकर उसे आरोपमुक्त करना पुलिस की कार्यशैली पर अंगुली उठाने का मौका देता है. वैसे भी दोषसिद्ध या दोषमुक्त करने का अंतिम अधिकार ट्राइल के बाद न्यायालय को होता है. प्रश्न यह भी उठता है कि यदि अनुसंधानकर्ताओं को सोनू सिंह की संलिप्तता काफी समय तक दिखी तब ही तो उसके खिलाफ भी वारंट-कुर्की माँगा गया था.

आपका जीवन शानदार और जानदार बनाने का सपना लेकर आया हूँ: नरेंद्र मोदी सुपौल में

|सुपौल से लौटकर पंकज भारतीय|19 अप्रैल 2014|
देश को माँ-बेटे से छुटकारा चाहिए. दिल्ली में सिर्फ माँ-बेटे की सरकार है, जिसने देश को बर्बाद किया है. अबतक के चुनाव से स्पष्ट है कि दिल्ली की सरकार को हटाने का काम पूरा हो चूका है. अब मजबूत सरकार बनाने का काम आपका है. आपका आशीर्वाद चाहिए. देश को गड्ढे से निकलने के लिए 300 कमल को खिलाने की जरूरत है.
      उक्त बातें बीजेपी के प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने आज सुपौल के आईटीआई मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही.
      उन्होंने कहा कि यह चुनाव नौजवानों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. 18 से 28 वर्ष के युवाओं के यदि पांच वर्ष बिगड़ गए तो पूरी जिंदगी बिगड़ जायेगी. आपका जीवन शानदार और जानदार बनाने का सपना लेकर आया हूँ, क्योंकि मुझे आपके लिए जीना है. उन्होंने आरएसवीपी का विच्छेद करते हुए कहा कि आरएसवीपी का मतलब राहुल-सोनिया-वाड्रा और प्रियंका होता है जी देश को चला रहे हैं. आपको तय करना है कि क्या देश को आरएसवीपी मॉडल की जरूरत है ?
      उन्होंने कहा कि आजकल माँ-बेटा-बेटी अक्सर कहते हैं कि कोई है जो जादू की छड़ी लेकर आएगा और सभी समस्याओं का समाधान करेगा. आज वालस्ट्रीट जर्नल कि खबर से पता चला कि वह जादूगर रॉबर्ट वाड्रा है जो चार साल में 354 करोड की संपत्ति बना लेता है. एक और खबर जानकर हैरानी हुई कि पीएमओ ने खबर दी है कि दस साल में प्रधानमंत्री ने 1100 बार बोला है. समझ में नहीं आता है कि मैं हँसू या रोऊँ. विदाई के समय कम से कम अच्छी बात तो बताकर जाते.
      सभा को प्रत्याशी कामेश्वर चौपाल, पूर्व गृह सचिव आर.के.सिंह और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रविन्द्र चरण यादव ने भी संबोधित किया.

