01 अक्तूबर 2017

मधेपुरा: नौकरी देने के नाम पर दो दर्जन युवक-युवती को लगाया लाखों रुपये का चूना

प्रोत्साहन संस्थान नामक फर्जी संस्था द्वारा जिले के सैकड़ों लोगों को नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये चूना लगाकर फरार मामला उस समय प्रकाश में आया है जब ठगी के शिकार बेरोजगार युवक युवती जिले के आला अधिकारी को घटना की जानकारी देने पहुंचे.


जानकारी दी गई कि संस्थान के कथित पदाधिकारी ने मघेपुरा प्रखण्ड के तुलसीबाड़ी गांव के युवक युवती को बताया कि प्रोत्साहन संस्थान, सोसाइटी निबंधित संस्था है जो समाज कल्याण, बाल विवाह रोकने एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है, जिसमें कन्यादान योजना, बाल ज्ञान, लगभग एक दर्जन लोकलुभावन योजना आदि पर कार्य कर रही है. बेरोजगार युवक युवतियों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए डीएम एसपी द्वारा जिले में काम करने अनुज्ञप्ति प्राप्त होने का नकली पत्र भी दिखाया. साथ ही लोकल एक पदाधिकारी जिसका परिचय जिला कोर्डिनेटर भारतीय मुहल्ला के वार्ड न०-22 के यशवंत कुमार यादव, मोबाइल नम्बर 9534930606 बताया और खुद को संचालक आनन्द कुमार मोबाइल नंबर 8877830988, जोनल मेनेजर युवराज कुमार सिंह मोबाइल नंबर 7631396603 निवासी खगड़िया जिला बताया था.

इतना ही नही, कहा गया कि संस्था में नौकरी के लिए युवक युवतियों को संस्था को 8500 रूपये देकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और संस्था इसके एवज में उन्हे 15000 रूपये का वेतन देगी. संस्था के लम्बे-लम्बे लुभावन बातों से बेरोजगार युवक- युवती उनके झांसा में आया गये. अच्छे वेतन मिलने के आश में बेरोजगार युवक- युवती ने संस्था के झांसे में दो दर्जन और युवक-युवतियों से 8500- 8500 सौ रुपये संस्था को दिलवा दिये. संस्थान ने गांव में कन्या योजना पर काम शुरू करते हुए कहा कि जन्म लेने वाली लड़की के नाम 350 रुपये जमा करते है तो लड़की के 18 वर्ष पूरा होने पर संस्था के तरफ से 11 हजार रुपये मिलेगा. फिर क्या था? गांव में ढेर सारी लड़कियों का रुपये जमा कराया गया. लेकिन दो माह काम करने के बाद युवक युवती को वेतन नहीं मिलने और वेतन की मांग पर संस्था टाल मटोल करने लगे. जब लम्बे समय बीतने के बाद वेतन नहीं मिला तो बेरोजगार युवक-युवतियों ने संस्था की जांच शुरू की, और संस्था ने जो पता दिया था वह (प्रोत्साहन संस्थान महिला पुलिस कानूनी लेन नम्बर 02 झाड़ी माघो गोल्ड पटना ) से सम्पर्क किया और वेतन की मांग की तो संस्था वाले ने उल्टे 6 लाख का जुर्माना एवं एफआईआर करने की घमकी दे डाली. मजेदार बात यह है कि बेरोजगारों के बीच में विश्वास पैदा करने के लिए कथित संस्थान के पदाधिकारी ने डीएम एसपी के यहां दिये गये आवेदन की रिसीविंग पत्र को आदेश पत्र बताया पर जांच करने पर वह भी नकली निकला, जिसका खुलासा उसमें काम रहे युवक युवतियों को जांच में पता चला.

बेरोजगार युवक- युवतियों में प्रीति प्रियतम, कल्याणी, प्रियंका, बबली, रंजन ,ललिता सुनीता सहित दो दर्जन युवक युवती ने बताया कि संस्थान ने फर्जी रजिस्ट्रेशन का कागज दिखाकर करोड़ो रुपये की गहन साजिश के तहत ठगी कर फरार हो गया है. उन्होंने इस मामले के बारे में डीएम और एसपी को आवेदन देकर संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने साथ ही लोकल कोर्डिनेटर को गिरफ्तार करने के साथ-साथ इसमें संलिप्त फर्जी लोगो को गिरफ्तार करने और ठगी के राशि वसूल करने की गुहार लगायी है.

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