02 अगस्त 2016

इस सोमवारी को भी बाबा सिंहेश्वर नाथ में रही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़

बिहार के देवघर कहे जाने वाले सिंहेश्वर बाबा मंदिर में सोमवार को सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें बाबा सिंहेश्वर नाथ पर जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी. गर्भ गृह का पट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब बाबा आशुतोष को जल अर्पित करने टूट पड़ा.
     कुछ देर के लिए तो ऐसा लगा प्रशासनिक व्यवस्था तहस-नहस हो गई. लेकिन युवक संघ के लडकों ने आपसी समझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभाला.
   जानकारी के अनुसार लाखों श्रद्धालु सारी रात सिंहेश्वर के मंदिर परिसर, धर्मशाला, ठाकुरबाड़ी तथा सड़क के किनारे सुबह बाबा सिंहेश्वर नाथ के पट खुलने के इंतजार में सो नहीं पाये और सुबह अचानक आई भारी भीड़ ने प्रशासन की कलई खोल कर रख दी. सुबह जहाँ कहीं प्रशासन की व्यवस्था नजर नहीं आ रही थी वहीं बाजार में ऑटो  के पूर्णत: प्रवेश निषेध के दावे की धज्जियां उड़ती दिख रही थी.
    दूसरी तरफ मंदिर न्यास के अधिकारियों के मन माने रवैया और सदस्यों की निष्क्रियता के कारण गर्भ गृह का एसी के बंद रहने के कारण कभी बडी घटना  घट सकती है. गर्म गृह मे तैनात पुलिसकर्मी भी गर्मी और उमस के कारण गर्भ गृह में जाना नही चाहते हैं. कल स्काउट एवं गाईड के लड़कों के नहीं आने के कारण परेशानी और बढ़ गई. भला हो युवा संध के उन लडकों का जो बेतहाशा गर्मी और उमस में जहा पुलिसकर्मी बार बार गर्भ गृह से बाहर निकल जाते थे. उसके बावजूद उन्होंने ने मोर्चा नही छोडा. भीड़ का आलम यह था कि कतार में लगे लोगों को जल चढाने के लिए घंटो लाईन में इंतजार करना पड़ रहा था. प्रशासनिक बदइंतजामी का आलम यहीं खत्म नहीं होता है. मंदिर में नियुक्त मजिस्ट्रेट की सूची नोटिस बोर्ड पर चिपकाए जाने की घोषणा हुई पर वह भी तैयार नहीं हो पाई है. टेलिफोनिक आदेश पर मजिस्ट्रेट बजा रहे हैं ड्यूटी.
           मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा में कुमारखंड  के गुडिया निवासी नागेश्वर साह के 18 वर्षीय पुत्र निरोध कुमार के डुबने की खबर से खलबली मच गई. उपस्थित मजिस्ट्रेट पीओ नारायण कुमार ने तत्काल एनडीआरएफ की टीम को शिवगंगा में युवक के तलाश में लगा दिया. काफी मशक्कत के बाद भी ना तो युवक ना ही उसका लाश ही मिला. नियंत्रण कक्ष के द्वारा लगातार हो रही घोषणा को सुन कर वह नियंत्रण कक्ष में पहुचने पर अधिकारियों ने राहत की साँस ली. युवक ने बताया स्नान के बाद दण्डप्रणामी देने चला गया उसके बाद काफी कोशिशों के बाद भी परिजन नही मिले लेकिन घोषणा सुनने के बाद यहां आकर अपने परिजनों से मिले. युवक के मिलने के बाद परिजनों ने कहा कि बाबा सिंहेश्वर नाथ ने मेरे निरोध की रक्षा की.

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