14 जनवरी 2018

चर्चा में मधेपुरा के पूर्व एसपी सौरव कुमार शाह: सिवान से दिल्ली की अभूतपूर्व विदाई

वर्ष 2009 बैच के आईपीएस सौरव कुमार शाह एक बार फिर से चर्चा में हैं और उनकी ताजा उपलब्धि से मधेपुरा के लोग भी खासे खुश हैं.


आईपीएस सौरव कुमार शाह की सिवान एसपी से प्रतिनियुक्ति केंद्रीय कोयला मंत्री पियूष गोयल के अपर आप्त सचिव के पद पर प्रोन्नति के साथ हुई है। मधेपुरा के लोगों के खुश होने की वजह साफ़ है. आईपीएस सौरव कुमार शाह की एसपी के रूप में मधेपुरा में 28 मार्च 2012 को पोस्टिंग हुई थी और ख़ास बात ये थी कि एसपी के रूप में उनकी यहाँ पहली पोस्टिंग थी. मधेपुरा में उनका कार्यकाल लगभग एक वर्ष आठ महीने का ही रहा था, पर इस कम समय में भी उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी.

अत्यंत व्यवहारकुशल और पुलिस-पब्लिक के अच्छे सम्बन्ध पर जोर देकर अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने के अपने गुण के कारण गत शुक्रवार को जन सिवान से उन्हें विदाई दी गई तो शायद विदाई समारोह भी बिहार का अनोखा था. डीजे और गाजे-बाजे के साथ आईपीएस श्री शाह का जगह-जगह भव्य स्वागत किया जा रहा था और कई जगह तो जवानों ने उन्हें कन्धों पर बिठाकर दर्शा दिया कि अच्छे अधिकारी को अभी भी लोग पलकों पर बिठाने को तैयार हैं.

मधेपुरा के लोग भी आईपीएस सौरव कुमार शाह के मधेपुरा के कार्यकाल को लेकर उन्हें खूब याद कर रहे हैं. आईपीएस सौरभ कुमार शाह कहलगांव, भागलपुर के रहने वाले हैं. इनकी स्कूली शिक्षा मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुई थी. श्रीराम कॉलेज, दिल्ली से अर्थशास्त्र में ग्रैजुएशन करने के बाद इससे पूर्व सिविल सेवा की परीक्षा में इनका चयन सहायक आयुक्त के रूप में हुआ था. पर 2009 में सफलता की नई ऊँचाई को छूते हुए इनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ. नालंदा में ट्रेनिंग करने के बाद श्री शाह की पहली पोस्टिंग बाढ़ में एएसपी के रूप में हुई. एसपी के रूप में इन्हें सबसे पहले मधेपुरा में ही काम करने का मौक़ा मिला था. आज इनकी तरक्की पर लोग यह भी याद करते हैं कि उनसे पूर्व 01 मई 1981 को श्री अभयानंद ने मधेपुरा के पहले एसपी के रूप में योगदान किया था और उन्हें भी एसपी के रूप में सबसे पहले काम करने का अवसर मधेपुरा में ही प्राप्त हुआ था. अभयानंद बिहार के डीजीपी बने थे. आईपीएस सौरव कुमार शाह आज केंद्र की सेवा में हैं.

मधेपुरा टाइम्स के थे जबरदस्त प्रशंसक: मधेपुरा में एसपी के रूप में रहते आईपीएस सौरव कुमार शाह मधेपुरा टाइम्स के नियमित पाठक थे. मधेपुरा टाइम्स के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था कि मधेपुरा में रहते और मधेपुरा से बाहर भी रहते वे मधेपुरा टाइम्स को चेक करते रहते थे जिससे वे मधेपुरा की नब्ज से दूर नहीं हो पाते थे. (सुनें वीडियो, यहाँ क्लिक करें)


दवाब में काम करना नहीं सीखा था आईपीएस सौरव कुमार शाह ने: आईपीएस सौरव कुमार शाह की एक ख़ास विशेषता थी कि वे किसी दवाब के अन्दर काम नहीं करते थे. मधेपुरा टाइम्स के इस एक्सक्लूसिव सवाल कि क्या बिहार में एक आईपीएस अधिकारी दवाब में काम करता है, पर उन्होंने संविधान के आर्टिकल 312 में मौजूद सेफगार्ड्स का हवाला देते कहा था कि एक आईपीएस की सर्विस कंडीशन केंद्र के द्वारा संचालित की जाती है. ऐसे में यदि कोई आईपीएस दवाब में काम करता है तो ये उसकी व्यक्तिगत कमजोरी है. (सुनें मधेपुरा टाइम्स के साथ आईपीएस सौरव कुमार शाह का पूरा इंटरव्यू, यहाँ क्लिक करें)

जाहिर है कुछ तो ख़ास वजह होती है यूंही कोई इतनी उंचाई को नहीं छूता. मधेपुरा टाइम्स परिवार की ओर से आईपीएस सौरव कुमार शाह को एक बार फिर हार्दिक शुभकामनाएं.
(ब्यूरो रिपोर्ट)

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