...ताकि फिर न दुहराई जा सके निर्भया रेप कांड जैसी घटना

माँ मुझे जीना हैं माँ ....माँ मुझे बचा लो माँ”- दिल्ली गैंग रेप की शिकार हुई निर्भया की यह चीत्कार आज भी हमारे कानों में गूंजती हैं. शर्म आती हैं कि हममें से कुछ की मानसिकता को किसकी नजर लग गई हैं. आज देश के किसी कोने में महिला सुरक्षित नहीं हैं. जिस सदी में हम मंगल पर जाकर रिसर्च की बातें करते हैं, उस सदी में भी वो अपने को सहज महसूस नहीं करती.
शायद इस प्रकार के घटना का एक बड़ा कारण चुप रहना भी हैं... लोक लाज, सामाजिकता को लेकर घर वाले भी चुप रहते हैं... पीडिता भी चुप रहती हैं... आलम यह हैं कि बाहर की तो बात छोडिये, कुछ मामलों में घर वाले भी लड़कियों को यान शोषण का शिकार बना डालते हैं..... जन्म से लेकर मरन तक ना जाने कितनी बार समाज में लड़कियों का होता हैं बलात्कार... चाहें वो शारीरिक हो या मानसिक..
मगर अब बस बहुत हुई चुप्पी...... तोड़ना होगा अपना मौन और दिलानी होगी ऐसे कुकर्मियों को ऐसी सजा कि याद रहे उसे सात जन्म.....
बिहार के डी० जी० पी० अभयानंद के आदेशानुसार मधेपुरा महिला थानाध्यक्ष के सौजन्य से कल रविवार 20/04/2014 को समिधा ग्रुप में Girl Sexual Harassment विषय पर दिल्ली में घटी गैंग रेप घटना के मद्देनजर एक सेमिनार का आयोजन सुबह 8 बजे से आयोजित किया जा रहा हैं....
मधेपुरा टाइम्स मधेपुरा की लड़कियों से अनुरोध करती है कि रविवार सुबह 7:00 बजे तक सेमिनार के लिए समिधा ग्रुप (कम्प्यूटर संस्था), बाय पास रोड, जयपालपट्टी चौक के पास, मधेपुरा आकर अपना नाम दर्ज करवाएं और इस अनोखी जागरूकता कार्यक्रम में भाग लें, जिसमें भाग लेंगे महिला थानाध्यक्ष प्रमिला कुमारी के अलावे कई अन्य जानकार.

मधेपुरा से मुख्यमंत्री का विभिन्न क्षेत्रों में दौरा शुरू (देखें वीडियो)

|नि० सं०|19 अप्रैल 2014|
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अस्थायी निवास करीब 28 अप्रैल तक मधेपुरा में ही रहेंगे और यहीं से उत्तर बिहार के कई लोकसभा सीटों के लिए दौरा करेंगे. कल शाम मधेपुरा पहुँचने के बाद मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम मधेपुरा में किया. वैसे उनके पहुँचने के कई घंटे बाद तक मधेपुरा टाइम्स के कैमरे इस बात बात की टोह लेते रहे कि मधेपुरा पहुँचने के बाद पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव मुख्यमंत्री से मिलने उनके अस्थायी निवास जाते हैं या मुख्यमंत्री श्री यादव से मिलने उनके आवास जाते हैं.
      चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण मुख्यमंत्री के रहने से शहर में बहुत अधिक गहमागहमी नहीं दिख रही है, पर लोगों के मन-मष्तिष्क पर ये बात तो जरूर छाई हुई है कि क्या मुख्यमंत्री के मधेपुरा में रहने का कोई फायदा शरद यादव या जदयू को हो पाता है ?
      जो भी हो, पहले दिन आज मुख्यमंत्री सुबह हैलीकॉप्टर से विभिन्न जगहों के दौरे पर निकले जिनमें पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार त्रिवेणीगंज, रानीगंज, सालमारी, कदवा दियारा, बनमनखी आदि शामिल थे.
  इस वीडियो में देखें मुख्यमंत्री को हैलीकॉप्टर से जाते हुए. यहाँ क्लिक करें.

18 अप्रैल 2014

भाजपा को वोट करने के लिए पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा ने लोगों से कहा, ‘मत चूको चौहान’: मधेपुरा चुनाव डायरी (53)

