(04 फरवरी 2013)
दिन-दहाड़े 21 वर्षीय युवक हिमांशु राज की हत्या का
आरोप अधिवक्ता पिता शरद चन्द्र यादव पर ही लग रहा है. और आरोप लगा रही है मृतक की
बहन और मृतक की माँ. यानि कि अधिवक्ता की बेटी और पत्नी का दावा है कि हिमांशु की
निर्मम हत्या उसके पिता ने ही कर दी है. मृतक की माँ हत्या के समय पतरघट (सहरसा)
के पहाड़पुर मध्य विद्यालय में थी जहाँ वह बतौर शिक्षिका पढाती है. हत्या के वक्त बहन
अंकिता राज मंदिर गई थी और हिमांशु घर में अकेला टीवी देख रहा था. हत्या तेज
धारदार हथियार से इस निर्ममता के साथ की गई जिससे हिमांशु का चेहरा पहचानना भी
मुश्किल है.
अंकिता ने
जब घर लौटते ही भाई को मरा देखा तो फिर लोगों की भी भीड़ जमा हो गई और खबर मिलते ही
माँ भी घर पहुंची. अंकिता ने जहाँ बाप को ही हत्यारा बताया वहीं एक और राज का
खुलासा किया कि उसकी बड़ी बहन की हत्या भी कुछ महीने पहले पिता ने ही कर दी थी जिसे
माँ ने छुपा लिया था. मृतक के माँ और पिता में काफी दिनों से विवाद चल रहा था और
ये हत्या की घटना उसी का नतीजा बताया जा रहा है.
हत्या
के बारे में जांच कर रहे मधेपुरा के एएसपी हिमांशु शंकर त्रिवेदी ने बताया कि मृतक
की माँ और बहन के बयान पर फरार पिता को सघन छापेमारी कर पुलिस ने धर दबोचा है.
पूछताछ जारी है. हत्यारोपी अधिवक्ता को हाल में ही उच्च न्यायालय से जमानत मिली है
और उसका नाम एसोसिएशन में अधिवक्ता के रूप में भी दर्ज है.
(राजीव रंजन)
तो क्या अधिवक्ता बाप ने ही कर दी बेटे की हत्या ???
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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February 04, 2013
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