04 दिसंबर 2017

ये मुरलीगंज शहर हादसों का शहर है’: बिजली के तार से ट्रैक्टर में लगी आग

बिजली के तारों से हादसों का शहर बना मधेपुरा जिले का मुरलीगंज में आज फिर एक बार बिजली के तार से लगी आग इतनी भयानक थी कि चारों तरफ अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया.

बताया जाता है कि आज दिन के के 8:00 बजे जुट से लदी ट्रैक्टर ट्रेलर के साथ धर्म कांटा पर वजन होने के बाद व्यापारी के गोदाम की ओर काशीपुर जा रही थी। उसी समय लटके हुए एक ग्यारह हजार वोल्ट के विद्युत तार के संपर्क में आ जाने से जुट में आग लग गई । आनन फानन में  ड्राइवर ने मवेशी अस्पताल के खाली मैदान से होते हुए जाकर जूट से लदे ट्रेलर को नदी में पलटना चाहा पर आग इतनी तेज थी कि उसने ट्रेलर को छोड़कर ट्रैक्टर को बचाने का प्रयास किया, जिसमें वह सफल भी रहा । 

बिजली के लटके हुए तार के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं । इसी तरह पिछले वर्ष भी जूट से लदी ट्रैक्टर और ट्रेलर में हरिद्वार चौक के पास ही बिजली के तार  के संपर्क में आने से आग लग गई थी  । बड़ी मुश्किल से लोगों ने काबू पाया गया था। मुरलीगंज एनएच 107 के किनारों बिजली के पोल से लटकते तार बड़े मालवाहक वाहन गुजरने पर 220 वोल्ट प्रवाहित तार आपस में टकराते हैं तो 440 वोल्ट का पावर  घरों में  लगे टीवी, फ्रिज, मिक्सी, कंप्यूटर सहित घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को बर्बाद कर देते हैं । गौरतलब हो कि सड़कों का कई बार निर्माण हुआ है जिससे सड़कों की ऊंचाई बढ़ती गई. सड़क के किनारे लगे बिजली के पोल पर लगे हुए तार की ऊंचाई  में कोई इजाफा नहीं किया गया है, जिसके कारण आए दिन बड़े हादसे होते रहते हैं।

लोगों ने बताया कि पटसन से लदी ट्रैक्टर के साथ ट्रेलर टिकुलिया निवासी किसान राजेश यादव की है। व्यापारी वर्ग के लोगों ने बताया कि लगभग सवा लाख रुपये की पटसन पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गई। बिजली विभाग की उदासीनता के कारण शहर के लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। हर शहर में प्लास्टिक के ‘कवर्ड वायर’ लगाए जा चुके हैं पर मुरलीगंज में सौतेलापन क्यों ?

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