27 नवंबर 2016

कॉंग्रेस-लेफ्ट के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पप्‍पू यादव, राजद निकलेगी आक्रोश मार्च

नोटबंदी को लेकर मुख् विपक्षी पार्टी समेत अन् पार्टियों के साथ मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने भी 28 नवंबर के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने का निर्णय लिया है.
हालांकि जनता की परेशानी को ध्यान में रखकर जन अधिकार पार्टी (लो) के द्वारा प्रस्तावित 29 नवंबर को रेल चक्का जाम के निर्णय को वापस ले लिया गया है.
      उधर जहाँ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर विपक्ष एकजुट होकर कल विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है वहीँ बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने नोटबंदी के फैसले के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है.

नोटबंदी पर समर्थन और विरोध के अलग-अलग स्वर: केंद्र सरकार के नोटबंदी से जुड़े फैसले के खिलाफ कौन कहाँ है इसे जानना जरूरी है. कॉंग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर आवाज उठाने का फैसला किया है. भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने मधेपुरा टाइम्स से कहा कि वाम पार्टियाँ और भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस कर मधेपुरा में वे बंद के समर्थन में प्रतिरोध मार्च निकालेंगे और दुकानदारों से भी बंद का समर्थन देने की अपील करेंगे. प्रतिरोध मार्च शहर घूमकर समाहरणालय के सामने सड़क जाम भी करेगी,
          उधर जहाँ नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड ने नोटबंदी के समर्थन में खुद को बंद से अलग रखने का फैसला किया है वहीँ राजद ने कल आक्रोश मार्च निकलने का फैसला किया है. मधेपुरा राजद अध्यक्ष देव किशोर यादव ने मधेपुरा टाइम्स से कहा कि हम नोटबंदी के निर्णय से उत्पन्न हुई जनसमस्या के विरोध में आक्रोश मार्च निकालेंगे. हमारा विरोध लोगों को हो रही परेशानी को लेकर है.
          उधर मधेपुरा टाइम्स ने जब आज शहर के दर्जनों दुकानदारों से उनकी राय जाननी चाही तो अधिकांश का कहना था कि हम केंद्र सरकार के समर्थन में हैं और कल चाहे जो हो, हम दूकान खुली रखेंगे.
     वैसे बताया गया कि का 28 नवम्बर को पहले जहाँ भारत बंद की बात कही गई थी वहीँ विपक्ष अब भारत बंद नहीं बल्कि सिर्फ विरोध प्रदर्शन की बात कह रही है. नोटबंदी के समर्थकों का मानना है कि आम लोगों के समर्थन को देखकर पहले ही विपक्ष बैकफुट पर आ गई है.
(नि.सं.)

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