04 अगस्त 2016

अश्लील सीडी कांड में मधेपुरा के युवक को कोर्ट ने दे दी सजा

दिसंबर 2013 में मधेपुरा जिले को सन्न कर देने वाली एक घटना जिसमें एक बीस वर्षीय युवक ने नाबालिग लड़की को प्रेमजाल में फंसा कर उसका अश्लील वीडियो तैयार किया था, में आज मधेपुरा की एक अदालत ने युवक को पूरे मामले में दोषी पाते हुए उस पर सजा की बौछार कर दी है.
    जिले के उदाकिशुनगंज की बहुचर्चित घटना में न्यायालय ने दोषी मनीष कुमार यादव को आईपीसी की कई धाराओं (292, 354 A, 376/511, 386, 120-B) के अलावे आईटी एक्ट की धारा 67 और POCSO (Prevention of Children from Sexual Offence) Act की धारा 11(i) (Penal Section of 12) के तहत भी दोषी पाया. मधेपुरा के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मिथिलेश कुमार द्विवेदी ने युवक को किसी अपराध में पांच साल, किसी में तीन साल तो किसी में दो साल के साथ कुल 11 हजार रूपये का अर्थदंड भी दिया है. हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ चलने के कारण अब मनीष को पांच साल सलाखों के पीछे बिताने पड़ेंगे.
    घटना उदाकिशुनगंज अनुमंडल की है जहाँ थाने में दर्ज कराये गए एफआईआर के मुताबिक आरोपी युवक ने नाबालिग हाई स्कूल की छात्रा का स्कूल से लौटते समय अपहरण कर एक घर में उसकी अश्लील सीडी तैयार कर ली. मामला दर्ज हुआ तो आरोपी 20 वर्षीय युवक को 15 वर्षीया छात्रा का अपहरण कर अश्लील सीडी बनाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था. मामले की  सुनवाई के दौरान पुलिस ने जहाँ कोर्ट में विवादस्पद सीडी भी दाखिल किया था वहीँ आज सजा सुनाने से ठीक पहले अभियोजन ने युवक द्वारा नाबालिग लड़की का यौन-उत्पीड़न करने से सम्बंधित तस्वीर की फोटोकॉपी दाखिल कर सजा में छूट के सारे रास्ते बंद करवा दिए.
      इस पूरे मामले पर विवादस्पद वीडियो समेत वर्ष 2014 में मधेपुरा टाइम्स पर छपी इस खबर को जरूर पढ़ें: उदाकिशुनगंज अश्लील सीडी कांड का सच: क्या नाबालिग से प्रेम करने की सजा मिल रही है युवक को?

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