जानकारी के अनुसार, पूर्वी टोला वार्ड नंबर-4में बुधाय यादव और राजकुमारी देवी के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। इसी दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की व हाथापाई शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। मामला शांत होने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने 112 में तैनात पुलिस पदाधिकारी दिवाकर सिंह पर दुर्व्यवहार और पक्षपात का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलते ही प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। बीडीओ अविनाश कुमार, सीओ वंदना कुमारी, जिला परिषद प्रतिनिधि डॉ. बीके आर्यन, प्रमुख प्रतिनिधि राज नारायण यादव, समिति प्रतिनिधि सुमन कुमार, तरुण कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन द्वारा जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।
पीड़ित राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया कि उन्होंने सिकंदर यादव से जमीन खरीदकर सरकारी अमीन से नापी कराने के बाद घर बनवाया था। सोमवार की देर रात आई तेज आंधी में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था। बुधवार को घर की मरम्मत कराई जा रही थी तभी दूसरे पक्ष द्वारा 112 पुलिस को बुलाया गया। उनका आरोप है कि पुलिस पहुंचते ही गाली-गलौज और मारपीट करने लगी जिसके बाद आसपास के महादलित समुदाय के लोग विरोध करने लगे। आरोप है कि बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर महिला-पुरुषों के साथ भी मारपीट की गई।
वहीं घैलाढ़ ओपी अध्यक्ष ज्योतिष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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May 27, 2026
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