पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। 01 सितंबर 2025 को रौशन कुमार की प्रतिनियुक्ति सिंहेश्वर थाने में की गई थी। लेकिन 9 सितंबर को आयोजित अपराध गोष्ठी में उन्होंने खुले तौर पर सिंहेश्वर थाने में कार्य करने से इंकार कर दिया। जब एसपी ने उनसे इसका कारण पूछा, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
एसपी डॉ. संदीप सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पुलिस एक अनुशासित बल है। किसी भी पुलिस पदाधिकारी को यह चुनने का अधिकार नहीं है कि उसे कहां काम करना है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रौशन कुमार का यह रवैया अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का स्पष्ट उदाहरण है। पुलिस हस्तक नियमों के अनुसार हर पदाधिकारी को दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करना अनिवार्य है।
एसपी ने चेतावनी दी कि ऐसी प्रवृत्तियों को अनदेखा करने से पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए रौशन कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें केवल जीवन-यापन भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र सिंहेश्वर निर्धारित किया गया है। इस कार्रवाई ने मधेपुरा पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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September 10, 2025
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