27 फ़रवरी 2015

पूर्व डीजीपी अभयानंद मधेपुरा में कल मेधावी छात्रों को देंगे गणित की जानकारी

प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन मधेपुरा के बैनर तले एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. बिहार के पूर्व डीजीपी श्री अभयानंद के निर्देशन में दिनांक 28.02.15 को संघ्या 5 बजे से 7 बजे तक मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के सेमिनार हॉल में शहर के चुनिंदा मेधावी छात्रों को गणित विषय की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.  
          विदित हो कि प्राइवेट स्कूल्स के राष्ट्रीय अघ्यक्ष शमायल अहमद ने 30 दिसम्बर 14 को मधेपुरा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि फरवरी में श्री अभयानंद के नेतृत्व में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. श्री अभयानंद के इस आगमन से मधेपुरा के निजी विद्यालय के संचालकों एवं छात्रों में खुशी व्याप्त है. इस अवसर पर मधेपुरा के जिला पदाधिकारी श्री गोपाल मीणा एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री आषीष भारती उपस्थित रहेंगें. उक्त जानकारी प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन  मधेपुरा के जिला अध्यक्ष श्री किशोर कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा दिया.
(नि० सं०)

मधेपुरा में मध्याह्न भोजन में परोसा गया भात-नमक

मधेपुरा जिले में मध्यान्ह भोजन की दशा को दर्शाता हुआ एक शर्मनाक उदाहरण है सामने आया है. जिले के पुरैनी प्रखंड के अन्तर्गत आने वाले कन्या प्राथमिक विद्यालय विषहरी स्थान में बच्चों को आज मीनू के अनुसार चावल मिश्रित दाल व हरी सब्जी के बदले भात और नमक परोसा गया तो विधालय के छात्र आक्रोशित हो उठे और अधूरा खाना छोड़कर घर चले ये और इसकी शिकायत अपने अभिभावकों से कर दी.
                     ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार आज बच्चों को जब मध्यान्ह भोजन में सिर्फ भात और सरसों तेल युक्त नमक खाने के लिए दिया तो भात व नमक को देखकर कुछ बच्चों ने इसकी शिकायत अभिभावकों से कर दी. विद्यालय क्र रसोइया से पूछने पर उसने बताया कि उन्हें तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है. रसोईया का कहना था कि जब मानदेय की मांग की जाती है तो एचएम द्वारा विद्यालय से भगा देने की धमकी दी जाती है. हालांकि उस समय विद्यालय में प्रधानाध्यापक संतोष पोद्दार उपस्थित नहीं थे.    
                हेडमास्टर पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने बताया कि एचएम द्वारा इधर चार-पांच दिन पूर्व से सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय में कुर्सी पर बैठने से साफ मना कर दिया है. मौके पर अभिभावक भगवान यादव, मुकेश यादव, सदानंद सिंह, मंटू मेहता, दिलीप राम, दिनेश यादव, विकास मालाकार, कैलाश सिंह आदि ने बताया कि प्रधानाध्यापक संतोष पोद्दार अक्सर विद्यालय से फरार रहते हैं.
    कई अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने यह भी बताया कि बुधवार को इस स्कूल में मध्यान्ह भोजन का संचालन नहीं करने के बावजूद हेडमास्टर द्वारा विभाग को 281 बच्चे के खाने की रिपोर्ट दे दी गई.
              वहीं इस बाबत एचएम से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि राशि की निकासी नहीं होने एवं दुकानदार द्वारा सामग्री नहीं देने की वजह से शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भात बनवाकर नमक के साथ पड़ोस दिया गया जबकि मैंने मना किया था.

मधेपुरा में लुट गये नेता जी....

