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| पीड़िता को मिला न्याय |
मालूम हो कि आशा देवी के पति सुबोध महतो उम्र 55 वर्ष घर खोपैती टोला कोरियानी वार्ड न 14 निवासी की 4/5/2016 को मधेपुरा घर लौटने के क्रम टेंपू पलट जाने से मृत्यु हो गई थी। मृतक की पत्नी द्वारा अपने अधिवक्ता श्यामानंद गिरि के माध्यम से सिविल कोर्ट मधेपुरा में मुआवजा हेतु टेंपू मालिक टेंपू चालक एवं बीमा कंपनी पर केस किया था जिसमें मधेपुरा जिला जज ने ICICI LOMBARD GENERAL INSURANCE COMPANY को 16,93,160 रूपये एवं अलग से उस पर 9% ब्याज सलाना केस फाइल करनी की तिथि से रूपये जमा करने कि तिथि तक पीड़ित परिजन को भुगतान करने का आदेश दिया इस आदेश को बीमा कंपनी ने पटना हाई कोर्ट में चैलेंज किया.
बीमा कंपनी ने केस में दलील दिया कि निचली अदालत के द्वारा अत्यधिक मुआवजा का आदेश पारित किया गया है जो खारिज करने योग्य है वही पीड़ित परिजन के अधिवक्ता अमनदीप कुमार ने कोर्ट में दलील दिया कि निचली अदालत द्वारा पारित आदेश माननीय उच्चतम न्यायालय के गाइडलाइन के अनुरूप नहीं है और वह कम है एवं मुआवजा बढ़ने योग्य है.
मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायमूर्ति सुनील दत्ता मिश्रा कि एकल पीठ ने केस न.MA NO 707/2021 में
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| अधिवक्ता अमनदीप कुमार |
इस आदेश के आलोक में बीमा कंपनी द्वारा 29,66,850 रुपए का चेक जिला जज मधेपुरा के न्यायालय में जमा किया गया। परिजन के अधिवक्ता श्यामानंद गिरि ने कहा बीमा कंपनी ने पटना हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में यह चेक जमा किया है जो 3 लाख कम है। उन्होंने बताया पीड़ित परिवार को 9 साल के इंतजार के बाद न्याय मिला है। बताते चलें कि जिला न्यायालय में जहाँ पीड़ित की तरफ से श्यामानंद गिरि अधिवक्ता थे, वहीँ पटना हाई कोर्ट में मामले में बहस अधिवक्ता श्यामानंद गिरि के पुत्र अमनदीप कुमार कर रहे थे, जहाँ आखिरकार पीड़ित को न्याय मिला.
(वि. सं.)
Reviewed by Rakesh Singh
on
May 12, 2026
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