09 नवंबर 2017

नवजात की मौत, लगाया मधेपुरा सदर अस्पताल पर लापरवाही का आरोप



मधेपुरा सदर अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

बताया जाता है कि मधेपुरा जिला के मुरलीगंज प्रखंड के रजनी गांव वार्ड नंबर 3 का रवि शंकर कुमार अपनी गर्भवती पत्नी को मुरलीगंज पीएससी में भर्ती करवाया था, जहां करीब 6:00 बजे सुबह बच्चे जन्म लिया पीएससी में बच्चे का स्थिति खराब होने के कारण उसे ऑक्सीजन का जरूरत था जो कि मुरलीगंज में नहीं उपलब्ध था. उसे सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया गया. बच्चे का पिता रवि शेखर का कहना था कि हम सदर अस्पताल जैसे बच्चे लेकर इमरजेंसी काउंटर पर पुर्जा कटवाने  आये तो तो वहां पर मौजूद कर्मचारी बोला कि बच्चे का डॉक्टर नहीं है, ओपीडी चले जाइए. ओपीडी जाने के बाद पुर्जा कटाकर जब डॉक्टर से दिखाने गए तो वहां डॉक्टर नहीं था. फिर वहां बोला ऑक्सीजन रूम चले जाइए, वहां जब गए तब वहां ड्यूटी में उपलब्ध नर्स ने बताया की कोई प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं है यह सरकारी हॉस्पिटल है, यहां से ले जाइए. फिर बोला लेबर रूम जाने के लिए, फिर हमने पुर्जा पर लिखा हुआ नम्बर पर डॉक्टर को फोन किए तो डॉक्टर आए और बोले बच्चा मर गया है. अगर आपको विश्वास नहीं है तो कहीं और चेकअप करवा लीजिए. 

रवि शेखर ने कहा कि अगर मेरे बच्चे का सही समय पर इलाज हो पाता तो बच जाता. सही समय पर इलाज नहीं होने कारण मेरा बच्चा मर गया. डॉक्टर झूठ बोल रहा है मेरा बच्चा जिंदा था.

वहीँ ड्यूटी पर मौजूद डॉ. हरीश शेखर भारती ने कहा कि जब बच्चा मेरे पास दिखाने आया तो बच्चा मिर्च मृत था. डी एस अखिलेश कुमार ने कहा कि इन मामले पर हम इंक्वायरी सेट अप करने जा रहे हैं कि किस तरह से हुआ. किस तरह का स्टाफ के द्वारा बर्ताव किया गया, हम इस को ध्यान में रखते हुए इन्क्वायरी सेट अप किया जा रहा है.

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