चौंक गए न! जी हाँ, मधेपुरा में एक नेताजी के भोलेपन का फायदा सायबर अपराधियों ने उठा लिया और नेता जी साइबर क्राइम की चपेट में आकर लुट गए हैं. थोड़ी सी चूक क्या हुई नेताजी के खाते से धडाधड 94 हजार रूपये निकल गए.
    मिली जानकारी के अनुसार मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड राजद के युवा अध्यक्ष बिजेन्द्र यादव के मोबाईल पर 7739093255 नंबर से किसी ने फोन किया और कहा कि वह आरबीआई से बोल रहे हैं और क्या आपका खाता बैंक ऑफ इंडिया में है? नेताजी ने हाँ कहा तो सामने से कहा गया कि आपका खाता व एटीएम बंद कर दिया गया है, जिसे पुनः चालू करने के लिए आप अपना एटीएम नंबर बताइए. नेता जी ने बिना किसी बात कि आशंका के अपना एटीएम कार्ड नंबर बताया तो  उनसे कहा गया कि आप 5100 और 2100 लिखें और इसके बाद अपना पुराना वाला पिन नम्बर लिखें. फिर उधर से पूछा गया कि क्या लिखे तो नेताजी ने सारे अंक बता दिए.
बस इसके बाद जो होता है, वही हुआ. खाते से राशि निकलने का मैसेज  मोबाइल धडाधड आना शुरू हो गया. जबतक नेता जी जबतक सँभलते तबतक बहुत देर हो चुकी थी. बैंक पहुँचते-पहुँचते सारी राशि खाते से निकाल ली गयी. शायद नेता जी को ये बात मालूम नहीं थी कि बैंक कभी आपसे आपकी गोपनीय बातें जैसे कार्ड नम्बर, पिन नंबर नहीं पूछता. यदि कोई पूछे तो समझ जाइए, आप फ्रॉड के चक्कर में हैं.
(दिव्य प्रकाश की रिपोर्ट)

शास्‍त्री व इंदिरा के बाद मोदी सर्वाधिक इच्‍छा शक्ति वाले पीएम: पप्‍पू यादव

पटना| राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल बहादुर शास्‍त्री व इंदिरा गांधी के बाद सर्वाधिक इच्‍छा शक्ति वाले प्रधानमंत्री हैं. लोकसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के वक्‍तव्‍य पर प्रतिक्रिया करते हुए उन्‍होंने कहा कि मोदी में सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता है. पौन दो घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री ने देश के विकास का जो विजन प्रस्‍तुत किया है, वह अभूतपूर्व है.
           श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्‍व कौशल और बहुमुखी विकास की अवधारणा अतुलनीय है. हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि उन्‍हें विकास के मजबूत एजेंडे से सांप्रदायिकता और अलगाववाद के आरोपों को निराधार साबित करना होगा. राजद सांसद ने कहा कि पीएम मोदी मानते हैं कि देश हिन्‍दू-मुस्लिम को मिलाकर चलेगा. वह सबको साथ लेकर चलने की कोशिश भी कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि गरीबी सबकी समान दुश्‍मन है, विकास में बाधक है. इससे सामूहिक रूप से मुकाबला करना होगा.
पप्‍पू यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह भी किया है कि वह जाति व धर्म की राजनीति करने और उन्‍माद पैदा करने वालों को नकारें. साथ ही, उन शक्तियों को भी रोकें, जो धर्म की राजनीति करके देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विकास और सद्भवाव की राजनीतिक यात्रा में कॉमन मैनको भी साथ लेना होगा. देश के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पण जगजाहिर है. उनके इस समर्पण भाव का हम सम्‍मान करते हैं और उम्‍मीद करते हैं कि देश उनके नेतृत्‍व में विश्‍व की महान शक्ति बनकर उभरेगा.
(ए.सं.)

टूट रहा गाँधी के सपनों का भारत: बदहाली के आंसू रो रहा है खादी ग्रामोद्योग केन्द्र

मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड मुख्यालय स्थित 80 के ही दशक में स्थापित खादी ग्रामोद्योग भंडार पुरैनी जो कभी बाजार की रौनक हुआ करता था अब अपनी बेबसी के आँसू बहा रहा है. कभी ग्राहकों की भीड़ से परेशान रहने वाले केन्द्र के संचालक हरिवंश नारायण सिंह अफसोस प्रकट करते हुए बताते हैं कि आधुनिकता की इस दौर में गाँधी के सपनों का भारत बदल चुका है. लोग पश्चिमी सभ्यता की ओर कूच कर रहे हैं और इतना ही नहीं लोग पाश्चात्य भेष-भूषा को ही पहनना पसन्द कर रहे हैं.
खादी भंडार पुरैनी की स्थापना 1980 के आसपास की गई थी और 19890 में खादी भंडार के लिए जमीन खरीद कर भवन निर्माण कराया गया. उस समय उक्त भंडार में कार्यरत कर्मचारियों की सँख्या 5 थी, लेकिन विभागीय सक्षम पदाधिकारी की उदासीनता के कारण अब कर्मचारी की सँख्या मात्र एक रह गई है. फलस्वरूप व्यवस्था में गिरावट आई है. बताते हैं कि आरम्भ में बुनकरों की अधिक सँख्या रहने के कारण उक्त खादी भंडार प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रूपये का कारोबार करता था, लेकिन सूत की अनुपलब्धता के कारण कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा. ऐसी बात नही है कि सूत उपलब्ध है ही नहीं. सूत तो उपलब्ध है लेकिन वह तो पॉलिस्टर सूत है, जिसका उपयोग यहाँ के बुनकर नही किया करते हैं. यही वजह रहा है कि यहाँ के बुनकर पुस्तैनी पेशे से विमुख हो गए.
जानकारी मिली कि आरम्भ में खादी भंडार के द्वारा बुनकरों को धागा उपलब्ध कराया जाता था जिसे बुनकरों द्वारा वस्त्र तैयार कर खादी भंडार को दिया जाता था. उसके बदले बुनकरों को मजदूरी के तौर पर मात्र 30 रूपये प्रति जोड़ी धोती पर दिया जाता था. देखा जाय तो मिहनत के हिसाब से मजदूरी उपयुक्त नही थी. खादी भंडार पुरैनी के कर्मचारी हरीवंश नारायण सिंह ने बताया कि भंडार मे अभी भी वस्त्र उपलब्ध हैं लेकिन ग्राहकों का अभाव है.

सड़ रहा है अंबर चरखा: प्राप्त जानकारी के अनुसार रूई से सूत बनाने के लिए प्रखंड कार्यालय को सरकार द्वारा 19940 में सैकड़ों की सँख्या में अंबर चरखा उपलब्ध कराया गया था, लेकिन आज वह चरखा बूनकरों के बीच बाँटने के बजाय प्रखंड कार्यालय के छत पर सड़ रहा है. यह बताने को कोई पदाधिकारी सक्षम नही है कि किस विभाग से अंबर चरखा की आपूर्ति हुई थी लेकिन कूछ कर्मचारियों का मानना है ट्राईसम योजना के तहत चरखा की आपूर्ति हुई होगी. अगर बुनकरों के बीच चरखा बाँट दिया गया होता तो हो सकता था कि प्रखंड के नरदह गांव के बुनकरों का रोजगार ठप्प नही होता.

26 फ़रवरी 2015

सड़क नहीं बनने से गाँव बदहाल: ग्रामीणों में आक्रोश

|दिव्य प्रकाश|26 फरवरी 2015|
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज के हथिऔंधा पंचायत स्थित सिन्दुरिया टोला में सड़क निर्माण नहीं कराए जाने से ग्रामीणों का आक्रोश गहराने लगा है.
        बताया गया कि सिन्दुरिया टोला में मनरेगा योजना के तहत मुख्य सड़क मार्ग से महेन्द्र यादव के घर तक ईट सोंलिग व मिट्टी भराई का काम किया जाना था. इस काम के लिए योजना स्थल पर बोर्ड भी लगा. जिसमें योजना वर्ष 05/2013-14 प्राक्कलित राशि 5,97,563.00 (पांच लाख सन्तानवे हजार पांच सौ तिरेसठ) अंकित है. ग्रामीणों ने बताया कि काम आजतक पूरा नहीं किया गया है. ग्रामीण विनोद यादव, ब्रजकिशोर यादव, बबलू दास, सुरेश दास आदि ने बताया कि सिर्फ ईंट उखाड़ कर टोला में एक दो स्थानों पर कुछ ट्रेलर मिट्टी गिराकर यू हीं छोड़ दिया गया.
            वार्ड सदस्य पति किशोर कुमार ने बताया कि प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं कर जमकर मनमानी की जा रही है. वहीं योजना स्थल पर लगे बोर्ड पर तमाम जनप्रतिनिध के नाम अंकित हैं. पीओ रजनीश कुमार ने बताया कि जल्द उक्त काम पूरा किया जाएगा। कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में राशि रोक ली जाएगी.  

