स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा आयोजित शिवचर्चा में आओ चलें शिव की ओर विषय पर चर्चा की गई। वहीं एक से बढ़कर भजन गायन से श्रोता मंत्रमुग्धन हो रहे थे। जबकि हर हर महादेव के उद्घोष से वातावरण शिवमय बना रहा। परिचर्चा में सहरसा जिला के मेंनहा गांव से आए रमेश गुरु भाई ने कहा कि इस कालखंड के महामानव साहब श्री हरिद्रानंद जी के मुख्य विचार शिवगुरू से जुड़ने हेतु प्रमुख तीन सूत्र हैं दया मांगना, गुरू शिव की चर्चा करना तथा गुरूशिव को नमः शिवाय से प्रणाम करना तीन सूत्र हैं. इसी मुख्य बिंदुओं पर चर्चा परिचर्चा कर आओ चलें शिव की ओर को लेकर धर्मप्रेमियों से आह्वान किया गया ताकि समस्त मानव जाति एवं जगत का कल्याण हो सके. इसके लिए आज के परिवेश में शिवगुरु की शिष्यता परम आवश्यक है. उन्होंने कहा कि शिव गुरु की साधना से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। शिव गुरु ज्ञान से मानव जीवन को सही दिशा मिलती है और समाज में सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का भाव विकसित होता है। र
मेश गुरु भाई ने अपने संबोधन में कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में शिव गुरु परिचर्चा जैसी आध्यात्मिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक हैं। इससे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि व्यक्ति अपने कर्तव्यों और जीवन के उद्देश्य को भी समझ पाता है। कार्यक्रम के दौरान शिव गुरु से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर चर्चा की गई ।परिचर्चा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और शिव गुरु भक्त सुबोध बाबा गुरुभाई दीनानाथ पटेल, बबलू मनोज बद्री लाल दिलीप ललित जयनारायण की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया ।ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनता है और युवाओं को भी सही मार्गदर्शन मिलता है।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
February 01, 2026
Rating:


No comments: