05 मई 2017

एसबीआई की कुव्यवस्था और पैसे नहीं रहने पर फैला खाताधारियों में आक्रोश

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज के एस बी आई ब्रांच में पैसे नहीं रहने के कारण उपभोक्ताओं  में काफी आक्रोश  फैला हुआ है और खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

 मुरलीगंज के भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य  शाखा में  पिछले चार-पांच दिन होते है पैसे का अभाव चल रहा है जिसके कारण ग्राहकों को काफी सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. रघुनाथपुर ब्रांच में  पिछले एक सप्ताह से ही कैश की किल्लत चल रही है. रामपुर ब्रांच में भी कैश कमी का सामना किया जा रहा है. मुरलीगंज बाजार स्थित एस.बी आई में भी पैसे की किल्लत का सामना किया जा रहा है. इस तरह मुरलीगंज ब्रांच से जुड़े चारों बैंक की स्थिति कैश को लेकर बदतर बनी हुई है। 

शादी ब्याह के इस मौके में लोगों को पैसे की कमी का सामना करना पड़ रहा  है। मुरलीगंज के मुख्य शाखा के प्रबंधक सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले 4 दिनों से बैंक में पैसे नहीं हैं, जिसके कारण ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि मधेपुरा चेस्ट से पैसे नहीं रहने के कारण हमें पैसे नहीं दिए जाते हैं, दूसरी ओर ग्राहकों ने बताया कि पिछले 2 महीने से यहां बैंक में काफी सारी कुव्यवस्था फैली हुई है. सारे के सारे नए कर्मचारी भेजे गए हैं. छः कर्मचारी के सृजित पद पर  4 ही कर्मचारी उपलब्ध हैं और चारों को कार्यक्षमता एवं कार्यदक्षता का अनुभव बिल्कुल ही नहीं है. बिल्कुल ही नए कर्मचारी हैं. ग्राहकों ने बताया कि ऐसे कर्मचारियों को मुख्य ब्रांच में भेजना बैंक प्रबंधन का बिल्कुल ही गलत निर्णय है.

 यहां 1 दर्जन से अधिक सीसी एकाउंट होल्डर ने बताया कि पिछले 6 महीने से समूचे ब्रांच किसी भी काउंटर पर रुपए गिनने की मशीन नहीं है, जिसके कारण ग्राहकों के समय की बर्बादी होती है. ग्राहक लाइन में खड़े होकर चिल्लाते रहते हैं कार्य काफी धीमी गति से होता है शाखा में नोटों की गिनती कराने, रुपया ट्रांसफर करवाने, एन एफ टी, और आर टी जी एस कराने में समय बीत जाता है. बैंक के अंदर ग्राहकों की सुविधा के लिए ना तो समुचित बैठने की व्यवस्था है ना पीने की पानी की व्यवस्था है और ना ही किसी काउंटर पर रुपया गिनने का मशीन उपलब्ध है जबकि आजकल बैंकों में 80%  महिलाएं ही खाता संचालन के लिए एवं पैसे उठाव के लिए बैंक जा रही है.

शाखा प्रबंधक सुरेश कुमार ने परेशानी को स्वीकार करते हुए  बताया कि स्टाफ की कमी एवं नए कर्मचारियों में कार्य कुशलता का अभाव अवश्य सामने आ रहा है.  नोट गिनने की मशीन के लिए हमने उच्चाधिकारियों से लिखित एवं मौखिक तौर पर कई बार जानकारी दे चुका हूं पर इसे बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है. काफी पुरानी बैंक होने के कारण हमारे यहां 40 से 45 हजार खाताधारक हैं

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