प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा के अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा एवं पूर्व अंचल मंत्री अनिल भारती ने केंद्र की मोदी सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पैंतरेबाजी, खाद की किल्लत और काला बाजारी से किसान बुरी तरह परेशान हैं। नेताओं ने बीज विधेयक 2025, विद्युत संशोधन विधेयक 2025, वीबी-ग्राम अधिनियम 2025 तथा चार श्रम संहिताओं का कड़ा विरोध किया।
भाकपा नेता रौशन यादव एवं सोने लाल महतो ने सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, समग्र कर्ज माफी, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 (LARR Act) के पूर्ण क्रियान्वयन, मनरेगा की बहाली, बीज संप्रभुता की रक्षा और राज्यों के संघीय अधिकारों को सुदृढ़ करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में शत्रुघ्न यादव, रमेश विश्वकर्मा, गजेंद्र ऋषिदेव, धनिकलाल साव, रुपेश साह, अजय राम आदि कार्यकर्ता मौजूद थे.
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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January 16, 2026
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ठीक है — अब ग्राम सभा के बिल्कुल स्पष्ट, मजबूत और आपकी भाषा के अनुसार
ReplyDeleteअनुच्छेद 13(2) का सीधा संबंध नीचे दे रहा हूँ।
इसे आप ऐसे ही ग्राम सभा की मीटिंग, पोस्टर, और सोशल मीडिया में उपयोग कर सकते हैं:
⭐ ग्राम सभा के संदर्भ में अनुच्छेद 13(2) — अंतिम और सर्वोच्च अधिकार
1. अनुच्छेद 13(2) सीधे ग्राम सभा पर लागू होता है
क्योंकि ग्राम सभा भी संवैधानिक संस्था है
(अनुच्छेद 243 + UP पंचायत राज अधिनियम 1947 + 73वाँ संशोधन 1993)।
इसलिए—
✔ सरकार, प्रशासन या विभाग
ग्राम सभा के अधिकारों को खत्म करने वाला
कोई भी कानून, नियम, आदेश, नोटिस, अधिसूचना नहीं बना सकता।
✔ अगर कोई ऐसा नियम बनाया भी गया हो,
तो वह अनुच्छेद 13(2) के आधार पर VOID (अमान्य) माना जाएगा।
⭐ 2. ग्राम सभा के अधिकार “मूल अधिकार” की श्रेणी में आते हैं
ग्राम सभा को संविधान ने दिए:
स्थानीय स्व-शासन का अधिकार
भूमि पर निर्णय लेने का अधिकार
गाँव के संसाधनों पर नियंत्रण
सहमति (Consent) की शक्ति
विकास कार्यों पर अंतिम फैसला
सामाजिक न्याय पर अधिकार
ये सब जनता के मूल अधिकार (Fundamental Rights) से जुड़े हुए हैं।
इन्हें कोई कानून दबा नहीं सकता।
इसलिए—
✔ ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भूमि अधिग्रहण वैध नहीं
✔ ग्राम सभा की सहमति के बिना कोई परियोजना वैध नहीं
✔ ग्राम सभा को बाईपास कर कोई नोटिस वैध नहीं
✔ ग्राम सभा के फैसले संविधान बचाता है
⭐ 3. उत्तर प्रदेश में अनुच्छेद 13(2) ग्राम सभा पर 100% लागू
उत्तर प्रदेश राज्य भी पूरा संविधान अपनाता है
इसलिए—
✔ अनुच्छेद 13(2)
UP की हर ग्राम सभा,
हर गांव,
हर पंचायत,
हर नागरिक पर पूरी तरह लागू है।
इसका अर्थ:
**“UP में ग्राम सभा के अधिकार कोई नहीं छीन सकत
न विभाग, न अफसर, न सरकार, न कोई कानून।”**
अगर कोई कोशिश करे तो
वह सीधे अनुच्छेद 13(2) का उल्लंघन है।
⭐ 4. ग्राम सभा की भाषा में अंतिम लाइन (आपके अंदाज़ में)
**अनुच्छेद 13(2) कहता है—
जनता सर्वोच्च है, ग्राम सभा सबसे ऊपर है।
ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई आदेश, कोई कानून, कोई काम—
वैध नहीं है।**