23 अक्तूबर 2016

शराबबंदी के बाद मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित रोजगार कार्यक्रम का शुभारम्भ मधेपुरा से

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत रजनी संथाल टोला के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मिलिक टोला में ग्रामीण विकास विभाग
बिहार सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित
रोजगार कार्यक्रम का बिहार में शुभारंभ मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत रजनी संथाल टोला मे जिला पदाधिकारी मो सोहैल एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के तिलक के उपरांत दीप  प्रज्वलित कर किया गया.
      जीविका द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्येश्य रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित करना एवं घरेलू एवं कुटीर उद्योग को रोजगार एवं बाजार के साथ पुनर्जीवित कर उसके लिए रोजगार उपलब्ध करवाना साथ ही साथ अधिकतम सब्सिडी उपलब्ध करवाना बैंको से ऋण सुनिश्चित करवाना है.
यह एक स्वरोजगार योजना है. इसमें मुर्गी पालन से लेकर के वर्मी कंम्पोस्ट तैयार करना, ब्यूटी पार्लर खोलना, कुछ दुकाने चलाना आदि चीजों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. उप विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार ने बताया कि कि प्रशिक्षण के बाद आपको बैंक से ऋण एवं अनुदान दोनों ही दिया जाएगा. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की कुछ कल्याण योजनाएं हैं जिस से लाभ मिल सकता है. जीविका सरकार के अमर कुमार पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से लाभ उठाकर हम कुछ धनार्जन भी कर सकते हैं. साथ ही साथ एक अच्छे भविष्य का निर्माण भी सुनिश्चित कर पाएंगे.
       आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के उपरांत संथाली समाज में कुछ मुश्किल है सामने आई है, क्योंकि घरेलू शराब निर्माण  पूर्णतया बंद हो चुका है जिसके कारण कुछ आर्थिक कठिनाइयां सामने रही हैं.


मधेपुरा डीएम का प्रारूप सरकार ने माना: जिला पदाधिकारी मो सोहैल ने अपने संबोधन में कहा कि 3 मई को मुख्यमंत्री ने जब सहरसा दौरा किया था उस समय मैंने इस योजना का प्रारुप तैयार कर उनको सौंपा और उन्होंने इस अपनी स्वीकृति प्रदान की. और कहा कि यह इसे पूर्ण रोजगार वाली योजना में बदले जिससे बच्चों की पढ़ाई पहले कर बड़ों के रोजगार तक की गारंटी सुनिश्चित हो. जिला पदाधिकारी ने कहा कि संथालों के लिए हमने 50% नहीं बल के 90% सब्सिडी का प्रावधान रखा है, जिससे  आपको 100 की रोजगार उपलब्ध हो जाए. आगे उन्होंने बताया कि संथाल बच्चों की पढ़ाई के लिए भी योजना बनाई है जिसमें संथाल क्षेत्रों में आवासीय हाई स्कूल की व्यवस्था हो. वर्ग 10 तक के बच्चों के लिए मुफ्त भोजन एवं पढ़ाई की व्यवस्था हो इसके लिए भी सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है. दक्षता के अनुसार काम दिए जाने की बात की. किसी ने मोमबत्ती निर्माण तो कोई ब्यूटी पार्लर तो कोई पोल्ट्री फॉर्म पर अपना नाम दर्ज करवाया है. उन्होंने बताया कि 1 महीने के प्रशिक्षण के उपरांत मैं स्वंय मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा कि वे आपलोगों के बीच उपस्थित होकर स्वयं इस योजना के लिए चेक का वितरण करें. संथाल विकास निगम बनाने की बात उन्होंने कही संथान विकास परिषद के गठन का भी प्रारूप भेजा गया है.
       पुनः जिला पदाधिकारी द्वारा हरिपुरकला पंचायत के तिनकोनमा गांव पहुँच कर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तिनकोनमा में मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित रोजगार कार्यक्रम का उद्घाटन किया. यहां पर जिला पदाधिकारी का स्वागत परंपरागत संथाली नृत्य से किया गया तथा काफी संख्या में जीविका समूह के संथाली महिलाओं द्वारा इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर
जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यक्रम के बारे में  दी गई जानकारी से लाभ लिया.  यहां भी जिला पदाधिकारी ने संथालो के लिए मुख्यमंत्री संथाल सुनिश्चित रोजगार कार्यक्रम के लाभों को बतलाया. साथ ही साथ महादलितों के उत्थान के लिए भी एवं रोजगार के लिए कई कार्यक्रम की जानकारी उन्होंने दी.
     दोनों ही जगह जिला पदाधिकारी एवं आरक्षीअधीक्षक तथा उप विकास आयुक्त को चादर भेंट कर सम्मानित किया गया. इस मौके पर तिनकोनमा गांव के प्रत्येक परिवार को सुनिश्चित रोजगार से जोड़ने की योजना के कार्यान्वयन की दिशा में बल दिया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डेयरी एवं कुछ और योजनाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने की बात भी कही. इस मौके पर आरक्षी अधीक्षक मधेपुरा, उप विकास आयुक्त, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अमृत शेखर पाठक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार, सामाजिक विकास प्रबंधक मनोज कुमार पोद्दार, सी पारस कुमार, रोजगार प्रबंधक सुशील प्रसाद गुहा, सामुदायिक विकास समन्वयक सुरेंद्र कुमार मणि, शंकर कुमार एवं जीविका परिवार के सैकड़ों दीदी उपस्थित थी.
(रिपोर्ट: संजय कुमार)

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