19 नवंबर 2017

मुरलीगंज: 5वें दिन आमरण अनशन पर शिवांगी की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत के मुख्य द्वार पर विगत पांच दिनों से जारी आमरण अनशन में एक गर्भवती महिला अनशनकारी शिवांगी कुमारी की स्थिति रविवार को गंभीर हो गयी।

मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने आनन फानन में अंचलाधिकारी को सूचित करते हुए चिकित्सा पदाधिकारी को फोन कर एम्बुलेंस मंगवा कर शिवांगी को अस्पताल पहुँचाया गया।
 अनशनकारी जाप युवा नगर अध्यक्ष बिट्टू सिंह ने कहा कि हमलोगों का अनशन जारी है। हम लोग यहां पर है और शिवांगी अस्पताल में भी अनशन पर रहेगी, जब तक पदाधिकारियो के द्वारा हमारी मांगे पूरी नही की जाएगी तब तक अनशन जारी रहेगा।
गौरतलब हो कि नगर पंचायत के वार्ड 14 के पार्षद उषा देवी पर आरोप लगाया जा रहा है कि बीते नगर पंचायत चुनाव में वार्ड संख्या 14 से  निर्वाचित पार्षद उषा देवी ने साक्ष्य छुपा कर चुनाव लड़ी और विजयी भी हुई। अनशनकारियों के अनुसार पंचायतीराज निर्वाचन आयोग के अधिनियम के तहत किसी भी प्रत्याशी को सन 2008 के बाद दो से अधिक संतान का जन्म अगर हुआ होगा तो उनकी उम्मीदवारी रद् कर दी जाएगी। लेकिन अनशनकारियों के द्वारा दिखाए गए साक्ष्यों के अनुसार आरोपित पार्षद उषा देवी के सात सन्तान है जिनमे दो का जन्म वर्ष 2008 के बाद हुआ है। इस साक्ष्य को उषा पर छुपाकर चुनाव लड़ने का आरोप है। अनशनकारियों ने जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगा रहे है कि सबों की मिली भगत से साक्ष्यों के साथ उलटफेर कर मामले को उलझाया जा रहा है। अनशन पर बैठे पूर्व पार्षद विजय यादव ने बताया कि हमने जो उषा देवी के 2008 के बाद कार्तिक कुमार के जन्म प्रमाण पत्र निर्वाचन आयोग को निर्वाचन आयोग को सबूत के तौर पर भेजे थे उस के विपरीत उसी क्रम संख्यां पर नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने माता-पिता तथा दूसरे का नामांकित होने की सत्यापित प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी को भेजी और प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी  सारे साक्ष्य जिला पदाधिकारी को प्रेषित किया और जिला पदाधिकारी ने उन सभी साक्ष्य को निर्वाचन आयोग भेज दिया। आज दो दिनों से दिनों से हम उसी साक्ष्य के लिए आमरण अनशन पर बैठे हैं । लेकिन नगर पंचायत द्वारा पुनः निर्गत क्रम संख्या 213 में नाम बदले जाने की जांच हम फॉरेंसिक लैब से करवा सकते हैं और मामले को उच्चतम न्यायालय के आदेश कर फोरेंसिक की अनुशंसा करने हेतु आग्रह कर सकते हैं। इसलिए उस प्रमाण के आधार पर ही हम उच्च न्यायालय  की शरण में जा सकते हैं.

कहते है अंचलाधिकारी: इस संबंध में में मुरलीगंज अंचलाधिकारी शशि भूषण कुमार ने कहा कि हमे मेल पर जिला पंचायतीराज पदाधिकारी के द्वारा अनशनकारियों के लिए भेजी गई दस्तावेजों में जन्म प्रमाणपत्र नही है, जिनकी अनशनकारियों के द्वारा मांग की जा रही है।

अनशनकारी अनशन तोड़ने को तैयार, पदाधिकारी नही ले है सुधि: अनशन पर बैठे नगर पंचायत पूर्व वार्ड पार्षद विजय यादव ने कहा कि हमलोग अनशन तोड़ने को भी तैयार है, लेकिन सक्षम पदाधिकारी निर्वाचन आयोग को भेजीं गयी सत्यापित जन्म प्रमाणपत्र की प्रति उपलब्ध करवाए। बस हमारी इतनी छोटी सी मांग है। जिसे पूरा करे हम अनशन समाप्त करने को तैयार है। अगर नही तो हमारा आमरण अनशन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।

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