20 जनवरी 2018

सिंहेश्वर मंदिर न्यास के निर्माण कार्य पर लगे आरोपों को किया खारिज, की जांच

मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य सत्यजीत यादव के द्वारा निर्माण कार्यों में अनियमितता के लगाए गए आरोप के बाद सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की जांच टीम के सदस्य सरोज सिंह और जेई संजय कुमार ने स्थल पर पहुंच कर जांच की.


उन्होंने सड़कों को बीच में खोद खोद कर कई जगह फीता लगा कर जांच की तथा नवनिर्मित सड़क की लंबाई और चौड़ाई की भी नापी की । जेई संजय कुमार ने बताया कि खोद कर नापी में कही भी 7 इंच से कम नहीं है । कहीं-कहीं तो 9 से 10 इंच तक ढलाई किया गया है । वहीँ चौडाई 16 फीट के जगह कहीं-कहीं 30 से 35 फीट भी है ।

न्यास के जांच समिति के सदस्य सरोज सिंह ने कहा कि सत्यजीत यादव न्यास के सदस्य हैं उन्हें स्थल के कार्यो को देखने का पूरा अधिकार है । लेकिन उनका यह कहना कि किसके आदेश से न्यास की राशि खर्च की गई और इन योजनाओं की स्वीकृति किसने दी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उस बैठक में वे खुद मौजूद थे । साथ ही उक्त बैठक में सदस्यों ने पूर्व की कई योजनाओं, जैसे मंदिर परिसर का मरम्मती कार्यशिवगंगा घाट पर उतर एवं दक्षिण साईड कपडा चेंज रूम, छोटे -छोटे मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य, मंदिर रंग रोगन कार्य, डीआरडीए मंच निर्माण कार्य एवं बरगद वृक्ष से धन्यवाद गेट तक पीसीसी ढलाई निर्माण कार्य के पूर्ण होने की जानकारी दी थी, जिसे सभी सदस्य सत्यजीत यादव सहित ने स्वीकृति दी । ऐसे में उनको जानकारी नहीं है यह कहना हास्यास्पद है ।

कहा कि उसी बैठक में इन योजनाओं की स्वीकृति दी गई थी । 1. मुक्ति धाम का निर्माण 2. प्रतिमा सिंह घर्मशाला से दुर्गा मंदिर तक पीसीसी ढलाई कार्य 3. ट्रस्ट कार्यालय से गांधी पार्क के चारों ओर होते हुए बायपास रोड तक मिट्टी भराईईट सोलिंग, 16 फीट चौड़ी पीसीसी ढलाई कार्य 4. 18 नंबर रोड से बायपास होते हुए प्रतिमा सिंह धर्मशाला तक मिट्टी भराई, ईट सोलिंग एवं पीसीसी ढलाई कार्य की स्वीकृति सर्व सम्मति से दिया गया है । कहा कि ऐसे में किस कारण से वे ऐसा बोल रहे हैं, नहीं बता सकते हैं ।

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