जानकारी के अनुसार, रजनी पंचायत के वार्ड संख्या 10, 11 एवं 12 में बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। अंधेरे में रात गुजारने और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज ग्रामीणों का सब्र बुधवार को टूट गया। दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सुबह करीब 10 बजे एसएच-91 पर पहुंचे और बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया।
सड़क जाम के कारण दोपहर करीब दो बजे तक मुरलीगंज–बिहारीगंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर लगभग चार घंटे बाद जाम हटवाया, जिसके बाद आवागमन बहाल हुआ।
मामले को लेकर सहायक अभियंता विद्युत मुरलीगंज तारानंद यादव ने बताया कि दो दिन पहले विद्युत आपूर्ति में फॉल्ट आने से तार टूटकर गिर गया था। तार जोड़कर बिजली बहाल करने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन स्थानीय एक व्यक्ति द्वारा इसका विरोध किया गया। संबंधित व्यक्ति ने विद्युत तार हटाने की मांग की है, क्योंकि उन्होंने तार के नीचे घर बना लिया है। उन्होंने बताया कि विद्युत लाइन शिफ्ट कराने की एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका खर्च संबंधित व्यक्ति को ही वहन करना होगा। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
वहीं बिजली विभाग के जेई अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि सोमवार की सुबह 11 हजार वोल्ट की लाइन में फॉल्ट आने से तार गिर गया था। बिजली बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थानीय व्यक्ति ने अपने घर के ऊपर से गुजर रही लाइन को हटाने की मांग को लेकर आपूर्ति रोक दी। बाद में बीडीओ गोपाल कृष्णन और थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने संबंधित व्यक्ति को समझाया, जिसके बाद दूसरे मार्ग से लाइन जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू करने पर सहमति बनी।
बीडीओ गोपाल कृष्णन ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज लोगों ने सड़क जाम किया था। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समस्या का समाधान कर बिजली बहाल कर दी गई है।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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February 04, 2026
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