18 मार्च 2018

विवादास्पद नीतू सेवा केन्द्र पर फिर आरोप: जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा फारूक

बीते कुछ माह पूर्व फर्जी क्लिनिक में इलाज की वजह से महादलित महिला की मौत के बाद चर्चित नीतू सेवा सदन की डाक्टर नीतू मिश्रा एक बार फिर चर्चा में है ।

इस बार तथाकथित उक्त फर्जी डाक्टर पर एक युवक की गलत ढंग से एपेंडिक्स का ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए पुरैनी थाना में मामला दर्ज हुआ है ।

 थाना में प्रखंड के औराय पंचायत के मरूआही निवासी पीड़ित युवक मोहम्मद फारूक के पिता मोहम्मद ताहिर द्वारा दिये गये आवेदन में जिक्र है कि 3 फरवरी को उसके पुत्र मोहम्मद फारूक के पेट में तेज दर्द उठा तो वह अपने पुत्र को लेकर स्वास्थ्य केन्द्र पुरैनी लेकर जा रहे थे. इसी बीच गांव के ही एक झोला छाप डाक्टर सुनील मंडल द्वारा कहा गया कि इसका इलाज डाक्टर नीतू मिश्रा से कराये । 

आवेदन के अनुसार पीड़ित युवक के पिता मोहम्मद ताहिर अपने पुत्र मोहम्मद फारूक को लेकर पुरैनी के डुमरैल चौक स्थित स्टेट बैंक परिसर में संचालित नीतू सेवा सदन ले गया जहां डाक्टर नीतू मिश्रा ने मरीज को देखते ही कहा कि इसकी अविलंब आप्रेशन करना पड़ेगा वरना लड़का नही बच सकेगा । जिसके बाद 3 फरवरी को ही पूर्वी औराय गांव के ही एक झोला छाप डाक्टर सुनील मंडल के घर पर युवक का ऑपरेशन हुआ । ऑपरेशन के बाद से ही युवक की हालत बिगड़ने लगी और पेट फूलने लगा. जब इसकी सूचना डाक्टर नीतू मिश्रा को दिया तो 5 फरवरी की रात मे जब हालत और भी गम्भीर हो गई तो चार पहिया वाहन से भागलपुर स्थित मायागंज हास्पिटल ले जाया गया. साथ में नीतू मिश्रा का कम्पाउंडर सुनील मंडल, मोहम्मद इसहाकसरपंच प्रतिनिधि मोहम्मद पप्पूमोहम्मद कयुम, मोहम्मद अली , मोहम्मद मंसूर सभी तथाकथित डाक्टर के सहयोगी पीड़ित युवक के पिता को इलाज और पूरा खर्च उठाने का आश्वासन देकर मायागंज ले गए जहां एक माह तीन दिन तक मोहम्मद फारूक का इलाज चला. इसी बीच फारूक की स्थिति और गम्भीर देख फारूक के साथ मायागंज हास्पिटल मे रहा. डाक्टर नीतू मिश्रा का कम्पाउंडर सुनील मंडल नीतू मिश्रा द्वारा बनाया गया सारा कागजात लेकर फरार हो गया । 

पिता ने आवेदन में जिक्र किया है कि उसके पुत्र मोहम्मद फारूक की स्थिति बहुत ही गम्भीर है वह मरणासन्न अवस्था में है।  मायागंज हास्पिटल ने भी घर ले जाने की बात कहकर उक्त मरीज को रिलीज कर दिया । फिलहाल मरीज की स्थिति ऐसी है की वह जिन्दगी और मौत से जूझ रहा है और किस वक्त उसकी सांसे थम जाये कोई पता नही । 

बहरहाल पीड़ित युवक के पिता के आवेदन पर पुरैनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार भगत ने पुरैनी थाना कांड संख्या 31/18 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. वहीँ प्राथमिकी की खबर पाकर डाक्टर और उसके सहयोगी क्लिनिक बंद कर के फरार हो गए हैं ।

बता दें कि पूर्व में मधेपुरा टाइम्स द्वारा इस फर्जी क्लिनिक और फर्जी डाक्टर के खिलाफ चलाए गए मुहिम के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसपर संज्ञान लिया था और कारवाई भी की थी. लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडे बस्ते मे चला गया, बहरहाल खस्ताहाल चिकित्सा व्यवस्था और दलालों की जद में आकर प्रतिदिन गरीब तबके के लोग ऐसे डाक्टर की चंगुल में फंसकर मौत के मुंह में धकेल दिये जा रहे है।

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