07 जून 2017

सुखद: मंडल विश्वविद्यालय में बहने लगी स्वच्छ हवा, विकास और सुधार कार्य आरम्भ

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति और प्रतिकुलपति दोनों ही गर्मी की छट्टी के बावजूद विश्वविद्यालय में रहकर निरंतर विकास और सुधार कार्य में लग चुके हैं।

दरअसल पिछले कुछ वर्षों से यहां कुलपति की ही उपस्थिति समस्या बनी हुई थी।

बुधवार को कुलपति डॉ ए के रॉय की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय भवन निर्माण समिति की बैठक में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई कि विश्वविद्यालय के कई भवन वर्षों से अर्धनिर्मित अवस्था में लटके पड़े हैं। इन भवनों के निर्माण में राशि भी कब की खर्च की जा चुकी है, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कुलपति ने इस स्थिति पर संवेदकों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने बैठक में यह निर्देश दिया कि जिन पांच संवेदकों का काम अधूरा पड़ा है वे इसे पंद्रह दिन के अंदर पूरा करे अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बैठक में भवन निर्माण से संबंधित समस्यायों के त्वरित निष्पादन पर भी विमर्श किया गया। बैठक में प्रति कुलपति डॉ फारुख अली, वित्त परामर्शी आर सी डीगवाल, प्रभारी कुलसचिव डॉ शशिभूषण सहित अन्य उपस्थित थे।

दूसरी ओर प्रतिकुलपति डॉ फारुख अली ने बुधवार को विश्वविद्यालय के वर्षो से जंग खा रहे जिम को खुलवा दिया। वर्षों पूर्व यहां जिम की सामग्री खरीद कर रख ली गई थी । फिर इसे वर्षो बाद कोशी प्रोजेक्ट के गोल गोदाम में सिफ्ट कर चालू किया गया था। लेकिन व्यवस्था के अभाव में यह बाद में खुलना भी बंद हो गया। प्रतिकुलपति ने तीन दिनों के अंदर ही इसे खुलवाकर अपने सकारात्मक उपस्थिति का बोध कराया है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित दोनों पार्कों की सफाई और बेहतर संधारण के आदेश जारी किए हैं।

प्रति कुलपति ने बुधवार को ही दो पत्र भी जारी किया है । दरअसल उन्होंने 5 जून को टी पी कालेज और 6 जून को प्रतिकुलपति ने केंद्रीय पुस्तकालय का निरीक्षण किया था। इन दोनों के ही स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने दोनों ही संस्थाओं के प्रधान से विस्तृत प्रतिवेदन मांगे हैं।

टी पी कालेज के प्रधानाचार्य को नेक से मान्यता के लिए अब तक के प्रयासों को विवरण, पुस्तकालय में सुधार, शिक्षक उपस्थिति पंजी को अपडेट रखने, समय सारणी बनाकर समयबद्ध कार्य पूरा करने, शिक्षकों का पहचान पत्र संधारण, खेलकूद संघ का गठन आदि कार्य कर 20 जून तक प्रतीवेदित करने का निर्देश दिया गया है। केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी पदाधिकारी से भी कई अपेक्षाएं की गई है। स्नातकोत्तर छात्रों की आवश्यकता सदस्यता, न्यूज पेपर स्टैंड बनाने, पुराने अखबारों का तिथिवार संधारण, गत पांच वर्षो का क्रय विवरण आदि कई कार्यों को कर प्रतिवेदन मांगा गया है।

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