23 जून 2016

मधेपुरा की एक कम्प्यूटर संस्था के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर का आदेश

मधेपुरा के एक कम्प्यूटर संस्था पर नि:शुल्क पॉलीटेकनिक कोर्स कराने का झांसा देकर कई छात्रों से ठगी करने और सर्टिफिकेट रख लेने का आरोप लगा है. कई पीड़ित छात्रों ने संस्था के डायरेक्टर के खिलाफ ठगी के आरोप से सम्बंधित आवेदन जब मधेपुरा के जिलाधिकारी को देकर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद जिलाधिकारी के द्वारा संस्था की जांच का आदेश दे दिया गया है.
    जिला मुख्यालय के अल्पसंख्यक छात्रावास के सामने अवस्थित नीलू इन्फोटेक के डायरेक्टर और कर्ताधर्ता पवन कुमार के खिलाफ बिलमेश कुमार, अजय कुमार राम, रविराज कुमार, प्रदीप कुमार राम, बबलू कुमार, आकाश कुमार प्रभाकर, अजीत कुमार राम, सुनील कुमार और रूपेश कुमार ने मधेपुरा के जिलाधिकारी को आवेदन देकर संस्था के खिलाफ ठगी का आरोप लगाया है और कहा है कि वर्ष 2014 में हमलोगों को हरिजन होने के नाम पर मुफ्त में पॉलीटेकनिक कोर्स में एडमिशन एवं नि:शुल्क हॉस्टल एवं पढ़ाई की सुविधा का झांसा देकर नीलू इन्फोटेक के डायरेक्टर ने सबों का मैत्रक और इंटर का मूल प्रमाणपत्र रख लिया और “एस. भी. एस. भावाना कॉलेज मेरठ” में एडमिशन कराते समय 5500/- रू० प्रति छात्र वसूल किया और उसके बाद दो महीने हॉस्टल में रहने के बाद हमलोगों से 80,000/- रू० प्रति वर्ष की दर से मांग किया जाने लगा. नहीं चुकाने पर हॉस्टल में भोजन-पानी बंद कर दिया गया. पीड़ित छात्रों ने आगे कहा है कि अंत में हमलोग भूखे-प्यासे किसी तरह अपने घर पहुंचे. फिर जब हम सर्टिफिकेट की मांग करने लगे तो डायरेक्टर पवन कुमार हमसे प्रति सर्टिफिकेट 30,000/- रूपये की मांग पर अड़ गए.
    मिली जानकारी के अनुसार मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को जांच का भार दिया. प्रारंभिक जांच के बाद संस्था के डीईओ ने छात्रों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा कर दी है.

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