रेल बजट में कोसी की घोर उपेक्षा: सांसद पप्पू यादव

पटना. राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने कहा है कि रेल बजट में कोसी की घोर उपेक्षा की गयी है. रेल बजट पर प्रतिक्रया व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि बिहार की लंबित रेल परियोजना के लिए केंद्र के पास सात हजार करोड़ रुपये बकाया है. केंद्र को बकाये भुगतना कर देना चाहिए, ताकि योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके.
श्री यादव ने कहा कि डीजल की कीमतों में कमी के बाद भी यात्री किराये में कटौती नहीं की गयी. उल्‍टे माल भाड़ा बढ़ा दिया गया. इससे खाद और कोयले की कीमत बढ़ जाने का खामियाजा भी गरीबों को भुगतना पड़ेगा. उपभोक्‍ता वस्‍तुओं की कीमत भी बढ़ जाएगी. उन्‍होंने कहा कि बजट में छात्रों के लिए कोई रियायत की घोषणा नहीं की गयी है. नये रोजगार को लेकर भी सरकार ने कुछ नहीं कहा है. सरकार रेलवे को लेकर बड़े-बड़े सपने जनता को दिखा रही थी, लेकिन सब हवा हो गये.
राजद सांसद ने कहा कि रेलमंत्री ने रेलवे को कामधेनु मान लिया है और उसके दोहन की पूरी कोशिश की गयी है, लेकिन जनहित की अनदेखी की गयी है. सुरक्षा को लेकर सिर्फ तकनीकी चर्चा की गयी है, जबकि व्‍यावहारिक रूप से कुछ नहीं किया गया है. उन्‍होंने कहा कि रेलबजट में जनहित की उपेक्षा की गयी है और गरीबों को लिए कोई विशेष व्‍यवस्‍था की गयी है
(नि० सं०)

बहुत नाइंसाफी है ये?: कोसी को निराश कर गया रेल बजट

क्या मोदी का रेल बजट कोसी के लिए फ्लॉप साबित हुआ ? क्या कोसी और मधेपुरा के लोगों का यहाँ स्लीपर फैक्ट्री आदि कारखाने के बनने का सपना धराशायी हो गया? आज रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा रेल बजट 2015 प्रस्तुत करने के बाद कोसी के लोगों में भारी निराशा देखी गई. विपक्ष तो दूर सत्ताधारी दल से भी जुड़े कोसी के लोगों ने इस बजट को संतोषप्रद नहीं माना.  

