11 मार्च 2018

कर्मचारियों की मनमानी से फसल क्षति से वंचित किसानों ने दी आन्दोलन की चेतावनी

कृषि विभाग के कर्मचारियों की मनमानी एवं नजराना नहीं देने पर किसानों को फसल क्षति से वंचित करने के साथ-साथ नजराना लेकर गलत किसानों को फसल क्षति देने का गंभीर आरोप लगाते हुए सैकड़ों किसानों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए अनुमंडलाधिकारी उदाकिशुनगंज को आवेदन देकर ऐसे भ्रष्ट कृषि कर्मी पर कार्रवाई के साथ साथ अबिलंब फसल क्षति देने की मांग की है.

उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड के खुरहान पंचायत के महमूदा एवं ढलहा गाँव  के सैकड़ों किसानों ने फसल क्षति से वंचित रहने पर अनुमंडलाधिकारी उदाकिशुनगंज को दिए आवेदन में बताया है कि  कोसी नदी के कहर से बर्बाद धान की फसल का आवेदन कृषि कर्मी को  दिया था जिसकी पावती रसीद भी दी गई थी. उसके उपरांत प्रखंड समन्वयक के द्वारा खेतों में जाकर किसानों के साथ फोटोग्राफी भी किया गया था. इस दौरान पंचायत में प्रतिनियुक्त किए गए प्रखंड समन्वयक द्वारा जांच की गई थी एवं किसानों से नजराना की मांग की थी। परंतु किसानों के द्वारा नजराना नहीं देने पर इक्के दुक्के किसान जिन्होंने नजराना दिया उन्हें नियम को ताक पर रखकर बिना कागजात के ही फसल क्षतिपूर्ति दे दी गई । सैकड़ों किसानों ने प्रखंड समन्वयक अरुण कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों का आवेदन भी गायब कर दिया गया है जबकि हम लोगों का पावती रसीद पास में है. जानबूझकर अरुण कुमार के द्वारा हम लोगों को फसल क्षति से वंचित किया गया. बार बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से फसल क्षति मुआवजा दिलाने की गुहार लगाते आ रहे हैं परंतु आज तक हम लोगों को फसल  क्षति नहीं मिल पाई है. किसानों का कहना है कि महमूदा के ऐसे किसान जिनके पास जमीन नाम मात्र है उन्हें दस हजार  से ज्यादा की  फसल क्षति राशि  दे दी गई है. वहीँ किसान महेश्वर सिंह ने कृषि समन्वयक अरुण कुमार पर आरोप लगाया है कि उनसे चार सौ रुपया प्रति बीघा की दर से नजराना मांगा गया और पाँच सौ रुपया भी दिया. इसके बावजूद भी उन्हें फसल क्षति से वंचित कर दिया गया.

किसानों का कहना है कि स्थानीय विधायक से भी शिकायत की गई है. विधायक ने अनुमंडलाधिकारी को आवेदन देने की बात कही है सैकड़ों किसानों ने कहा कि अगर भ्रष्ट कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई और हम लोगों को फसल क्षति नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा इस दौरान किसान अशोक कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, मुनेश्वर प्रसाद सिंह, अरुण कुमार सिंह, दिलीप कुमार, रामाधीन सिंह, मनोज प्रभाकर, महेश्वर सिंह, जयप्रकाश सिंह, विपिन सिंह, सोहन सिंह, रविंद्र प्रसाद सिंह सहित  सैकड़ों किसान मौजूद थे.

इस बाबत प्रखंड कृषि पदाधिकारी बजरंगी सिंह ने बताया कि किसानों के आरोपों की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान के दिए गए आवेदन एवं रजिस्टर नहीं मिल रहे हैं. बार-बार कृषि समन्वयक को इस और ध्यान देने का आदेश दिया गया परंतु अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.
(रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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