इस दौरान ओपीडी, टीकाकरण एवं एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सेवा, प्रसव कार्य एवं शिशु टीकाकरण को बाधित नहीं किया गया।
बकाया भुगतान को लेकर फूटा आक्रोश
कुमार रश्मि रंजन के नेतृत्व में धरने पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 की प्रोत्साहन राशि का अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 से इंसेंटिव एवं मोबिलाइजर की राशि बकाया है, जबकि फरवरी 2025 से जननी सुरक्षा एवं परिवार नियोजन की राशि लंबित है। इसके अलावा फाइलेरिया कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों का भी भुगतान नहीं हुआ है।
संघ की अध्यक्ष कंचन कुमारी एवं कोषाध्यक्ष फूल कुमारी ने बताया कि 20 फरवरी को जिला पदाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे नाराज होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
अधिकारियों ने किया हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोपहर 2 बजे थाना प्रभारी अजीत कुमार, मजिस्ट्रेट के रूप में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमारी शैलजा एवं चिकित्सा प्रभारी डॉ. संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
कार्यकर्ताओं की स्पष्ट मांग थी कि जब तक सिविल सर्जन स्वयं पहल कर जांच कमेटी का गठन नहीं करते, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
सिविल सर्जन के आश्वासन पर खत्म हुआ गतिरोध
बाद में मजिस्ट्रेट कुमारी शैलजा ने सिविल सर्जन से मोबाइल पर वार्ता की। सिविल सर्जन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया गया।इसके बाद दोपहर 3 बजे अस्पताल का मुख्य गेट खोला गया और आंदोलन समाप्त हुआ।
जांच टीम गठित, एक सप्ताह में रिपोर्ट
आंदोलन के उपरांत सिविल सर्जन कार्यालय (जिला स्वास्थ्य समिति, मधेपुरा) द्वारा ज्ञापांक 2041, दिनांक 30.03.2026 के तहत जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
गैर संचारी रोग पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित इस टीम में बिहारीगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला लेखा प्रबंधक को सदस्य बनाया गया है। टीम को एक सप्ताह के भीतर मुरलीगंज प्रखंड पहुंचकर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता कुमार रश्मि रंजन एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को भी उपस्थित रहने को कहा गया है।
मरीजों को हुई परेशानी
तालाबंदी के कारण सुबह से दोपहर तक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार करीब 50 मरीज वैकल्पिक रास्तों या अनुरोध के माध्यम से अस्पताल में प्रवेश कर इलाज करा सके, जबकि कई सामान्य मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा।
इमरजेंसी सेवाएं रहीं चालू
हड़ताल के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने इमरजेंसी सेवाओं, प्रसव कार्य एवं शिशु टीकाकरण को जारी रखा, जिससे गंभीर मरीजों को राहत मिली।
दर्जनों कार्यकर्ता रहीं मौजूद
प्रदर्शन में संघ की अध्यक्ष कंचन कुमारी, कोषाध्यक्ष फूल कुमारी सहित पूजा कुमारी, ललिता कुमारी, रेखा कुमारी, रानी देवी, अनिता कुमारी, बबीता देवी, पूनम देवी, गिरिजा देवी, खुशबू कुमारी, किरण कुमारी, जयमाला देवी, लतिका कुमारी, शैल कुमारी, रेणु कुमारी, आशा कुमारी, रूपकला कुमारी, निर्मला कुमारी, संजन कुमारी, चंद्रमा कुमारी, सहिता कुमारी, रूबी देवी, पार्वती देवी, मनी देवी, सुलेखा देवी, संजू देवी, सोनी कुमारी, विमला कुमारी, रिंकी कुमारी, कविता कुमारी, रचना कुमारी, ललिता देवी, निशा प्रवीण समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर डटी रहीं।
Reviewed by मधेपुरा टाइम्स
on
March 30, 2026
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