05 अगस्त 2017

राज्य राजनीति में इस बार महत्वपूर्ण होगा शरद यादव का दौरा, 12 अगस्त को आयेंगे मधेपुरा

राज्य की बदलती राजनीति से क्षुब्ध कभी जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे सांसद शरद यादव जनता की नब्ज़ टटोलने बिहार का दौरा शुरू करने जा रहे हैं ।


दौरे के दौरान वे अपने समर्थकों और समान विचारधारा वाले राज़ नेताओं से विचार विमर्श कर वापस दिल्ली जाकर वहाँ 17 अगस्त कॊ विठ्ठल भाई पटेल भवन में आयोजित "साझा विरासत खतरे में" विषयक संगोष्ठी में अपनी राजनीति की दिशा का एलान करेंगे ।

शरद यादव के कट्टर समर्थक माने जाने वाले पूर्व विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा बताते हैं कि सांसद शरद यादव पटना अड्डा पर दस अगस्त कॊ उतरने के बाद वहीँ प्रेस से बात करेंगे और फ़िर हाजीपुर में भी रुककर समर्थकों से विचार विमर्श कर मुजफ्फरपुर आ जायेंगे, जहाँ आई बी में वे रात्रि विश्राम कर राजनीतिक विचार विमर्श करेंगे । 11अगस्त की सुबह दस बजे मुजफ्फरपुर से सड़क मार्ग से ही दरभंगा होते हुए मधुबनी में रात्रि विश्राम करेंगे । इस बीच वे मार्ग में आने वाले अन्य स्थानों पर भी रुक कर विचार विमर्श करेंगे । 12 अगस्त कॊ मधुबनी से चलकर शरद जी का काफिला जब कोशी महासेतु पर पहुंचेगा तो कोशी प्रमंडल के समर्थक उनकी आगवानी करेंगे और फ़िर सुपौल में रुकते हुए वे पहले सहरसा में कार्यकर्ताओं से वार्ता करते हुए रात में मधेपुरा अपने निवास पर पहुचेँगे । इसके बाद आगे का कार्यक्रम तय होगा ।

राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो जनता दल में इस बार कई रंग देखने कॊ मिलेंगे । शरद यादव नया दल बनायेंगे, इसे वे अभी खारिज कर चुके हैं । दरअसल जनता दल का गठन शरद यादव ने ही देवीलाल जी के साथ मिलकर किया था । वे दल छोड़ना कतई पसंद नही करेंगे । ऐसी स्थिति में शरद यादव की आगे की क्या रणनीति होगी, यह 17अगस्त कॊ दिल्ली में आयोजित "साझा विरासत,खतरे में " विषयक सभी गैर एन डी ए दलों के नेताओं की संगोष्ठी में ही तय होगी ।

बहरहाल यहाँ चौक चौराहों पर भी जनता दल में मची इस कश्मकश पर चर्चा हो रही है । राज्य की सत्ताधारी जनता दल सम्भवतः इस बार अपने पूर्व अध्यक्ष की कोई सुधि नहीं लेने जा रही है और इसीलिये शायद उन्हे सड़क मार्ग से आना पड़ रहा है । लोग यह भी अटकलें लगा रहे हैं कि शरद यादव के खासमखास माने जाने वाले मंत्री और विधायक इस बार क्या करेंगे ?

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