|वि० सं०|18 अप्रैल 2014|
एक तरफ जहाँ मधेपुरा में जदयू के शरद यादव की जीत के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैम्प कर रहे हैं वहीँ आज मुरलीगंज में भाजपा के कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर जदयू की पूर्व मंत्री ने मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से अपने पति और बीजेपी उम्मीदवार विजय कुमार सिंह कुशवाहा को जिताने की अपील लोगों से की.
      मौके पर श्रीमती रेणु ने कहा कि आजादी के बाद से 65 सालों में से 55 सालों में क्या दिया कांग्रेस की सरकार ने देश और कोशी के इलाके को. एक बाढ़ को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर सकी केन्द्र सरकार. इस सालों में कॉंग्रेस ने गरीबी, बेकारी, बीमारी और भुखमरी के सिवा देश को कुछ नहीं दिया. कॉंग्रेस के समय में सिर्फ घोटाले ही घोटाले हुए हैं. और इन घोटालों के पैसे काले धन के रूप में कॉंग्रेसियों ने स्विस बैंक में जमा रखा है.
      रेणु कुशवाहा ने कहा कि ये देश का चुनाव है. बीजेपी के लिए नरेंद्र मोदी घोषित उम्मीदवार हैं. नरेंद्र मोदी एक बार मौका मांग रहे हैं. वे कहते हैं हम भारत को बदलने की कोशिश करेंगे. गरीबों के गालों पर लाली आएगी और किसानों के चेहरे पर हरियाली आएगी. छात्रों को रोजगार मिलेगा. जदयू की रेणु कुशवाहा ने अपील की कि अभी देश के लिए प्रधानमंत्री चुनने का समय है. एक चाय बेचने वाला जिसकी माँ चौका-बर्तन कर समय गुजारी हो वही गरीबी और दुःख के दर्द को समझ सकता है.
भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मौका नरेंद्र मोदी को देना चाहिए. यदि नहीं दिया तो कल हमारे बच्चे जब हमें दुत्कारेंगे तो हम उनके सामने सर नहीं उठा सकेंगे. ये मौका आजादी के 65 साल के बाद मिला है. हमें इस मौके को चूकना नहीं है. आने वाले 30 अप्रैल को देश के विकास में सहयोग करने के लिए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मधेपुरा से भाजपा उम्मीदवार विजय सिंह कुशवाहा को वोट करने की अपील की. अंत में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए रेणु कुशवाहा ने कहा कि-
चार बास चौबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण,
ता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान.

नीतीश कुमार पहुंचे मधेपुरा, यहीं से करेंगे कई चुनावी सभा: मधेपुरा चुनाव डायरी (52)

|मुरारी कुमार सिंह|18 अप्रैल 2014|
आखिरकार मुख्यमंत्री जी को मधेपुरा में कैम्प करना ही पड़ा. माना जा रहा है कि दांव पर लगी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव की प्रतिष्ठा को बचाना जनता दल यूनाइटेड के लिए काफी अहम है और यदि मीडिया में आ रही खबरों पर भरोसा करें तो इस लोकसभा चुनाव में बिहार में जदयू की स्थिति पहले की तरह अच्छी नहीं है.
      मधेपुरा समेत आसपास की कई सीटों पर जदयू के प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी सभा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधेपुरा में ही रहकर कैम्पेन करने का मन बनाया है. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री आज से लेकर लगातार 28 तक मधेपुरा में ही रहकर चुनाव की रणनीति पर काम करेंगे. इसी क्रम में आज शाम नीतीश कुमार का हैलीकॉप्टर मधेपुरा के जेनरल हाई स्कूल के मैदान में उतरा. चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच नीतीश कुमार जिला मुख्यालय स्थित अपने मित्र ललन सर्राफ के निजी आवास पर पहुंचे. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री यहीं रहकर कल सुपौल लोकसभा क्षेत्र के त्रिवेणीगंज, अररिया लोकसभा क्षेत्र के रानीगंज, कटिहार लोकसभा क्षेत्र के प्राणपुर, भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के गोपालपुर, पूर्णियां लोकसभा क्षेत्र के बनमनखी विधानसभा क्षेत्रों में निर्धारित स्थानों पर जनसभा को संबोधित करेंगे.
      इस दौरान उनके अस्थायी निवास स्थान के इर्दगिर्द भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और जिला मुख्यालय में कई जगहों पर आज पहले की तुलना में ज्यादा पुलिस नजर आ रही है.

