28 जनवरी 2018

इंजीनियरिंग छात्र सत्यजीत की मौत: मृत्यु कही जाय या हत्या ?

मधेपुरा में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और आये दिन चिकित्सक यहाँ इलाज की जगह मौत बाँट रहे हैं. 


आज मधेपुरा के बी. पी. मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्र की मौत डॉक्टर की लापरवाही से क्या हुई इलाके के लोगों की उम्मीदें ही बिखरती लग रही हैं.

उधर जहाँ सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने हड़ताल की घोषणा की है वहीँ रोगी कल्याण समिति, सदर अस्पताल, मधेपुरा की सदस्य डा० शांति यादव ने कहा है कि रात्रि ड्यूटी पर तथा इमर्जेंसी ड्यूटी पर कर्तव्यस्थ डाक्टर पर इसकी ज़िम्मेदारी तय की जाय । डॉक्टर सारे संसाधन और शक्ति के साथ पूरी कोशिश करे, फिर भी मरीज़ न बचाया जा सके- ऐसा हो तो अलग बात है। किन्तु डॉक्टर मरीज़ को सीरियसली ले ही नहीं, उसकी त्वरित उपचार की जगह टालमटोल करे, रोगी मृत्यु के इतने क़रीब हो डॉक्टर उसे नेगलेक्ट करता रहे - यह उसकी हृदयहीनता ही नहीं चिकित्सकीय पेशे की अवमानना और अपराध है। 

डा० शांति यादव ने कहा कि मैं सदर अस्पताल मधेपुरा की रोगी कल्याण समिति की सदस्य के रूप में अस्पताल प्रबंधन, ज़िलापदाधिकारी, मधेपुरा एवं संबंधित विभाग से समुचित कार्रवाई की माँग करती हूँ तथा कुव्यवस्था के शिकार छात्र के परिवार  एवं उनके सभी साथियों के प्रति संवेदना प्रेषित करती हूँ ।
(नि. सं.)

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