तमौत परसा पंचायत के अलावा रजनी, गंगापुर, कोल्हापट्टी, डुमरिया, रघुनाथपुर, हरिपुर कला और भातखोड़ा पंचायतों में भी गेहूं एवं मकई सहित अन्य रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में तैयार गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई, जबकि लहलहाती मकई की फसल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
अचानक आई इस आपदा से किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों की तीन महीने की मेहनत पलभर में नष्ट हो गई। कई सीमांत एवं छोटे किसान अब आजीविका को लेकर चिंतित हैं।

तमौत परसा पंचायत वार्ड संख्या 05 के किसान संजय सिंह, राजन सिंह, डब्लू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, बैद्यनाथ सिंह, कुशेश्वर सिंह, राधे सिंह, मिथलेश मंडल, दिलीप मंडल, सिंटू मंडल, मदन सिंह सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वेक्षण कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान से मकई एवं तैयार हो रही गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
किसानों ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का अविलंब सर्वेक्षण कर आपदा राहत कोष से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।
किसानों का कहना है कि यह समय सरकार के संवेदनशील हस्तक्षेप का है और उन्हें त्वरित राहत की आवश्यकता है।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
March 21, 2026
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