23 अगस्त 2016

शौचालय के टैंक में मिली करोड़ों की दवा, घोटाले की जांच में जुटी टीम

सुपौल। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा गत तीन-चार वर्षों के दौरान दवा खरीद में की गयी करोड़ों रूपये के घोटाले की जांच प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गयी है. कोसी प्रमंडल के क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवक डॉ शशि भूषण शर्मा के निर्देश पर मंगलवार को पहुंचे जांच टीम के सदस्यों ने दंडाधिकारी सह नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला औषधि भंडार केंद्र सहित अन्य कमरों का ताला तोड़कर करोड़ों रूपये मूल्य की दवा, सिरप समेत चिकित्सकीय उपकरण जप्त किया है.
      जांच टीम ने इस दौरान जिला औषधि केंद्र के बगल में स्थित शौचालय के सेप्टिक टैंक में भरकर रखा गया भारी मात्रा में टेबलेट और सिरप भी बरामद किया है. जांच टीम सदर अस्पताल में बंद पड़े अन्य कई कमरों का ताला तोड़कर दवाओं की छानबीन में जुटी हुई थी.
              ज्ञात हो कि स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2012 से लेकर 2015 तक जिला स्तर पर दवा खरीदने के दौरान भारी धांधली बरते जाने की शिकायत मिल रही थी. स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारी एवं कर्मियों की मिली भगत से दवा क्रय करने के नाम पर करोड़ों रूपये का बंदरबांट किया गया.
              इस मामले को लेकर राजद अल्प संख्य प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष समशूल कमर सिद्दीकी ने जिला प्रशासन सहित कोसी प्रमंडल के आयुक्त को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग किया था. आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्रीय अपर निदेशक को सौंपते हुए मामले की सूक्ष्मता से जांच का निर्देश दिया था. स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अपर निदेशक ने जांच के पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग के भंडार में रखे गये दवाओं को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया.
               साथ ही जांच के लिये वरिष्ठ चिकित्सक डॉ के. के. झा के नेतृत्व में क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक सह प्रभारी क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक विवेक चतुर्वेदी, प्रधान सहायक चंदेश्वरी प्रसाद यादव, औषधि निरीक्षक नवीन कुमार एवं खुर्शीद आलम के टीम का गठन किया. दंडाधिकारी सह नप के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा की निगरानी में मंगलवार को  जांच टीम सदर अस्पताल पहुंच कर जांच प्रारंभ कर दिया. जांच के दौरान औषधि भंडार के अलावा अन्य कई कमरों व शौचालय के सेप्टिक टैंक में दवा मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं घोटाले में शामिल कर्मियों के होश गुम हो गये हैं. जांचोपरांत करोड़ों का घोटाला उजागर होने की संभावना जतायी जा रही है.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...