25 अक्तूबर 2017

लोक आस्था व सूर्योपासना के महापर्व छठ का ‘खरना’ आज

लोक आस्था व सूर्योपासना के महापर्व छठ का आज दूसरा दिन है। चार दिवसीय इस पर्व की शुरूआत मंगलवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुई है।


व्रती आज दिनभर निर्जला व्रत रख कर शाम को खरना का प्रसाद तैयार करेंगी। इसके लिए मिट्टी के बने नये चूल्हे में आम की लकड़ी का जलावन उपयोग कर व्रती खीर बनाती हैं।
खीर का प्रसाद तैयार कर भगवान को भोग लगाने के बाद व्रती सिर्फ प्रसाद ग्रहण करती है।

विधि-विधान के साथ होता है खरना: इस पर्व में विधि-विधान का खास महत्व होता है। व्रती मंजू देवी बताती है कि खरना के प्रसाद ग्रहण करने में विधि-विधान का खास ख्याल रखा जाता है। बताती हैं कि प्रसाद ग्रहण करते समय यदि व्रती के नाम लेकर पुकारने, किसी के खांसने, छीकने एवं प्रसाद में किसी प्रकार का कंकड़ मिलने पर व्रती तुंरत ही प्रसाद ग्रहण छोड़कर नियमपूर्वक भगवान से प्रार्थना कर उठ जाती है.

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