17 अप्रैल 2014

पहले किया दुष्कर्म का प्रयास, अब मामला दर्ज होने पर जेल से भी डरा रहे हैं गवाहों को

|मुरारी कुमार सिंह| 17 अप्रैल 2014|
कहते हैं चरित्रहीनों की न तो कोई जात होती है और न धर्म. ये कब क्या कर बैठेंगे, वो खुद भी नहीं जानते. पाठकों को याद होगा कि गम्हरिया थाना के एक गाँव में होली के रोज ही पड़ोसी के घर घुस कर प्रवीण कुमार सिंह नाम का एक शादीशुदा युवक एक चौदह वर्षीया नाबालिग लड़की के साथ उस समय दुष्कर्म का प्रयास करने लगा जब वह बाथरूम में घुसकर स्नान कर रही थी. लड़की ने चिल्लाने पर दुष्कर्मी रंगे हाथ पकड़ा गया था. (पढ़ें: मधेपुरा में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास: चरित्रहीनता की होली). बाद में दुष्कर्मी के घर से शराब का जखीरा भी बरामद हुआ था.
      दुष्कर्म के प्रयास में भले ही प्रवीण जेल चला गया हो, पर प्रवीण के लोग अब मामले को रफा-दफा कराने के लिए गम्हरिया पुलिस को मैनेज करने के प्रयास में हैं. यही नहीं अब मामले के गवाहों को डराया-धमकाया भी जा रहा है. पीड़िता सोनम ने आज अपना दुखड़ा मधेपुरा के एसपी आनंद कुमार सिंह को सुनाते हुए यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस भी गवाहों के बयान लेने में आनाकानी कर रही है और ऐसा लगता है कि पुलिस अभियुक्तों के प्रभाव में आ चुकी है.
      एसपी ने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

पुलिस लिखे मोटरसाइकिल से मारा सायकिल सवार को धक्का: उलटे जमा रहे थे रौब, पर मामला पड़ गया उल्टा

|मुरारी कुमार सिंह|17 अप्रैल 2014|
मधेपुरा में पुलिस लिखे मोटरसायकिलों की भरमार सी है और लोग कहते हैं कि इन मोटरसायकिल पर सवार लोग या तो पुलिस से जुड़े भी नहीं हैं या फिर उनका कोई दूर का रिश्तेदार पुलिस में होता है. माना जाता है कि ये फर्जी पुलिस वाले एक तो रौब ज़माने के लिए ऐसा करते हैं और फिर पुलिस की चेकिंग से बचना भी इनका उद्देश्य हुआ करता है. इनके जेहन में एक और बात होती है कि यदि ये कहीं दुर्घटना भी कर डालते हैं तो ये वहां से आसानी से बचकर निकल जाते हैं.
      इसी तरह का एक मामला आज दिन में जिला मुख्यालय के मछली बाजार के पास देखने को मिला. पुलिस लिखे मोटरसायकिल सवार (मोटरसाइकिल नंबर BR 43 D 8051) ने एक सायकिल वाले को धक्का मारा तो जहाँ सायकिल सवार को चोटें भी आई वहीँ उसकी सायकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. पर ये क्या ? माफी मांगने की बजाय इस फर्जी पुलिस ने जख्मी सायकिल सवार पर रौब जमाते हुए कहा कि साले, चलो थाना, तुझे ठीक करता हूँ. सायकिल सवार डर से थाना जाने में आनाकानी कर रहा था और कह रहा था कि मेरी सायकिल ठीक करा दीजिए. पर मोटरसायकिल सवार उसे थाना ले जाने की जिद पर अड़ा हुआ था. लोगों की भीड़ चुपचाप तमाशा देख रही थी.
      पर जैसे ही मधेपुरा टाइम्स के इस संवाददाता ने मोटरसाइकिल सवार की तस्वीर लेकर उससे पूछताछ शुरू की तो पहले तो वह अड़ा, पर हमारे डपटते ही उसे लगा कि मामला फंस सकता है. गिरगिट की तरह रंग बदलते मोटरसाइकिल सवार अपनी गलती स्वीकार करते टूटी सायकिल को ठीक कराने को तैयार हो गया. इस दौरान वह अपना नाम और पता बार-बार बदलता रहा.
      लोगों का मानना था कि मोटरसाइकिल सवार भीड़ से निकलने के लिए झूठा रौब जमा रहा था और जैसे ही वह भीड़ से निकलता वह भाग जाता.  

