कोलुवाहा गांव के वार्ड नंबर 07 में जब बिजली टीम गजेन्द्र मेहता के परिसर में पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए। घर में कोई वैध कनेक्शन नहीं था, लेकिन एलटी पोल से सीधा टोका फंसाकर बिजली खींची जा रही थी। जांच में 1.682 KW का लोड पाया गया। विभाग ने इसे सरकारी राजस्व का बड़ा नुकसान मानते हुए 75,693 रुपए का जुर्माना लगाया है।
निशिहरपुर के सुनील सरदार पर पुराना बकाया होने के कारण दिसंबर 2025 में ही पोल से बिजली काट दी गई थी। टीम ने पाया कि उन्होंने न तो बकाया जमा किया और न ही नया आवेदन दिया, बल्कि सीधे पोल से तार जोड़कर फिर से बिजली चालू कर ली। इन पर पिछले बकाए और चोरी को मिलाकर 76,766 रुपए का जुर्माना तय किया गया है।
कार्रवाई के पीछे की 3 बड़ी बातें:
जुर्माना: दो उपभोक्ताओं पर करीब सवा लाख से अधिक की पेनल्टी।
धारा 135: विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत केस दर्ज करने की अनुशंसा।
जब्ती: मौके से अवैध तार और उपकरण जब्त कर पुलिस को सौंपे गए।
"ऊर्जा चोरी के विरुद्ध गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी दल का गठन किया गया था। किसी भी सूरत में अवैध रूप से बिजली का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा।"
— कनीय विद्युत अभियंता, शंकरपुर
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
January 13, 2026
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