गोपाष्टमी महोत्सव में कृष्ण जन्म एवं पूतना वध का हुआ मंचन

मधेपुरा : कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार, जिला प्रशासन एवं श्री मधेपुरा गोशाला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन  भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं पूतना वध का मंचन कोलकाता से आए हुए कलाकारों की ओर से किया गया। 

कार्यक्रम का प्रारंभ समाजसेवी एवं गोपाष्टमी महोत्सव आयोजन समिति के वरीय सदस्य शौकत अली ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए श्री शौकत ने कहा कि  भगवान के विभिन्न लीलाओं का  चित्रण गंगा जमुनी संस्कृति की द्योतक है तथा समाज के सभी वर्गों को भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन से सीख लेनी चाहिए। 

मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कला संस्कृति पदाधिकारी सुश्री आम्रपाली ने कहा कि साल संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार का लक्ष्य है कि गांव स्तर पर कलाकारों को खोजकर उन्हें मंच प्रदान किए जाय जिसका उदाहरण गोपाष्टमी महोत्सव जैसा कार्यक्रम है। उन्होंने गोशाला सचिव श्री यदुवंशी को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए धन्यवाद दिया।  

गोशाला सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी की अध्यक्षता में  चले कार्यक्रम में बीके पब्लिक स्कूल, बेलहाघाट के बच्चों की ओर से लगभग आधा दर्जन कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिससे पूरे पंडाल में दर्शक बारंबार ताली बजाने को मजबूर हुए। कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा  कृष्ण जन्म का भावपूर्ण मंचन किया गया जिसमें बासुदेव जी कंश के कारागार से भगवान कृष्ण की मां यशोदा के घर पहुंचाया तथा पूतना वध का मंचन किया गया। 

कार्यक्रम में उद्घाटनकर्ता शौकत अली, कला संस्कृति पदाधिकारी सुश्री आम्रपाली, जिले के महत्वपूर्ण नागरिक मुरलीधर प्रसाद यादव, अवकाशराप्त शिक्षक गुणेश्वर ठाकुर, प्रो अभय कुमार, सी एम साइंस कॉलेज, मधेपुरा, ब्राइट एंगल्स स्कूल के निदेशक निकू नीरज, नवोदित उद्घोषक साहिल की गोशाला अध्यक्ष की ओर से मंच पर अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षाविद मकेश्वर प्रसाद यादव, रिंकी यदुवंशी समेत सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे।

गोपाष्टमी महोत्सव में कृष्ण जन्म एवं पूतना वध का हुआ मंचन गोपाष्टमी महोत्सव में कृष्ण जन्म एवं पूतना वध का हुआ मंचन Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on December 13, 2025 Rating: 5

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