26 दिसंबर 2016

नोटबंदी तथा कैशलेस पर मधेपुरा में जन अदालत का आयोजन

मधेपुरा युवा मोर्चा के तत्वाधान में भारत सरकार के नोटबंदी तथा कैशलेस निर्णय को लेकर एक जन अदालत कार्यक्रम आयोजित किया गया.
 इस कार्यक्रम का आयोजन साई प्लाजा मेन रोड मधेपुरा में किया गया जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया. मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल, प्रोफेसर सूरज यादव, राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा सचिव अजय सिंह, बीपीएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र शेखर कुमार, नगर पार्षद ध्यानी यादव, मुकेश कुमार, गूगल पासवान, पृथ्वीराज यदुवंशी समेत अनेक बुद्धिजीवियों अपने अपने विचार रखे. नोटबंदी और कैशलेस को लेकर कई वक्ता पक्ष में थे और कई वक्ता विपक्ष में अपने अपने तर्क दिए. समसामयिक मुद्दे होने के कारण लोग बड़ी संख्या में  श्रोता और दर्शक के रूप में शामिल हुए.                       
        जन अदालत के मुख्य लोक अभियोजक प्रोफ़ेसर सूरज यादव ने अपने तीखे तेवर एवं तर्क से भारत सरकार के नोट बंदी बंदी एवं कैशलेस निर्णय को लोगों के विरुद्ध खासकर गरीब किसान और छोटे कारोबारियों के विरुद्ध एक बड़ी साजिश एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने स्पष्ट रुप से कहा कि कैशलेस के जरिए मोदी सरकार paytm कंपनी के मालिक को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाने का काम कर रही है, जो एक चीनी कंपनी है. कैशलेस व्यवस्था से वर्तमान में भारत सरकार को कतई लाभ नहीं है और ना ही हम भारतीय को.
     जन अदालत कार्यक्रम में सभी पक्षों की बात को सुनने के बाद जज के रूप में चंद्रशेखर कुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा नोट बंदी और कैसलेस का निर्णय आम नागरिकों के विरुद्ध है, इस पर सरकार पुनर्विचार करें तथा इस विषय पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए.

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