23 नवंबर 2016

अतिक्रमण हटाने की बजाय रातों-रात बने महादलितों के कई दर्जन झोंपड़ी

मधेपुरा में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने गये पदाधिकारियों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रमुख ने  लिखित तौर पर कुछ समय लेने के बाद रातों-रात उक्त जमीन पर लोगों ने कई दर्जन झोंपड़ी खड़ी कर दी.

मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस प्रशासन के लोग बुधवार को दोबारा विवादित स्थल पर गये और काम को रोका. हालांकि सूत्र बताते हैं कि झोंपड़ी बनाने का काम चोरी-छिपे अब भी जारी है. जानकारी के अनुसार मामला जिले के शंकरपुर थानाक्षेत्र के जीरवा गांव का है. थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि महादलितो द्वारा घर बनाने की  सूचना मिलने के बाद सीओ के साथ पुलिस भी विवादित स्थल पर गई थी. वहां कुछ लोगों ने अतिक्रमण खाली भी कर दिया था, लेकिन कुछ लोग झोंपड़ी बनाने के लिए नया बांस-बल्ला गाड़ दिये थे. उन्हें रोक दिया गया है. ऐसे लोगों का कहना था कि उनके पास उक्त जमीन का पर्चा है. दोनो पक्षो को कागजात दिखाने को कहा गया है. बताया गया कि सड़क किनारे की उक्त स्थल पर सरकारी जमीन के अलावा रैयत की जमीन है. इस जमीन से अतिक्रमण खाली कराने के लिए मंगलवार को ही दंडाधिकारी महेश रजक सीओ ज्ञान प्रकाश  के अलावा स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी वहां गये थे. लेकिन स्थानीय प्रतिनिधियों के पहल के बाद पांच दिसंबर तक स्वतः अतिक्रमण खाली कर देने की बात लोगों ने कही थी.

प्रखंड प्रमुख के आवेदन पर मिला था समय: बताया गया कि उक्त मामले में मंगलवार को जब प्रशासनिक पदाधिकारी अतिक्रमण खाली कराने गये थे तो 27 परिवारों के साथ-साथ शंकरपुर की प्रखंड प्रमुख अनिता कुमारी के लिखित आवेदन पर पांच दिसम्बर तक का समय मांगा था. इसके बाद ही पदाधिकारी अतिक्रमण खाली कराये बिना लौट गये थे. पदाधिकारी के जाने के बाद आधी रात से ही विवादित लगभग 13 बीघा जमीन पर आसपास के लोगों ने जोर-जबरदस्ती घर बनाना शुरू कर दिया. पीड़ित पक्ष का कहना है कि घर बनाने में बच्चे, बूढ़े, जवान सहित महिला जुटे थे. सीओ ज्ञान प्रकाश  ने बताया कि घटना स्थल का जायजा लेकर तत्काल इसकी सूचना डीएम को दे दी गई है.

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