निर्धारित समय के बाद तक चलती रही शरद यादव की सभा: आचार संहिता उल्लंघन का मामला होगा दर्ज ?: मधेपुरा चुनाव डायरी (51)

|डिक्शन राज|17 अप्रैल 2014|
वोट बटोरने के चक्कर में मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र में नेता खो रहे हैं होशोहवास. जाहिर सी बात है हैलीकॉप्टर पर सवार होते हैं तो नीचे के लोग तो छोटे नजर आयेंगे ही.
      शरद यादव की सभा में आज आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है. मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना के खेल मैदान औराही एकपरहा में शरद की जनसभा करने के लिए जिला प्रशासन की अनुमति 04:10 बजे शाम से 04:50 शाम तक ही थी. परन्तु सभा में निर्धारित समय के बाद जहाँ जदयू के नेताओं ने अपना भाषण जारी रखा वहीँ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव की हैलीकॉप्टर भूतही काली स्थान के पास बने हैलीपेड पर निर्धारित समय के बाद 50:09 बजे उतरी. समय के बाद दिए गए भाषण में शरद यादव ने कहा कि यदि केन्द्र में उनकी सरकार बनती है तो वे बिहार को विशेष सुविधा दिलवाएंगे.
      भाषण के बाद शरद यादव 05:26 बजे हैलीकॉप्टर में बैठे और 05:31 में उनकी हेलीकॉप्टर ने औराही एकपरहा से उड़ान भरी.

हुआ है आचार संहिता का उल्लंघन: गम्हरिया बीडीओ ने मधेपुरा टाइम्स को बताया कि उन्हें समय अवधि विस्तार से सम्बंधित जिले से कोई जानकारी नहीं मिली है. वे नियमों का अध्ययन कर रहे हैं. निर्धारित समय के बाद सभा करना आचार संहिता के उल्लंघन का मामला तो बनता ही है. मधेपुरा टाइम्स के यह पूछने पर कि क्या शरद यादव पर भी मुकदमा दर्ज होगा, पर गम्हरिया बीडीओ रविन्द्र साह ने कहा कि नहीं, जिन्होंने सभा की अनुमति ली है उनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. जबकि उसी समय गम्हरिया थानाध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि वे निर्धारित समय के समाप्त होने पर सभास्थल से लौट गए. यह पूछने पर कि क्या गम्हरिया बीडीओ की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने से संबधित आवेदन दिया गया है, पर थानाध्यक्ष ने बताया कि उनसे बात हुई है वे शिकायत सम्बंधित आवेदन टाइप करा रहे हैं.

मामले पर क्या कहते हैं सदर एसडीओ ?: सदर एसडीओ बिमल कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास समय विस्तार कराने के लिए आवेदन दिया जा रहा था, परन्तु उन्होंने समय विस्तार की अनुमति नहीं दी है.

