सकरपुरा बेतौना की मुखिया पर लगाया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा: क्या विरोधियों ने कराए थे फर्जी हस्ताक्षर ?
वैसे तो ग्रामीण राजनीति लगभग पूरे बिहार में ही अव्वल
दर्जे की घटिया चीज है, पर सकरपुरा बेतौना पंचायत में जो हुआ, कम शर्मनाक नहीं है.
चंद राजनीति के सौदागरों ने पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवी के खिलाफ साजिस रची और
उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाया. पर अविश्वास प्रस्ताव की नींव ही कमजोर
निकली
और शंका इस बात की भी है कि जिन 2335 मतदाताओं ने मुखिया के खिलाफ हस्ताक्षर युक्त
आवेदन जिला प्रशासन को देकर मुखिया को हटाने की मांग की थी, उनमें से अधिकाँश ने
विरोधियों के बहकावे में आकर हस्ताक्षर किये गए थे.

जिला
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया था चूंकि इतने अधिक लोगों का भरोसा मुखिया पर
से हटना गंभीर मामला लगा था. पंचायती राज अधिनियम की धाराओं का पालन करते हुए जिला
प्रशासन ने यह तय किया था कि यदि पंचायत के आधे से अधिक वैध मतदाता आज मधेपुरा प्रखंड के सकरपुरा
बेतौना पंचायत में तय किये गए बैठकस्थल पर पहुँचते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव की
प्रक्रिया आगे बढ़ाई जायेगी.
पंचायत
के बेतौना वार्ड नं. 14 में बाढ़ आश्रय स्थल पर आयोजित आज की बैठक के लिए जिला
प्रशासन ने जबरदस्त तैयारी की थी और सुबह आठ बजे से ग्यारह बजे तक मतदाताओं की
उपस्थिति दर्ज की जानी थी. पर पूरा मामला टांय-टांय फिस्स हो गया और महज 261
मतदाताओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि पंचायत के अधिकाँश मतदाता इस
अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ थे.
जिला
पंचायती राज अधिकारी खुर्शीद आलम अंसारी ने मधेपुरा टाइम्स को पूरी जानकारी देते
हुए कहा कि नियम के मुताबिक पंचायत के कुल मतदाताओं के 20% मतदाताओं के
हस्ताक्षर युक्त अविश्वास सम्बन्धी आवेदन यदि मुखिया के खिलाफ प्रशासन को दिए जाते
हैं तो उसपर अग्रिम कार्यवाही करने के नियम हैं. उसी प्रक्रिया के तहत आज 2952
मतदाताओं की उपस्थिति आवश्यक थी. पर आज वैध मतदाताओं की उपस्थिति मात्र 261 रही और
इस तरह मुखिया सुमित्रा देवी के खिलाफ लगाया गया अविश्वास प्रस्ताव असफल हो गया.
उधर
मुखिया सुमित्रा देवी और उनके समर्थकों का कहना था कि जिन 2335 मतदाताओं ने मुखिया
के खिलाफ हस्ताक्षर युक्त आवेदन दिया था उनसे यह कहकर आवेदन पर हस्ताक्षर कराया
गया था कि इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने से आपलोगों को कई सरकारी सुविधाओं का लाभ
मिलेगा, और इसी झांसे में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर दिए थे. और बाद में जब स्थिति
स्पष्ट हुई तो लोगों ने मुखिया का समर्थन कर दिया.
सुनें
पूरे मामले पर जिला पंचायती राज अधिकारी खुर्शीद आलम अंसारी को, यहाँ क्लिक करें.
सकरपुरा बेतौना की मुखिया पर लगाया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा: क्या विरोधियों ने कराए थे फर्जी हस्ताक्षर ?
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
October 27, 2014
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