09 नवंबर 2017

लाखों रूपये चूसने के बाद भी दी मौत, फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन का सुस्त एक्शन

डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला की हुई मौत के मामले बताया जाता है कि मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड के डुमरेल गांव के रहने वाले मनोज राम की पत्नी किरण देवी 9 महीने की गर्भवती थी जिसको ले कर परिजन पुरैनी में ही डॉ नीतू मिश्रा के यहां दिखाने गए थे.

परिजन बताते हैं कि डॉ नीतू मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन करके बच्चा होगा जिसकी फीस पचीस हजार रूपये लगेंगे. मनोज राम तैयार हो गया और ऑपरेशन रूम में डॉक्टर ने कहा कि किरण की बच्चादानी भी खराब हो गई है, इसे भी निकालना पड़ेगा. जिसका 20 हजार और लगेगा. मनोज राम ने ₹ 25हजार और 20 हजार दोनों मिलाकर 45 हजार रूपये डॉक्टर को दे दिया. उसके बाद कुछ दिन के बाद नीतू मिश्रा ने कहा कि अब इसे बाहर ले जाना पड़ेगा. फिर मनोज राम पत्नी को किशनगंज ले गया जहां 10 दिन रहना पड़ा. करीब 40  हजार रूपये किशनगंज में भी डॉक्टर के पीछे खर्च हुए. किरण वहां भी ठीक नहीं हो पाई. वहां से पूर्णिया सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. पूर्णिया में भी करीब ₹20 हजार खर्च हुआ वहां भी ठीक नहीं हो पाया. 

वहां से फिर किरण को अपने घर ले आये और उसके बाद फिर कथित डॉक्टर नीतू मिश्रा के यहां ले जाया गया. जहां नीतू मिश्रा ने कहा कि हम जहां भी होगा प्राइवेट हो या सरकारी वहां हम अपने पैसे से इलाज करवाएंगे. उसके बाद भागलपुर मायागंज हॉस्पिटल रेफर कर दिया. वहां भी कुछ दिन के बाद डॉक्टर ने कहा इसे आप घर ले जाइए अब यह बचने वाली नहीं है. उसके बाद मनोज राम अपने पत्नी  को घर ले आया और बीती रात 1:00 बजे किरण देवी की मौत हो गई. 

किरण को जहां सदर अस्पताल मधेपुरा पोस्टमार्टम के लिए लाया गया वहीँ सदर अस्पताल उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि उस डॉक्टर पर जांच पहले से ही चल रही है, उनका सर्टिफिकेट भी जांच के लिए मंगाया गया है. जांच के उपरांत गलत पाने पर कार्यवाही की जाएगी.

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