चुनाव आयोग तक पहुंची मधेपुरा टाइम्स की खबर: एसडीओ ने कहा, ‘शरद की सभा के लिए दी थी समय विस्तार की अनुमति’: मधेपुरा चुनाव डायरी (50)

|कुमार शंकर सुमन|17 अप्रैल 2014|
मधेपुरा टाइम्स पर दिनांक 10 अप्रैल को छपी खबर घैलाढ़ में शरद की जनसभा: क्या हुआ है आचार संहिता का उल्लंघन ? की सूचना चुनाव आयोग के पास पहुँचने के बाद मधेपुरा के एसडीओ ने सफाई देते हुए कहा कि घैलाढ़ प्रखंड के गुरकी हाट चिकनोटवा में आयोजित शरद यादव की उक्त जनसभा में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ था और जनसभा के लिए समय विस्तार की अनुमति दे दी गई थी.
      एसडीओ बिमल कुमार ने मधेपुरा टाइम्स को बताया कि 10 अप्रैल को हुई उक्त जनसभा में पहले अनुमति 2 बजे से 4 बजे तक की दी गई थी, परन्तु जनसभा के दिन ही नियत समय से पूर्व पुन: जदयू के चुनाव अभिकर्ता बिजेंद्र नारायण यादव की ओर से समय विस्तार के लिए आवेदन दिया गया था जिसे स्वीकृत करते हुए उक्त तिथि को शाम 5:30 बजे तक सभा करने की अनुमति दे दी गई थी.
घैलाढ़ बीडीओ के उस बयान पर जिसमें सभा समाप्ति के बाद बीडीओ राजेन्द्र राम ने कहा था कि ये आचार संहिता का मामला बन सकता है और अबतक उन्हें एसडीओ से समय विस्तार की सूचना नहीं मिली है, पर मधेपुरा एसडीओ ने कहा कि उन्होंने बीडीओ को इसकी सूचना मोबाइल से देने का प्रयास किया था, पर फोन नहीं लगने की वजह से उन्हें समय पर सूचना नहीं दी जा सकी, पर हमने समय विस्तार की सूचना अंचलाधिकारी को दे दी थी.
बता दें कि इस मामले में जदयू प्रत्याशी शरद यादव के देर तक जनसभा करने पर घैलाढ़ बीडीओ ने मधेपुरा टाइम्स को बताया था कि सभा के सम्बन्ध में समय विस्तार की जानकारी उन्हें सभा समाप्त होने के बाद तक नहीं थी. बता दें कि उक्त सभा में विधि व्यवस्था सामान्य एवं शांतिपूर्ण बनाये रखने का भार बीडीओ तथा थानाध्यक्ष घैलाढ़ को ही दिया गया था. साथ ही सम्पूर्ण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी भी बीडीओ को ही करानी थी.

16 अप्रैल 2014

‘बीजेपी ने किया होगा, काफी थैली है उनके पास’: किशनगंज से जदयू प्रत्याशी के चुनाव से हटने पर बोले शरद

|मुरारी कुमार सिंह|16 अप्रैल 2014|
बिहार के किशनगंज लोकसभा सीट से जदयू के अख्तरूल ईमान के चुनाव मैदान से हट जाने से जहाँ सत्तारूढ़ जदयू को बड़ा झटका लगा है वहीँ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मधेपुरा से लोकसभा प्रत्याशी शरद यादव ने अख्तरूल ईमान के द्वारा ईमान बेच लेने की बात कही है. उन्होंने कहा कि लोगों ने बताया कि इस प्रकरण में पैसे का बड़ा ट्रांजेक्शन हुआ है. शरद ने इस घटना को पार्टी के लिए समस्या खड़े होने से इनकार नहीं किया.
      बीजेपी को इस पूरी घटना के लिए जिम्मेवार बताते हुए शरद यादव ने कहा कि बीजेपी ने ही किया होगा ये सब. काफी थैली है उनके पास, बीजेपी का यही काम है.
      जाहिर सी बात है यदि इस रिपोर्ट को सच माना जाय कि बिहार में जदयू कमजोर हो गई है तो किशनगंज की घटना भी इस बाता का समर्थन करती है. अब देखना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद लोकसभा में जदयू की क्या स्थिति रहती है, और इस बात में कोई शक नहीं है कि पार्टियां एक दूसरे पर दोषारोपण करती रहेंगी.
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