      मुरलीगंज में रेल सुविधाओं को लेकर रेल संघर्ष समिति और उद्भव एक प्रयास के संरक्षक बाबा दिनेश मिश्र ने आज के रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोशी वासियों के लिए घोर निराशा जनक रेल बजट है. लेकिन यात्रियों के सुविधा सुरक्षा के लिए सूचना-तकनीक पर जोर, महिला सुरक्षा बुजुर्ग एवं गर्भवती महिलाओं के लिए लोर बर्थ की संख्या बढाने, रेल किराया नहीं बढाना, जेनरल डिब्बे में मोबाइल चार्जिंग, 104 ट्रेनों में ई-कैटरिंग, 400 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा निश्चित ही प्रशंसनीय है.
          भाजपा पंचायती राज मंच के जिलाध्यक्ष आभाष आनंद झा मानते हैं कि भाजपा को कोशी में सीट नहीं मिलने की प्रतिक्रिया है रेल कारखाना चालू नहीं करना. बड़ी लाइन से कटिहार  और मधेपुरा को नहीं जोड़ना और साथ ही ललित बाबू का सपना कि मधेपुरा से बीरपुर रेल खंड का निर्माण हो की उपेक्षा की गयी है, जो दुखद है. कोशी जैसे पिछड़े इलाके के साथ ये नाइंसाफी है. ऐसे में सबका विकाकैसे संभव होगा? बाकी घोषणा किराया नहीं बढ़ाना और सुविधा बहाल करना काबिले तारीफ़ है.
      बसपा नेता गुलजार कुमार उर्फ बंटी यादव भी इस बजट को काफी निराशाजनक मानते हैं. वे कहते हैं कि कोशी को काफी उम्मीद थी इस नयी सरकार से. सबका साथ सबका विकानारा ख़त्म होता दिख रहा है.
     मधेपुरा के व्यवसायी अमित कुमार सिंह मोनी कहते हैं कि  इस रेल बजट को आप बहुत अच्छा बजट नहीं कह सकते हैं. इस बजट में रेल किराया नहीं बढ़ना तय था क्योंकि ये सरकार 9 महीने किराया बढ़ा चुकी थी. रही कमी की बात तो इस बजट में यात्रियों के सुख-सुविधा और भीड़ नियंत्रण के कोई ठोस पहलू नजर नहीं आया.
        वहीँ मधेपुरा के प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कहते हैं कि प्रभु के रेल बजट मे जहाँ अच्छी बात है कि पहले से प्राप्त गाड़ियों को मेंटेन किया गया वही माल गाडी का किराया बढ़ा कर अपरोक्ष रूप से आम जनता की जेब पर कैंची मारा है. कुल मिलाकर कह सकते है राजनीति की रोटी सेंकी गई, बेचारी असहाय जनता.
(ब्यूरो रिपोर्ट)

मधेपुरा में वृद्धा की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने बस को फूंका

मधेपुरा जिला मुख्यालय के रजिस्ट्री ऑफिस के पास आज सुबह एक बस की चपेट में आकर एक वृद्धा की मौत होने के बाद लोगों का गुस्सा जमकर उभरा और उन्होंने बस से यात्रियों को उतार कर बस को आग के हवाले कर दिया.
      घटनास्थल पर मौजूद बस के ही यात्री ने बताया कि घटना सुबह करीब पौने दस बजे के आसपास की है. जिला मुख्यालय के रजिस्ट्री ऑफिस के पास निरंजन ट्रेवल्स नाम की बस (BR 43 B 3981) से छर्रापट्टी (सुपौल) की एक वृद्धा का बस से उतरने के क्रम में गेट में साड़ी फंस गया, पर बस के ड्राइवर को पता नहीं चल पाने के कारण उसने बस को आगे बढ़ा दिया जिससे महिला चक्के के अंदर आ गई और उसकी मौत हो गई.
      घटना के बाद लोगों ने बस ड्राइवर को पकड़ना चाहा, पर वह भाग गया. आक्रोशित लोगों ने बस के यात्रियों को उतार कर बस में आग लगा दी. बस के धू-धू कर जलने और आक्रोशित लोगों के वहां रहने से आवागमन काफी देर तक बाधित रहा. मौके पर पुलिस बल ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और फिर फायरब्रिगेड की गाड़ी भी पहुँच गई. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, पर तब तक बस बुरी तरह जलकर बर्बाद हो चुकी थी.
   वीडियो में देखें कैसे धू-धू कर  जाली बस, यहाँ क्लिक करें.

