
भारतीय जन नाट्य संघ, इप्टा मधेपुरा द्वारा कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के जयंती के मौके पर शरद जोशी द्वारा लिखित नाटक- एक था गधा उर्फ़ अलादाद खां का मंचन किया गया. इस नाटक का निर्देशन इप्टा के राष्ट्रिय परिषद् सदस्य सुभाष चन्द्र ने किया जबकि रूप सज्जा और प्रकश का काम पटना इप्टा के कलाकार कपुर कुमार ने किया. मधेपुरा कला भवन में आयोजित इस नाटक का उद्घाटन मधेपुरा सदर एसडीएम वृंदा लाल और एसडीपीओ वसी अहमद, इप्टा के मुख्य संरक्षक डॉ. श्यामल किशोर यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. सचिन्द्र, डा भूपेन्द्र मधेपुरी हरिपुर कला की मुखिया लक्ष्मी कुमारी ने किया.
राजनीति व्यंग पर आधारित लगभग ढाई घंटे के इस नाटक का लोगों ने भरपूर आनंद लिया नाटक में नबाब-अमित कुमार, कोतबाल-सुभाष चन्द्र, नत्थू -सुमन कुमार ,जुग्गन धोबी -बबलू, पत्रकार, सूत्रधार -अंजलि कुमारी, अलादाद खां- शशि भूषण, चिन्तक- राजा कुमार,शंकर कुमार ,शुभराज रामकली - अनिसा कुमारी ,देविलाल- अमरदीप कुमार ,ग्रामीण - नितिष कुमार,चमऩ कुमार शुशील,रंजीत , दरवारी - शानू ने जीवंत अभिनय किया। यह नाटक राजनीतिक व्यंग है जिसे वर्तमान राजनीति से जोड़ कर प्रस्तुत किया गया।
नाटक में बताया गया है कि आज के समय मे कैसे राज नेता अपने हित के लिए आम गरीब जनता को मूर्ख बनाते हैं। हुकुमत का पहला उसूल है आम आदमी को बेबकूफ बनाए रखना, सत्ता में बने रहने के लिए वह आम आदमी को भी शूली पर चढाने से वह पीछे नही हटती। नाटक में यह बात बताया गया है कि नबाब यदि चाहे तो गधे की मौत को भी राष्ट्रीय क्षति बता कर राष्ट्रीय शोक घोषित करवा दे। नाटक में संगीत और रूप सज्जा के माध्यम से कलाकारों ने हर पात्र को जीवंत कर दिया।
इस मौके पर इप्टा के संरक्षक डॉ. सिधेश्वर कश्यप, दशरथ प्रसाद सिंह, डॉ. आलोक कुमार,पंडित रामश्वरूप यादव, किशोर कुमार, चिरामणि प्रसाद यादव, शम्भू शरण भारतीय, संदीप शांडिल्य, माया अध्यक्ष राहुल यादव, इप्टा के उपाध्यक्ष आशीष सोना, रितेश मोहन झा सहित मधेपुरा के कई गणमान्य बुद्धिजीवी और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता इप्टा अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार ने किया जबकि सञ्चालन तुरबसु ने किया ।

एक था गधा उर्फ़ अलादाद खां': राजनीतिक व्यंग पर आधारित बेहतरीन नाटक का मंचन
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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August 02, 2019
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