नरेश बाबू पूर्व सैनिक भी रहे थे। उन्होंने वर्ष 1978 से 2000 तक लगातार दिग्घी पंचायत के मुखिया के रूप में पंचायत का नेतृत्व किया। इसके बाद वर्ष 2005 से 2010 तक व्यापार मंडल सहयोग समिति के अध्यक्ष के पद पर रहकर किसानों और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों में सक्रिय भूमिका निभाई।
बताया गया कि आठ पुत्रियों के बाद उनके सबसे छोटे पुत्र सोनू कुमार हैं। नरेश बाबू के निधन से परिवार, समर्थकों एवं शुभचिंतकों में गहरा शोक है।
उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर सीपीआईएम के कई सदस्य एवं स्थानीय लोग उनके निवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान सेवानिवृत्त प्राध्यापक रामशरण यादव, गणेश मानव, डॉ. राजेश कुमार, ओम कुमार, पूर्व मुखिया विश्वजीत कुमार पिंटू सहित बड़ी संख्या में परिजन एवं शुभचिंतक मौजूद रहे।
मौके पर सर्वेश कुमार, सोनू कुमार, रोशन कुमार, पिंटू मुखिया, उमेश यादव, वीरेंद्र यादव, राजेश मुखिया, देवसर, पंकज यादव, मुकेश मनी, सदानंद यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
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September 01, 2026
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