04 फ़रवरी 2017

बड़ी खबर: मधेपुरा के श्रीनगर के एतिहासिक धरोहर की घेराबंदी शुरू, बनेगा पर्यटन स्थल

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र के श्रीनगर पंचायत के वार्ड नं. 8 में अनुमानत: 3000 वर्ष पुरानी धरोहर स्थल और यहाँ विराजमान प्रतिमा पार्वती महेश्वर यानी शिव मंदिरों  की संरक्षा के लिए इसके घेराबंदी का काम शुरू हो गया.

    बता दें कि करीब दो महीने पूर्व जिला प्रशासन द्वारा इस धर्मस्थल का निरीक्षण किया गया था, जिसके आलोक में जिला पदाधिकारी मो० सोहैल ने इस प्राचीन मूर्तियों और धरोहर संरक्षित करने के लिए आज चाहरदीवारी घेराबंदी का शिलान्यास किया. मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला, अंचलाधिकारी सतीश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, श्रीनगर पंचायत मुखिया जयनन्दन यादव, मनरेगा पीओ प्रदीप कुमार तथा इसके अलावा यहां कई नागरिक इस समय मौजूद थे.
      इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि मधेपुरा में तत्काल कुल नौ मंदिर इस मास के लिए लिया गया है. इसकी कुल राशि 01 करोड़ 43 लाख 20 हजार रूपये है. इसका कार्य प्रारंभ किया गया है और यह कार्य एक महीना के अंदर पूरा करने के लिए कार्रवाई की जाएगी. इस मंदिर की  घेराबंदी के लिए 9 लाख 50 हजार की लागत से मंदिरों की चारदीवारी शुरू की गई है और अधिक राशि आवश्यकता होने पर प्रधान सचिव महोदय ने कहा है कि राशि उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि मधेपुरा जिला में पर्यटन स्थल के लिए यही एक धरोहर होगी, जोकि पहली बार श्रीनगर गांव में किया जा रहा है.
        जिलाधिकारी मो० सोहैल ने एसडीओ संजय कुमार निराला को आदेश दिया कि जितनी भी जमीन इस धरोहर की है, उन जमीन पर प्रशासनिक कार्रवाई कर किसी तरह आम लोगों द्वारा खुदाई करने पर प्रतिबंध लगाया जाए और अविलम्ब प्रशासनिक द्वारा देख रेख के लिए चौकीदार प्रतिनियुक्त किया जाए ताकि धरोहर की गरिमा बच सके.
     मधेपुरा टाइम्स के पाठकों को याद होगा कि जिलाधिकारी के दो महीने पहले के निरीक्षण से ठीक पहले सिर्फ हमने सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए “मधेपुरा में 3000 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर, शिव की एक और नगरी के संकेत” खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद ही जिलाधिकारी का श्रीनगर में स्थल दौरा हुआ था.
(रिपोर्ट: लालेंद्र कुमार)

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