24 फ़रवरी 2017

मधेपुरा में वीजा बनवाने के नाम पर ठगी का खेल, विदेश जाने को मिला फर्जी वीजा

मधेपुरा जिले में वीजा के नाम पर ठगी के एक खेल का मामला प्रकाश में आया है.  वीजा बनवाने के नाम पर  ठगी के शिकार हुए बिहारीगंज के कुस्थन निवासी मो.मंजूर आलम ने थाने में आवेदन दे न्याय की गुहार लगाई है।

          पीड़ित आलम के अनुसार पासपोर्ट बनवाने के बाद उसे विदेश जाने के लिए वीजा की जरूरत थी। वीजा बनवाने का आश्वासन उसके चचेरे भाई मो.अहमद व उसकी पत्नी सैवो खातून ने यह कहकर दिया कि उसकी मां जहीदा खातून खगड़िया बैलदौर के चोरल्ही में रहती है। वह वीजा बनवाने का काम करती है,उससे वीजा बन जाएगा। अपने चचेरे भाई व भाभो के बात पर विश्वास कर वीजा बनवाने के नाम पर उसे एक लाख तिरेसठ हजार रूपये किश्तवार भुगतान किया। वीजा बनवाने के नाम पर कभी सहरसा तो कभी पटना तो कभी दिल्ली में मेडिकल टेस्ट के नाम पर दौड़ लगवाती रही। जब वीजा बनकर आया तो वह वीजा भी फर्जी था।

कैसे चला पता कि वीजा फर्जी है?: उक्त बावत पीड़ित मो. मंजूर और धर्मेन्द्र मेहता कहते हैं कि जब वे दोनों दुबई जाने वास्ते दिल्ली के जामिया भरत नगर स्थित कार्यालय में गए तो वीजा देखने पर उसे फर्जी करार दिया। दोनों ने जब वीजा को ध्यान से पढ़ा तो उसपर दुबई के बदले कुवैत लिखा था। इसके अलावे भी अन्य कई साक्ष्य थे जिससे स्पष्ट होता है कि ऊक्त वीजा फर्जी है। वापस लौटने पर जब मंजूर ने रुपये लौटाने को कहा तो ऊसके चचेरे भाई ने उल्टे उसी के विरूद्ध बिहारीगंज थाने में आवेदन दे दिया। फिलहाल मामला पुलिस के अधीन है। समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई थी।
    वहीं बिहारीगंज एसएचओ वीरेन्द्र प्रसाद कहते हैं दोषी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। और फर्जी गिरोह का भंडाफोड़ किया जाएगा। फिलहाल जो भी हो पीड़ितों का पैसा गया सो अलग फिलहाल विदेश जाकर पैसा कमाने के सपनों पर पानी फिर गया।
(रिपोर्ट: रानी देवी)

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