होली को सामजिक सौहार्द से मनाने को लेकर शान्ति समिति की बैठक

|प्रेरणा किरण|26 फरवरी 2015|
आने वाले पर्व होली में सामजिक सौहार्द और भाईचारा बना रहे, इसके लिए जहाँ जिले के लोगों को प्रेरित किये जाने की आवश्यकता है वहीँ मधेपुरा जिले के रतवारा थानाक्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी तथा प्रबुद्धजनों के साथ रतवारा थाना में एक शान्ति समिति की बैठक आयोजित की गई.
      बैठक में लोगों ने थानाध्यक्ष महेश कुमार यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी और कार्यशैली से दियारा के इस इलाके के अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ व्याप्त हुआ है, जो एक बड़ी बात है.
      बैठक में मौजूद अंचलाधिकारी अरूण कुमार ने कहा कि होली के दौरान सामजिक सौहार्द बनाये रखने में इलाके के लोगों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है और समाज के सहयोग से ही पुलिस भी हुडदंगियों पर काबू रख पाती है.
      बैठक में प्रत्येक पंचायत में कमिटी का गठन किया गया. भाग लेने वालों में जदयू अध्यक्ष रामेश्वर राय, मुखिया लालो सिंह, रामलाल सिंह, अमरेन्द्र चंद्रवंशी, सुरेश सिंह, मनोज शर्मा, मो० असगर अली, मो० मुस्तकीम समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.

पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने को तत्पर, पत्नी ने महिला थाना में लगाई गुहार

मधेपुरा जिले के गम्हरिया थानाक्षेत्र के चिकनी फुलकाहा की पूनम देवी इन दिनों पति की करतूत से बेबस दिख रही है. पहले तो पति बेचन मुखिया ने पूनम के सारे जेवरात और कपड़े आदि छीनकर घर से भगा दिया और अब कोर्ट में मामला लंबित रहने के बावजूद पति दूसरी शादी के लिए प्रयासरत है.
      न्यायालय में हो रही देरी के बीच पति अब दूसरी शादी जल्द कर लेना चाहता है. पूनम बताती है कि उसे डर है कि यदि वह पति के घर उसे रोकने या समझाने जाती है तो पति और उसके ससुरालवाले उसकी हत्या कर देंगे. पति कहते हैं कि एक लाख रूपये और एक मोटरसायकिल अपने बाप से मांग कर लाओ तब ही रख सकते हैं.
      महिला थाना में आवेदन देकर पूनम देवी ने पुलिस से गुहार लगाईं है कि उसके पति को दूसरी शादी से रोका जाय नहीं तो एक अबला की जिंदगी तबाह हो जायेगी.

25 फ़रवरी 2015

घर से 20 हजार रूपये और जेवर लेकर प्रेमी के साथ भागी लड़की ने कहा, ‘मैंने प्यार किया’

प्यार-मुहब्बत में घर छोड़कर प्रेमी के साथ भागने की घटना तो अक्सर घटती रहती है, पर इस घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है. कारण इसके पात्रों के नाम हैं जो कुछ लोकप्रिय व्यक्तियों से मिलते जुलते हैं.
      गत 26 जनवरी की मधेपुरा जिले के भर्राही ओपी क्षेत्र के बूढ़ी गाँव की एक लड़की के गायब होने पर लड़की के पिता ने गाँव के ही नीतीश कुमार पर अपने बेटी को भगाने का आरोप लगते हुए पुलिस में मामला दर्ज करा दिया.
      पर आज अचानक गायब लड़की ने न्यायालय में अपने अधिवक्ता दिलीप कुमार के माध्यम से उपस्थित होकर सबको चौंका दिया. अधिवक्ता दिलीप कुमार पूरी कहानी बताते हुए कहते हैं कि गायब लड़की राबड़ी कुमारी पूरी तरह बालिग़ होने का दावा करती है और उसका कहना है कि उसे गाँव के राजेन्द्र यादव के पुत्र नीतीश कुमार ने नहीं भगाया बल्कि वो ही नीतीश को लेकर भागी थी. लड़की ने जहाँ अपनी मर्जी से आरोपी लड़के के साथ जाने और शादी करने की बात कही वहीँ अधिवक्ता ने यह भी बताया कि आरोपी नीतीश कुमार भी उनके संपर्क में है.
      बताया गया कि गाँव के ही लालू, श्याम, शरद समेत कई लोग दोनों के स्वजातीय होने के कारण दोनों परिवार को समझा कर मामले में सुलह में लगे हुए हैं.
   (सुनें वीडियो में कहानी का प्लॉट, यहाँ क्लिक करें)
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