अंचल कार्यालय शौचालय अस्पताल सरकारी स्कूल आदि की बदहाल व्यवस्था को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने जमकर सवाल उठाए पिछली बैठक में लिए गए प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सदन ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बीडीओ अविनाश कुमार ने पूर्व प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए जनगणना को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की और सदन को संतुष्ट करने का प्रयास किया।
बैठक में भान टेकठी के मुखिया विकास मंडल ने मनरेगा पीओ अभिषेक कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 22 प्रतिशत कमीशन लेने के बाद ही योजनाओं का प्रशासनिक स्वीकृति और जिओ टैग किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलालों के माध्यम से कमीशन वसूली की जाती है, जिससे कई योजनाएं लंबित हैं। मुखिया राहुल कुमार ने भी कहा कि कमीशन नहीं देने पर बिना हस्ताक्षर का स्टीमेट थमा दिया जाता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर भी सवाल उठे। वहीं मुखिया बिमल कुमार ने कहा कि लाखों की लागत से बने पंचायत सरकार भवन में कोई कर्मी नहीं बैठता जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने वहां पदस्थापित कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की।
सदन ने प्रस्ताव पारित कर मनरेगा पीओ की लगातार बैठकों से अनुपस्थिति की शिकायत जिला पदाधिकारी को भेजने का निर्णय लिया। बैठक में उपप्रमुख मंजू सुमन, बीईओ नवल किशोर सिंह, बीएचएम संजीव कुमार बर्मा, पशुपालन विभाग के डॉ. मनोज कुमार मंटू, बीएओ पूजा कुमारी, जेई दीपक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
March 30, 2026
Rating:


No comments: