22 अक्तूबर 2016

‘सहरसा में ओवरब्रिज नहीं बना तो वोट मांगने नहीं आउंगा’: पप्पू यादव

एक तरफ सहरसा में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी के आगमन को लेकर मधेपुरा में भी महागठबंधन के कार्यकर्ता और नेता जी-जान से लगे हुए हैं, तो दूसरी
ओर सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को भी सरकार पर हमलावर रूख कायम रखा. सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ-साथ महागठबंधन के नेताओं को कोसते हुए कहा सूबे में पिछले 32 साल से आपकी सरकार है, लेकिन यहां के लोगों के  आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक हालात बद से बदतर हो गए हैं.  पिछले सत्तर सालों में ललित नारायण मिश्र को छोड़कर
बिहार से नीतीश कुमार, लालू प्रसाद एवं रामविलास पासवान रेल मंत्री हुए, लकिन इन्होंने कोशी के इलाके में एक किलोमीटर भी रेललाइन नहीं बढ़ाया. यहां बड़ी रेल लाइन का कोई महत्व ही नहीं है. उन्होंने सरकार पर मधेपुरा की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से मधेपुरा में बने रेल स्लीपर फैक्ट्री में अब घास उग गयी है. वे सिंहेश्वर के ब्लॉक रोड में मो. आफताब आलम की पुत्रवधु को आशीर्वाद देने आये थे.

सहरसा में ओवरब्रिज नहीं बना तो वोट मांगने नहीं आउंगा: सासंद श्री यादव ने सरकार से पूछा कि सहरसा में रेलवे ओवरब्रीज का पांच बार शिलान्यास हुआ, लेकिन आज तक वहां एक भी ईंट क्यों नहीं रखी गयी? ओवरब्रीज नहीं बनने पर वर्ष 2020 में क्षेत्र की जनता से वोट मांगने नहीं जाने की बात कही. उन्होंने नीतीश कुमार पर कोशी और सीमांचल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पूछा कि यह क्षेत्र अब तक बाढ़ प्रभावित ही क्यों रहा? अब तक एक किलोमीटर भी बांध नहीं बांधा गया. 42 सालों में एक भी नदी में स्लेटिंग ( मिट्टी निकालना) का काम क्यों नही हुआ.  मुख्यमंत्री ने अपने घर हरनौत में 350 करोड़ की लागत से फैक्ट्री बनवाया, तो चालू क्यों नही हुआ? वहीं लालू यादव ने मढ़ोरा में 1200 करोड़ की लागत फैक्ट्री लगवाया जो आज तक चालू नही हुआ. जबकि मधेपुरा में अलस्टाम कंपनी ने 20 हजार करोड़ का काम शुरू कर दिया है. जबकि छपरा में वही काम अब तक चालू नहीं किया जा सका है. सांसद ने कहा कि पहली बार 950 करोड़ सुपौल में रेलवे को दिया गया, वहीं सहरसा से पूर्णिया में चार नई ट्रेनें चली. कुरसैला से बिहारगंज बड़ी रेल लाईन का काम शुरू हो गया, जो 2019 में पूरा हो जायेगा. कोसी में अन्य कई परियोजनाओं को अगले बजट में शामिल किया जाएगा. 15 साल में एनएच 106 एवं 107 पर काम नहीं हुआ, जो अब नवंबर में ही क्यों शुरू हुआ. आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं. दरभंगा,-नवहट्टा-सिंहेश्वर होते हुये एक नई एनएच की योजना ले लिया गया है.

इंजीनियरिंग और पॉलीटेकनिक कॉलेज में नहीं हैं प्रिंसिपल: सासंद ने सूबे के इंजीनियरिंग और पॉलीटेकनिक कॉलेज पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं भी तो प्रिंसिपल है ही एक भी प्रोफेसर. कॉलेज खोल कर खड़ा कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं को विकास से कोई मतलब नहीं. उन्होंने बिहारीगंज में हुए उन्मादी घटना के दोषियों के नाम जल्द से जल्द सार्वजनिक करने की मांग डीएम से की. साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि गिरिराज सिंह टाईप के आदमी को जेल या पिंजड़े में रखना चाहिए. उन्होंने शनिवार को बिहारीगंज पहुंचे प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार को बिहारीगंज मामले में ऐसी-वैसी बात कह राजनितिक ना करने की सलाह दी.
     इस मौके पर सिंहेश्वर सासंद प्रतिनिधि राजीव भगत, दुलार के मुखिया पप्पू यादवयुवा शक्ति के विनय राम, अनिल गुप्तामुकेश यादव, मनोज यादव 1, मनोज यादव 2, अजय यादव, अरूण यादव, राजु घोष, मोहन मंडल, पवन चौधरीराज कुमारईकबाल अहमद, आफताब अहमद, बुलेद अख्तर, जावेद, अयाज, रियाज, ईमरान अन्य मौजूद थे
(रिपोर्ट: डॉ.आई.सी.भगत)

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