इस दौरान आलमनगर विधान सभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी ई नबीन कुमार निषाद ने शाल और माला पहनाकर सांसद का स्वागत किया. स्वागत भाषण में ई नबीन निषाद ने कहा कि पूषी पूर्णिमा के अवसर पर ये एतिहासिक मुरौत मेला सैकड़ों वर्षों से लगाया जाता है. इस मेला से हमारी आस्था के साथ साथ आपसी सौहार्द को भी बढ़ावा मिलता है.
इस अवसर पर सांसद अजय मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि “मुरौत मेला हमारी लोक-संस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य भी करते हैं। आप सभी से मिलकर अपनापन महसूस किया मेरा प्रयास रहेगा कि भविष्य में भी पुशी पूर्णिमा मुरौत मेला में शामिल होंगे और इस तरह के आयोजनों को और अधिक प्रोत्साहन मिले तथा क्षेत्र के विकास के साथ-साथ संस्कृति भी सशक्त हो।ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मेलों से स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और व्यापारियों को मंच मिलता है। इससे आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी भी इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देते हैं."
उद्घाटन के बाद मेला परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। चार दिवसीय इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न मनोरंजन व स्थानीय उत्पादों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.
यह मेला इस क्षेत्र का प्रसिद्ध मेला है. यहां के लोग मां कौशिकी की पूजा बड़ी श्रद्धा से करते हैं. इस कडाके ठंड में भी लोग कोसी में स्नान कर मां कौशिकी की पूजा करते हैं. हांलांकि कोसी के कटाव ने इस गांव का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया एवं अति प्राचीन मंदिर भी कोसी के गाल में समा गया, परन्तु यहां के लोग आज भी मां कौशिकी की पूजा धूमधाम से करते हैं ।
इस दौरान किशनपुर रतवारा की मुखिया पूनम देवी, ईटहरि पंचायत के मुखिया राजेश कुमार रौशन, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि प्रेम कुमार, जमीन दाता महाबीर प्रसाद सिंह, मेला मालिक ईश्वर प्रसाद सिंह, मेला संयोजक रामलाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अभदेश सिंह,राजेश सिंह,सुभाष गुप्ता,पिंटू यादव,नीतीश निराला, सहित बड़ी संख्या में मेला प्रेमी उपस्थित थे.
(रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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January 06, 2026
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