26 अप्रैल 2017

फुलौत ओपी तोड़फोड़ मामले में प्रभारी समेत दो निलंबित, देखें तोड़फोड़ का वीडियो

मधेपुरा जिले के चौसा थाना के फुलौत ओपी क्षेत्र में अपहृत शंहशाह का क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद लोगों को आक्रोश चरम पर पहुँच गया. 

लोगों ने फुलौत सहायक थाना में
जम कर तोड़ फोड़ की और साथ ही पुलिस के कई चक्र गोली सहित रखे हथियार लूट लिया. आक्रोशित लोगों के सामने पुलिस की एक भी नहीं चली किसी प्रकार पुलिस कर्मी अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहे. लगभग आठ घंटे तक थाना में आक्रोशित लोगों का जमावड़ा लगा रहा एवं हंगामा करते रहे. इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई. साथ ही मीडिया कर्मी को भी नहीं बख्सा गया. आक्रोशित लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थें.

     ज्ञात हो कि गत 19 अप्रैल को जनार्दन चौधरी के 25 वर्षीय पुत्र
शहंशाह चौधरी का अपहरण कर लिया गया था. अपहृत के पिता जनार्दन चौधरी के द्वारा जब अपहरण के बाबत थाना में गुहार लगाकर अपहरणकर्ता के खिलाफ आवेदन दिया गया तो पुलिस द्वारा टालमटोल कर मामला सही नहीं होने का बात बताकर वे टालते रहे. अपहृत के पिता एवं स्थानीय लोगों के दवाब पर बाद में प्राथमिकी दर्ज किया गया. परन्तु आरोप है कि आवेदन में फेरबदल प्राथमिकी दर्ज किया गया. प्रथमिकी दर्ज होने के उपरान्त 25 अप्रैल को बड़ी खाल निवासी संजीत मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार किया. इस बीच बुधवार की सुबह घास काटने जब महिला खेतों में गई तो एक सड़े गले शव मिलने पर सूचना गाँव वाले को दी गई. गाँव वाले ने जब शव को देखा तो अपहृत शहंशाह के शव होने की पुष्टि की.

      खेत में शव मिलने की सूचना स्थानीय सहायक थाना अध्यक्ष को दिया गया तो थानाअध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुँच कर शव को अपने कब्जे में कर लाने के लिए तैया हुए तो लाने के क्रम में लोग आक्रोशित होकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सहायक थाना फुलौत पर जम कर पत्थरबाजी एवं तोड़ फोड़ करना शुरू कर दिया. आक्रोशित लोगों की भीड़ पुलिस कर्मी से भी उलझ गये. मामले को गंभीर होते देख सभी पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने थाना में रखे कागजात, फर्नीचर, जरूरत के सामान सहित अन्य इलेक्ट्रौनिक उपकरण गोदरेज, सात मोटर साईकिल आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। 

    इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गई. इसके उपरान्त एसपी मधेपुरा विकास कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एस डीओ उदाकिशुनगंज, एस जेड हसन, मुख्यालय डी एसपी रहमत अली, पुलिस निरिक्षक सुरेश राम, उदाकिशुनगंज थाना अध्यक्ष के बी सिंह, आलमनगर थाना अध्यक्ष सुनील कुमार, पुरैनी थाना अध्यक्ष राजेश रंजन, चौसा थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह, रतवारा ओपी प्रभारी उमेश पासवान सहित पुलिस कर्मी तीन घंटे के बाद थाना पहुँच कर मामले को सुलझाने का प्रयास शुरू किया परन्तु आक्रोशित लोग कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे.

लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एस पी विकास कुमार ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में फुलोत ओपी प्रभारी राजेश कुमार, ए एस आई बृजबिहारी राय को निलंबित करने के साथ-साथ उस पर जांच कर कार्रवाई करने के अश्वासन के साथ नये थानाध्यक्ष के रूप में सुनील भगत की तैनाती किया गया और थाना में दलालों पर रोक लगाने एवं पी एल भी लड्डू शर्मा को लोगों की मांग पर एस पी ने थाना मे नहीं घुसने देने के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए. वहीं एस डीओ एस जेड हसन के आदेश पर बीडीओ चौसा मिथिलेश बिहारी वर्मा द्वारा मृतक के परिवारों को परिवारिक सहायता योजना के तहत बीस हजार रूपये एवं कबीर अंत्योष्ठि योजना के तहत तीन हजार रूपये दिया गया.
( तोड़फोड़ का एक्सक्लूसिव वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें )

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