09 अगस्त 2016

11 थानाध्यक्षों को निलंबित करने का पुलिस एसोसिएशन ने किया विरोध, मधेपुरा पुलिस भी मर्माहत

नीतीश सरकार की शराबबंदी के साइड इफेक्ट्स में बिहार के पुलिस अब नाराज चल रहे रहे हैं. पूर्ण शराबबंदी को लागो कराने के लिए बढचढ कर हिस्सा ले रहे पुलिस को अचानक तब झटका लगा जब सरकार के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने 11 थानाध्यक्षों को निलंबित कर दस साल के लिए थानाध्यक्ष बनाने से वंचित कर दिया.
    बिहार पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यालय के इस फैसले के प्रति असंतोष जाहिर किया और मुख्यमंत्री से इस आदेश की समीक्षा करने का आग्रह किया है. प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने इस सम्बन्ध में कहा है कि सरकार का ये कदम तमाम पुलिसकर्मियों का मनोबल तोड़ने वाला है.
    मधेपुरा में भी इस फैसले को लेकर आज सदर थाना पर पुलिस अधिकारियों की एक बैठक हुई जिसमे 11 थानाध्यक्षों के निलंबन के फैसले का विरोध करते हुए मांग की गई कि निलंबित थानाध्यक्षों को पुन: उसी थाने में थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया जाय. कहा गया कि सरकार की शराबबंदी के निर्णयका वे पूर्ण समर्थन करते हैं और वे सभी सरकारी कार्य करेंगे पर थानाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन नहीं करेंगे. सदर थानाध्यक्ष इन्स्पेक्टर मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में आज जिले भर के इन्स्पेक्टर और थानाध्यक्ष मौजूद थे.
    बताया गया कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के आह्वान पर सभी जिलों में बैठक की जा रही है और यदि सरकार की ओर से पुलिस के प्रति नकारात्मक रवैया रहा तो बिहार भर के पुलिस अधिकारी सामूहिक अवकाश पर भी जा सकते हैं.

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