कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को बालकों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act, 2012) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हर बच्चे का अधिकार है - सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित बचपन। बच्चों को समझाया गया कि अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श क्या होता है, किसी अनजान व्यक्ति से क्या सावधानी रखनी चाहिए, और अगर कोई डराए, बहलाए या गलत व्यवहार करे तो क्या करना चाहिए।
बच्चों को खास तौर पर ये बातें बताई गई:
डरना नहीं है, चुप नहीं रहना है
तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना है
अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाना गलत नहीं है
बच्चे की सुरक्षा सिर्फ परिवार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है कार्यक्रम में ‘सुरक्षित बच्चे, सशक्त भारत’ का संदेश दिया गया। वहीं बैनर पर लिखा संदेश “आइए, मिलकर बनाएं - हर बच्चा सुरक्षित हो, हर बचपन मुस्कुराए " सभी को काफी पसंद आया।
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम, स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया.
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
October 30, 2026
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