28 जनवरी 2018

सदर अस्पताल में इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र की मौत: जमकर बवाल

मधेपुरा के सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आज रविवार को सुबह इलाज के लिए आये इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र सत्यजीत कुमार की मौत के बाद सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ है.


छात्र सत्यजीत की मौत के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने डॉक्टरों के द्वारा इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुये सदर अस्पताल परिसर में जम कर बवाल काटा. मधेपुरा पुलिस ने बाद में किसी तरह इन्हें परिसर से बाहर निकाला तो छात्रों ने सामने सड़क को जाम कर टायर जला कर विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया. घंटों सड़क पर सड़क पर हंगामा होता रहा और स्थिति नियंत्रण के बाहर लग रही थी. बाद में डीएम, एसपी, एएसपी समेत कई थाने से पुलिस आदि बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया. इसके बाद सदर अस्पताल के कर्मी एवं डॉक्टर हड़ताल पर चले गये हैं. उन्होंने असुरक्षित माहौल में काम करने से उन लोगों ने इनकार कर दिया है.

मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र सत्यजीत शनिवार को सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचा था. वहां उसकी खून एवं अन्य जांच कराने के अलावा उसे कुछ दवा दी गयी. सत्यजीत पुन: रविवार तड़के सुबह पांच बजे के पास पहुंचा जब उसकी हालत बेहद नाजुक थी. सत्यजीत के खून की जांच में उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा महज ३.५ के आसपास  बतायी जाती है. सत्यजीत के इलाज में डॉक्टरों की लापरवाही की बात सामने आई है. इसी बीच सत्यजीत ने दम तोड़ दिया.

सत्यजीत के मौत की खबर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को जैसे मिली छात्रों ने सदर अस्पताल पहुंच कर तोड़फोड़ शुरू कर दिया और अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की बात भी सामने आई है.

डीएम के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ जाम: छात्रों द्वारा सत्यजीत की मौत के बाद सड़क जाम के बाद जाम स्थल पर मधेपुरा डीएम मो. सोहैल तथा एसपी विकास कुमार के आने के बाद छात्रों को डीएम ने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच मजिस्ट्रेट द्वारा कराई जायेगी. जांच के बाद दोषी चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. छात्रों के द्वारा मुआवजे की मांग पर डीएम ने कहा कि मुआवजे के लिए वे प्रस्ताव भेजेंगे पर यह साइंस एंड टेक्नोलोजी विभाग ही तय करेगी. डीएम के जांच के आश्वासन पर छात्रों ने सड़क जाम हटाया. मृतक के परिजनों के आने के बाद बाहर से डॉक्टर बुलाकर शव को पोस्टमार्टम कराया गया. 

डीएम मो. सोहैल ने कहा कि पहली नजर में लापरवाही का मामला प्रतीत हो रहा है. डॉक्टर द्वारा हीमोग्लोबिन की जांच कराई गयी थी. जब डॉक्टर ने देखा कि हीमोग्लोबिन कम है तो उसे तुरंत भर्ती कर लेना था. अस्पताल में आइसीयू है और ब्लड बैंक भी है. मैजिस्ट्रेट जांच बिठाई गई है. जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. किसी भी सूरत में दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. वहीं कानून व्यवस्था को हाथ में लेना भी सरासर गलत है. इस पर भी कार्रवाई होगी.


कौन था सत्यजीत?: सत्यजीत कुमार मधुबनी जिले के फुलपरास प्रखंड अंतर्गत फुलकाही वार्ड नंबर 12 रहने वाला था और जिला मुख्यालय स्थित कॉलेज चौक के पास अपने दोस्तों के साथ किराये के मकान में रह रहा था. सत्यजीत मैकेनिक्ल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष का छात्र था. सत्यजीत भाई में अकेला था और उसके पिता की भी मृत्यु पहले ही हो चुकी है. मां का अकेला सहारा सत्यजीत की मौत होने से न सिर्फ एक होनहार की मौत हुई बल्कि एक अकेली माँ का सपना और सहारा दोनों बिखर गए हैं.
(रिपोर्ट: उप संपादक शंकर सुमन के साथ संवाददाता विकास समीर)

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