14 मई 2017

वार्ड नं. 20: निवर्तमान अबकी प्रत्याशी नहीं, 7 कर रहे जद्दोजहद, मतदाता बंटे हुए

मधेपुरा नगर परिषद् का वार्ड नं. 20 मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र के सबसे बड़े वार्डों में से एक है और यहाँ वोटरों की संख्यां भी काफी अधिक 2596 है.
मधेपुरा मुख्य सड़क और पश्चिमी बाय पास रोड के बीच पानी टंकी चौक से लेकर उधर स्व० झल्लू बाबू के पोखर के सीध में बसे इस वार्ड में कई हाल में बसे मोहल्ले भी हैं.

इस वार्ड में वोटरों की संख्यां की बात करें तो ये मधेपुरा के कई वार्डों से दो से तीन गुना अधिक है. यहाँ वोटरों की कुल संख्यां 2596 है. पिछले दस वर्षों से यहाँ अनीता श्रीवास्तव वार्ड पार्षद रही हैं, परन्तु इस बार वार्ड अति पिछड़ा वर्ग के महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने के कारण अनीता श्रीवास्तव को मैदान से बाहर हो जाना पड़ा.

वार्ड में इस बार कुल सात महिला उम्मीदवार मैदान में हैं. कुमारी मेघा, वीणा देवी, उषा देवी, पुष्पा देवी, शोभा शांता, कंचन कुमारी तथा शिल्पा कुमारी.

निवर्तमान वार्ड पार्षद अनीता श्रीवास्तव पिछले दस साल की अपनी उपलब्धियां गिनवाती हैं और कहती हैं कि आवास योजना के तहत 65 घर, मंत्री, विधायक और एमपी के सहयोग से 16 सड़क, बिजली के लगभग 250 पोल, पीएचएस कार्ड लगभग 450 लोगों को, तीन आंगनबाड़ी केंद्र, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन आदि के तहत करीब दो सौ के साथ आयरन मुक्त पानी सप्लाई पर भी काम चल रहा है. इसके अलावे आवास योजना तथा अन्य योजनाओं का लाभ भी लोगों को मैंने दिलवाया है. सड़क-नाले आदि पर भी मैंने काम आगे बढाया है. अनीता श्रीवास्तव कहती हैं कि जो भी इस बार जीतकर आयेंगे, मेरे काम को आगे बढ़ाएंगे.

पर मैदान में खड़े सभी प्रत्याशियों के सुर निवर्तमान वार्ड पार्षद के प्रति इनसे अलग हैं. प्रत्याशी कहते हैं कि वार्ड की स्थिति काफी ख़राब है और पिछले वर्षों में संतोषप्रद काम नहीं हुए हैं. सड़क हैं तो नाले नहीं हैं और कई जगह तो बरसात क्या, आम दिनों में भी पैदल चलने लायक नहीं है. आवास योजना के लाभ के बारे में भी अधिकांश प्रत्याशियों का आरोप है कि जिन्हें मिलना चाहिए उन्हें मिला नहीं और जिन्हें नहीं मिलना चाहिए उन्हें ही दिया गया है. वार्ड में बहुत काम करने की आवश्यकता है.

वैसे सभी प्रत्याशी जहाँ अपने को कंटेस्ट में बता रहे हैं वहीँ मतदाता भी बुरी तरह बंटे हुए हैं और अभी तक काफी संख्यां में मतदाताओं ने तय नहीं किया है कि किसे वोट करना है. प्रत्याशी और उनके समर्थक दिन रात एक किये हुए हैं और अधिकाँश प्रत्याशी मतदाताओं के आश्वासन में अपनी बढ़त देख रहे हैं. जबकि वार्ड में अधिकांश मतदाताओं का कहना है कि किसे नहीं कहें? जो आते हैं, उन्हें कह देते हैं कि हम तो आपको ही दे रहे हैं.

महिला क्षेत्र होने की वजह से कई प्रत्याशियों की खुद की पहचान नहीं दिखाई देती है. वोटर भी उनके पतियों का चेहरा और पिछले काम को देखकर ही मन बना रहे हैं. ऐसे में अभी तक ये कहना मुश्किल लग रहा है कि इस वार्ड में कंटेस्ट त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय. अब देखना है कि चुनाव नजदीक आने पर ऊंट किस करवट बैठता है?
सुनिए वीडियो में क्या कहना है निवर्तमान वार्ड पार्षद और प्रत्याशियों का, यहाँ क्लिक करें.

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