मामला बहुत ही दिलचस्प है और यहाँ ये कहावत लागू
होती प्रतीत होती है कि ‘जो दूसरे के लिए गड्ढा खोदता है वो खुद उसी गड्ढे में जा
गिरता है. और ऐसा ही कुछ हो सकता है मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थानाक्षेत्र के
सरौनी पंचायत की मुखिया के देवर जी के साथ.
बिहारीगंज
प्रखंड के कई लोग पूरी कहानी कहते हुए बताते हैं मनरेगा समेत कई योजनाओं में
अनियमितता की आरोपी मुखिया अंजूमणि भारती के खिलाफ जब दो आरटीआई कार्यकर्ताओं ने
खुलासे का अभियान छेड़ा तो पहले तो उन्हें धमकियाँ देकर दबाने का प्रयास किया गया,
पर जब उनका अभियान जारी रहा और इसी पंचायत से मंरेगा में मृतक और बच्चे को भी
मजदूरी भुगतान की ख़बरें आई तो मुखिया के देवर दिनेश साह के द्वारा एक कमजोर घर में
आग लगाकर दोनों आरटीआई कार्यकर्ता विपिन कुमार मेहता और राजीव कुमार गुप्ता को
मुकदमें में फंसा दिया गया.
पर इस
बार मामला थोड़ा उल्टा तब पड़ गया जब देवर दिनेश साह ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ
सरौनी कला के ही एक दलित कुलेश्वर पासवान और उसके बेटे तथा बेटी के साथ जातिसूचक
गालियों का इस्तेमाल करते मारपीट कर डाली. मुकदमा बिहारीगंज पुलिस ने बिहारीगंज
थाना कांड संख्यां 69/2015 दिनांक 18.04.2015 के रूप में भले ही अनु. जाति/जन जाति
की धाराओं के तहत दर्ज कर लिया हो, पर बताया जाता है कि अब तक इस केस के सारे
अभियुक्त मांगन मंडल, दिनेश साह, घनश्याम यादव और तिलो यादव छुट्टा घूम रहे हैं और
उनके द्वारा पीड़ितों को धमकियाँ भी दी जा रही है.
इलाके
के कई लोगों का कहना है कि ‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’. मुखिया के देवर हैं और मुखिया सत्ता में हैं, पैसे वाले
हैं, तो फिर क़ानून किसका होगा? क्या यहाँ भी अँधेरा कायम रहेगा? (वि० सं०)
देवर पर दलित अपमान का मामला दर्ज, मुखिया भाभी कर रही पुलिस मैनेज !
Reviewed by Rakesh Singh
on
May 01, 2015
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