बिना सिंडिकेट की मंजूरी के UMIS पोर्टल संचालन की खबर पर ABVP ने BNMU पर उठाये सवाल

बीएनएमयू में पिछले एक वर्ष से बिना सिंडिकेट की मंजूरी के UMIS पोर्टल संचालन को लेकर सामने आई खबर के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

अभाविप की केंद्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि  सिंडिकेट की स्वीकृति के बिना UMIS पोर्टल संचालित किया गया है,  यह विश्वविद्यालय अधिनियम और नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि “छात्रों से वसूली गई राशि का स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं होना अत्यंत चिंताजनक है। यह सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता का मामला प्रतीत होता है। समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि छात्रों के प्रमाण-पत्र गिरवी रखकर या सेवा बाधित कर किसी भी प्रकार की वसूली करना निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि UMIS से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। सिंडिकेट की बैठक बुलाकर पूरे मामले की पारदर्शी समीक्षा हो। वसूली गई राशि का ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए,दोषी अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई हो। 

कुलपति के निजी सहायक को एडवांस भुगतान मामले पर अभाविप का हमला, सौरभ यादव ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

बीएनएमयू में कुलपति के निजी सहायक को नियम के विरुद्ध एक करोड़ रुपये एडवांस भुगतान किए जाने की खबर सामने आने के बाद छात्र राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अभाविप के राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख सौरभ यादव ने कहा कि “विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था की जगह वित्तीय अनियमितताओं की चर्चा हो रही है। यदि निजी सहायक को नियमों के विरुद्ध एक बड़ी राशि एडवांस दी गई है, तो यह विश्वविद्यालय की वित्तीय पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।”

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल स्पष्ट करना चाहिए कि किस नियम के तहत यह एडवांस स्वीकृत किया गया,सिंडिकेट या वित्त समिति की क्या भूमिका रही,भुगतान की स्वीकृति प्रक्रिया क्या थी?

सौरभ यादव ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र समिति या राजभवन स्तर से कराई जाए, ताकि छात्रों और आम जनता के बीच सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों की मेहनत की कमाई से चलता है, इसलिए एक-एक रुपये का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। यदि दोष सिद्ध होता है तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। परिषद का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से उनके कार्यकर्ताओं को धमकी दी गई है। 

इस संबंध में जिला संयोजक नवनीत सम्राट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी हितों की लड़ाई को किसी भी प्रकार की धमकी से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “परिषद का आंदोलन पूरी तरह छात्र-हित में है। यदि किसी ने हमारे कार्यकर्ताओं को डराने या धमकाने की कोशिश की है, तो यह निंदनीय है। एबीवीपी का एक-एक कार्यकर्ता छात्रों के अधिकारों के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेगा।”

बिना सिंडिकेट की मंजूरी के UMIS पोर्टल संचालन की खबर पर ABVP ने BNMU पर उठाये सवाल बिना सिंडिकेट की मंजूरी के UMIS पोर्टल संचालन की खबर पर ABVP ने BNMU पर उठाये सवाल Reviewed by मधेपुरा टाइम्स on April 06, 2026 Rating: 5

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