BNMU@35: बीएनएमयू का 35वां स्थापनोत्सव मनाया गया


भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर, मधेपुरा का 35वें स्थापनोत्सव के अवसर पर बीएनएमयू @35 : उपलब्धियाँ, संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

*सन् 1992 में हुई थी विश्वविद्यालय की स्थापना* 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि हमारे विश्वविद्यालय की स्थापना 10 जनवरी, 1992 को समाजवादी विचारक भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम पर की गई है। इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव एवं वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका रही। 
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना काल से लेकर अद्यतन 34 वर्षों में काफी आगे बढ़ा है। स्थापना के समय इस विश्वविद्यालय का कार्यक्षेत्र कोसी एवं सीमांचल का सात जिलों में फैला था। लेकिन 18 मार्च, 2018 से पूर्णिया विश्वविद्यालय अलग हो गया है। अब बीएनएमयू मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल तीन जिलों में फैला है। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बदलाव एवं विकास की नई इबादत लिखी जा रही है। विश्वविद्यालय सभी क्षेत्रों में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हम सभी संकल्पित होकर विश्वविद्यालय के प्रति समर्पित होकर कार्य करेंगे, तो हमारे विश्वविद्यालय को निश्चित रूप से राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि आज विश्वविद्यालय में 14 अंगीभूत, 31 संबद्ध तथा 12 बी. एड. महाविद्यालय हैं। सत्ताइस विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई हो रही है। सभी स्तरों पर पठन-पाठन को दुरुस्त करने हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सभी समस्याओं के समाधान हेतु प्रतिबद्ध हैं। हाल के दिनों में विभिन्न स्कीम के तहत् शिक्षकों के प्रोन्नति प्रक्रिया का निष्पादन किया गया है। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न विषयों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की सेवा सम्पुष्टि की गई है।

उन्होंने बताया कि स्नातक का सत्र नियमित हो चुका है और स्नातकोत्तर का सत्र भी जून 2026 तक नियमित हो जाएगा। कक्षाओं में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित करने ठोस कदम उठाए गए हैं। विद्यार्थियों की समस्यायों का समाधान विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रमाण पत्र ऑनलाईन माध्यम से आवेदनोपरांत डाक से उनके घर तक भेजा जा रहा है। यह सब 35 वर्षों की उपलब्धियों हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के सामने नैक मूल्यांकन की चुनौती है। इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति के प्रयास से नैक मूल्यांकन नहीं होने के बावजूद हमें पीएम-उषा योजना के तहत भवन निर्माण हेतु बीस करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। भवन-निर्माण कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त उद्यमिता केंद्र, पेयजल संयंत्र एवं एवं चहारदिवारी के निर्माण हेतु साढ़े चौबीस करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है।


विशिष्ट अतिथि कुलानुशासक डॉ. इम्तियाज अंजूम ने कहा कि हम सबों को मिलकर विश्वविद्यालय के विकास हेतु कार्य करना है। हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाएंगे, तो विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा।

विषय प्रवेश कराते हुए परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव ने कहा कि ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के तत्कालीन प्रधानाचार्य प्रो. रमेंद्र कुमार यादव 'रवि' को संस्थापक कुलपति होने का गौरव प्राप्त हुआ था।‌ उन्होंने महज छ: माह के कार्यालय में विश्वविद्यालय को एक व्यवस्थित स्वरूप दिया।

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के कार्यालय समान डॉ. सुधांशु शेखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो. मो. अबुल फजल ने किया।

कार्यक्रम में सीसीडीसी डॉ. अरविंद कुमार, वित्त पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, विकास पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र, उपकुलसचिव परीक्षा डॉ. उपेन्द्र प्रसाद यादव, उपकुलसचिव अकादमिक डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. पी. एफ. अहमद, डॉ. एस. पी. सिंह, पृथ्वीराज यदुवंशी, संजीव कुमार, आनंद आशीष आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। सबों ने पैंतीस वर्षों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया और आगे और भी प्रयास करने की जरूरत बताई।

इस अवसर पर डॉ. इंद्रकांत भारती, डॉ. अनवारूल हक, डॉ. अमित विश्वकर्मा, डॉ. विनोद कुमार यादव, बिमल किशोर बिमल, बिमल कुमार, राबिन्स कुमार, मनोज कुमार मंडल, चंद्रधारी यादव, डॉ. शैलेश यादव, डॉ. माधुरी कुमारी, सनोज कुमार, पवन हरिजन, पिंकी कुमारी, शिल्पी कुमारी, प्रियांशु कुमारी, शिल्पा कुमारी, शिवानी प्रिया, यशवंत कुमार, कुंदन कुमार, नीरज कुमार, अर्णव, पुष्पेंद्र, चंदन, रामनारायण कौशिक, रंजीत कुमार, सज्जन, मृत्युंजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
BNMU@35: बीएनएमयू का 35वां स्थापनोत्सव मनाया गया BNMU@35: बीएनएमयू का 35वां स्थापनोत्सव मनाया गया Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on January 10, 2026 Rating: 5

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